











































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जनऔषधि दिवस के मौके पर जन औषधि केंद्रों के मालिकों से बात की। उन्होंने इस दौरान जन औषधि योजना के फायदे गिनवाए। पीएम मोदी ने कहा कि ये सस्ती होने के साथ-साथ गुणवत्ता में भी अच्छी है। पीएम मोदी ने कहा कि मध्यम वर्ग की आमदनी का बड़ा हिस्सा दवाओं पर खर्च होता है। यदि दवाएं सस्ती हों तो सभी का लाभ होगा। इसलिए मध्यम वर्ग को इस योजना से फायदे होंगे। वहीं पीएम मोदी से एक महिला लाभार्थी ने कहा कि पहले मुझे दवाएं खरीदने में 1500-1600 रुपये का खर्च आता था, और अब इस योजना के साथ मेरी कीमत 250-300 रुपये के बीच है।
जन-औषधि केंद्र पर तन और मन दोनों की दवाइयां मिलती हैं। पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि जन-औषधि केंद्र तन को औषधि देते हैं, मन की चिंता को कम करने वाली भी औषधि हैं और धन को बचाकर जन-जन को राहत देने वाले केंद्र भी हैं। दवा का पर्चा हाथ में आने के बाद लोगों के मन में जो आशंका होती थी कि, पता नहीं कितना पैसा दवा खरीदने में खर्च होगा, वो चिंता कम हुई है।
आज देश में 8,500 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खुले हैं: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में 8,500 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खुले हैं। ये केंद्र अब केवल सरकारी स्टोर नहीं, बल्कि सामान्य मानवी के लिए समाधान केंद्र बन रहे हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि इस वित्तीय वर्ष में जन औषधि केंद्रों के जरिए 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की दवाएं बिकी हैं। इसी साल जन औषधि केंद्र के जरिए गरीब को, मध्यम वर्ग को करीब 5,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। अब तक करीब कुल 13,000 करोड़ रुपये की बचत लोगों को हुई है।
गंभीर बीमारियों की दवाइयों की कीमत पर भी नियंत्रण
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने कैंसर, टीबी, डायबिटीज, हृदयरोग जैसी बीमारियों के इलाज के लिए जरूरी 800 से ज्यादा दवाइयों की कीमत को भी नियंत्रित किया है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1533
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 791
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3619
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
इसके साथ ही एम्स को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच गयी है। एम्स प
स्क्रब टायफस के ज्यादातर मरीज पहाड़ी इलाकों में ही पाए जाते हैं। यह एक जीवाणुजनित संक्रमण है, जिससे
डब्ल्यूएचओ के इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन इमरजेंसी कमेटी के अनुसार, दुनिया में अब जानवरों और इंसानों के
यूपी में पांच वर्ष तक के अति कुपोषित व मध्यम कुपोषित बच्चों को चिह्नित करने के साथ ही उनके स्वास्थ्य
मसूड़ों में रोग होने, दाँत टूटने और मौखिक कैंसर ऐसी बीमारियाँ हैं, जिनकी रोकथाम सम्भव है। वहीं दाँतो
शोधपत्र को पूरा करने में आईसीएमआर-आईएएसआरआई दिल्ली के वैज्ञानिकों ने अहम भूमिका निभाई है। प्रमुख शोध
आमतौर पर गंजापन रोग के कारण नहीं होता है। यह उम्र बढ़ने, आनुवंशिकता या हार्मोन में बदलाव से भी संबंध
लखनऊ में वेंटिलेटर की बदहाल व्यवस्था ने दूसरे दिन भी एक मरीज की जान ले ली। लकवाग्रस्त मरीज को समय पर
दातुन या परम्परागत मंजन वैक्टीरिया को मारता तो है लेकिन ये दांतों की सफाई पूरी तरह नहीं करता है। टूथ
जिलाधिकारी वाराणसी डीआरडीओ अस्पताल से समन्वय स्थापित करते हुए डॉ. सूर्यकान्त की अध्यक्षता में बनी इस

COMMENTS