











































प्रतीकात्मक
पटना। अगर आप चाहते हैं कि आपका गॉल ब्लैडर ठीक-ठाक रहे, लीवर सही तरीके से काम करे तो आपको प्रकृति की शरण में आना पड़ेगा। हरी साग-सब्जियों से दोस्ती करनी पड़ेगी। जंक फूड और तेल-मसालों से दूर रहना होगा। पानी खूब पीना होगा और थोड़ी रनिंग भी करनी होगी। इस तरह आप अपने गॉल ब्लैडर को सही रख सकते हैं।
गॉल ब्लैडर शरीर का अत्यंत अहम हिस्सा है। इसे हिंदी में पित्त की थैली कहते हैं। गॉल ब्लैडर बेहद नाजुक होता है। अगर यह ठीक तरीके से काम नहीं करे तो आप बीमार हो सकते हैं। पाचन क्रिया में दिक्कत हो सकती है।
पटना के वरिष्ठ जनरल सर्जन डा. डीएस सिंह ने हेल्थजागरण.काम को बताया कि पित्त की थैली शरीर का एक बेहद छोटा पर अत्यंत नाजुक अंग है। यह लीवर के ठीक पीछे होता है। यह पित्त को संग्रहित करता है और भोजन के बाद पित्त नली के माध्यम से छोटी आंत में पित्त को डिस्चार्ज करता है।

डा. सिंह ने बताया कि हाल के दिनों में आम लोगों में गॉल ब्लैडर से जुड़ी कई बीमारियां सामने आई हैं। इसका इलाज कई बार दवा देकर कर दिया जाता है, कई बार आपरेशन करना पड़ता है। आपरेशन अंतिम विकल्प होता है।
आखिर गॉल ब्लैडर की किसी भी समस्या से बचें कैसे, इस सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि इन दिनों फास्ट फूड का चलन बहुत ज्यादा है। यह नुकसानदेह होता है। लोग मटन आदि बहुत खाते हैं। रेड मटन में फैट बहुत होता है। यह चर्बी बढ़ाता है। जो मोटे लोग होते हैं, उनमें इस तरह की बीमारी की आशंका ज्यादा होती है।
जो दुबले-पतले लोग होते हैं, उनमें गॉल ब्लैडर की समस्या बहुत कम देखी गई है। मेरा सुझाव है कि लोगों को प्रकृति की तरफ लौटना चाहिए। चावल, दाल, रोटी, हरी सब्जी आदि का सेवन ज्यादा अहम होता है। पानी खूब पीना चाहिए। आप रूटीन से खाना खाएं। तीन वक्त तो खाना बेहतर हेल्थ के लिए जरूरी है। सुबह का नाश्ता हैवी करें। दोपहर का खाना हल्का हो। रात का खाना भी हल्का ही हो।

ज्यादा चिकनाई युक्त भोजन से बचना चाहिए। अत्यधिक मसाला, तेल, घी, डालडा आदि आपके शरीर के लिए नुकसानदायक है। कोशिश करें कि सरसों के शुद्ध तेल में, कम मात्रा में बनी सब्जी का ही सेवन करें। अब तो खाद आदि का इस्तेमाल सब्जियों में बढ़ता जा रहा है। बिना खाद वाले, बिना रसायन वाली सब्जियां अगर मिलें (आर्गेनिक) तो उनका ही सेवन ज्यादा बेहतर होता है।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4585
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3759
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34714
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72462
चीन की राजधानी बीजिंग में मिडिल स्कूल के 10 स्टूडेंट्स कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं। इसे लेकर च
यूपी से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की दिल दहला देने वाली तस्वीर फिर सामने आई है। गर्भवती महिला एम्ब
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार को कोविशील्ड वैक्सीन की दो करोड़ खुराक नि:शुल्क देने की
प्रदेश के सभी जिलों को उच्च जोखिम गांवों की संख्या के हिसाब से चार श्रेणी में विभाजित किया गया है। 1
खाने की कई ऐसी चीजें जो हम रोज खाते हैं वो कैंसर का कारण बन सकती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कैंसर से
फेफड़ों को पूरी तरह स्वस्थ रखने के बारे में जागरूकता के लिए हर साल 25 सितम्बर को विश्व फेफड़ा दिवस मना
मरीज को रविवार को केजीएमयू से छुटटी दे दी गई। रोगी थकान, भूख न लगना और बाद में पीलिया और रक्तस्राव क
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, “टीके की कमी बताने वाला मीडिया समाचार भ्रामक एवं असत्य ह
अगर आप इन सब्जियों का इस्तेमाल करते है तो हो जाइए सावधान, जी हां ऐसे में अगर आपको मॉनसून में स्वस्थ
खुली जगह में अतिक्रमण कर अवैध डेरी संचालित है। दिन भर आवारा गोवंश का झुंड रहता है। वहीं, नगर निगम क

COMMENTS