











































प्रतीकात्मक तस्वीर
आगरा। गर्मी के मौसम में बच्चों में पानी की कमी होना काफी सामान्य होता है, जिसे डिहाइड्रेशन, (dehydration) कहा जाता है। यह एक सामान्य स्थिति होती है, लेकिन यह अत्यधिक गंभीर हो सकती है और बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। वहीं आगरा में गर्मी में बच्चों को ज्यादा परेशानी हो रही है। उन्हें उल्टी-दस्त (vomiting diarrhea) और तेज बुखार हो रहा है। अस्पताल की ओपीडी में 30 फीसदी बच्चे बढ़ गए हैं। जांच में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, शरीर भी कमजोर होना पाया जा रहा है।
एसएन के बाल रोग विशेषज्ञ (pediatrician) ने कहा कि ओपीडी में हर रोज 160 मरीज से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। मरीजों में सबसे ज्यादा बच्चे बीमार हो रहे है। औसतन रोजाना 80-90 बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं, इनमें से 8-10 बच्चों को हालत खराब मिलने पर भर्ती कराया जाता है। राहत की बात ये है कि खांसी-जुकाम के मरीजों में कमी आई है।
गर्मियों में ऐसे रखें ध्यान- Take care in summer like this







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 693
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4025
एस. के. राणा January 20 2026 0 3920
एस. के. राणा January 13 2026 0 3899
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3899
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3591
एस. के. राणा February 01 2026 0 3262
एस. के. राणा February 04 2026 0 3129
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86413
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34140
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35014
लेख विभाग March 19 2022 0 34496
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71797
कोहनी और घुटने के काले पन को दूर करने के लिए दही को उन हिस्सों पर लगाएं इससे दही में लैक्टिक एसिड पा
महारष्ट्र में कोरोना के पिछले 24 घंटे में राज्य में कोरोना के 926 केस सामने आए हैं। एक्टिव केस की सं
बाइडन ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘‘मित्रों, कोविड-19 का अत्यधिक संक्रामक स्वरूप ‘डेल्टा’ ब्रिटेन में
राज्य सरकार ने कहा कि वह अगले साल से मराठी में मेडिकल एजुकेशन की शुरुआत करेगी। राज्य के मेडिकल एजुके
योजना के तहत गरीब मरीजों को भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जाएगा। इसमें मरीज की मुफ्त कीमोथेरेपी होगी। ऑ
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक अचानक मंगलवार रात सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्हो
ये लेप्रोस्कोपिक विधि का एडवांस वर्जन है। पहले लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में जो उपकरण डॉक्टर चलाते थे वो
गर्भवती के स्वास्थ्य व पोषण का ध्यान रखा जाए तो आने वाला बच्चा स्वस्थ होगा | आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृ
सर्वे के अनुसार अब भी बड़ी संख्या में बेटियों की शादी कम उम्र में ही कर दी जाती है। आंकड़ों के अनुसार
कद्दू का सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से छुटकारा मिलता है। क्योंकि कद्दू में विटामिन ए,

COMMENTS