












































प्रतीकात्मक चित्र
न्यूयॉर्क। 94 हजार वयस्कों पर छह वर्ष तक किए गए अध्ययन के नतीजे शनिवार को अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के शीर्ष जर्नल सर्कुलेशन में प्रकाशित हुए। जिसमे निष्कर्ष निकला कि वयस्कों को सप्ताह में 75 मिनट भारी या 150 मिनट साधारण कसरत की सलाह दी जाती है। 75 से 150 मिनट कसरत से हार्ट फेल का खतरा 66 फीसदी कम होता है।
अध्ययन में 96.6 फीसदी श्वेत लोगों को शामिल किया गया था, जिनकी औसत उम्र 56 वर्ष थी। इनमें 57 फीसदी महिलाएं थीं। छह वर्ष तक लगातार इन लोगों की शरीरिक गतिविधियों और दिल के स्वास्थ्य का अध्ययन किया गया। इससे पता चला कि जो लोग सप्ताह में 150-300 मिनट साधारण कसरत करते हैं उनमें कसरत (exercise) नहीं करने वालों की तुलना में हार्ट फेल (heart failure) होने का खतरा 63 फीसदी कम था। इसी तरह सप्ताह में 75 से 150 मिनट भारी कसरत करने पर हार्ट फेल का खतरा 66 फीसदी कम मिला।
स्कॉटलैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लास्गो में जन स्वास्थ्य के व्याख्याता व शोध पत्र के सह-लेखक डॉ. फ्रेडरिक (Dr. Frederick) ने कहा, नियमित शारीरिक गतिविधियां कई तरीकों से हार्ट फेल होने के जोखिम कम करती हैं। मसलन, नियमित कसरत से वजन नहीं बढ़ता, जिसकी वजह से वजन संबंधी कार्डियोमेटाबोलिक (cardiometabolic) स्थितियां, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, टाइप-2 डाइबिटीज को जोखिम कम होता है। इसके अलावा नियमित कसरत से दिल मजबूत होता है।
यह अध्ययन चूंकी पूरी तरह से श्वेत लोगों पर हुआ है, लिहाजा इसके व्यापक असर के लिए व्यापक अध्ययन की जरूरत है। इसके अलावा कितनी तीव्रता और कितनी मात्रा में शारीरिक गतिविधियों को दिल की सेहत (heart health) पर कितना असर होता है, यह जानने के लिए भी अलग अध्ययन जरूरी है।
डॉ. कहते हैं कि 10 मिनट यूं ही पड़े रहने की तुलना में आराम से टहलना भी लाभदायक है। शोध के नतीजे बताते हैं कि शरीर के स्थिर पड़े रहने की तुलना में हर हलचल दिल की सेहत के लिए लाभदायी है। अगर थोड़ा तेजी से चलें तो इसके नतीजे और अच्छे हो सकते हैं।
Edited by Shweta Singh







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