











































प्रतीकात्मक चित्र
अनंतनाग। देश के कई राज्यों में गायों और पशुओं में लंपी वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मवेशियों में फैली लंपी स्किन बीमारी की वजह से डेयरी किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पशुपालक भी परेशान हैं। एक आंकड़े के अनुसार देश भर में 60 हजार से ज्यादा गायों की इस जानलेवा वायरस की वजह से मौत हो चुकी है। राजस्थान में ये संख्या तो 35 हजार के पार जा चुकी है।
उधर दक्षिण कश्मीर (Kashmir) के कई इलाकों में 30 हजार से ज्यादा गायें इस स्किन की बीमारी की चपेट में हैं। अनंतनाग (Anantnag) जिले के महमूदाबाद (Mahmudabad) इलाके में रहने वाले अधिकतर लोगों की आमदनी का मात्र जरिया पशुपालन है। वह रोजाना दूध बेचकर अपना गुजारा करते हैं। अब लंपी (Lumpy) वायरस के कारण लोगों को दूध का कारोबार ठप करना पड़ा है।
इलाके में तैनात वेटरनरी (veterinary) डॉक्टर मलिक रफी का कहना है कि इस बीमारी के प्रशासन पूरी मजबूती से लड़ रहा है। पूरे दक्षिणी कश्मीर में प्रभावित इलाकों में पशुओं को टीका लगाया जा रहा है। डॉक्टर मलिक रफी कहते हैं कि वेटरनरी डिपार्टमेंट का जोर इसी बात पर है कि इस बीमारी को फैलने से रोका जाए।पशुओं (animals) पर बैठने वाले मच्छर (Mosquitoes) और मक्खियां इस बीमारी को एक जानवर से दूसरे जानवर तक फैला रहे हैं। ऐसे में संक्रमण रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।







हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3822
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3689
एस. के. राणा January 20 2026 0 3633
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3360
एस. के. राणा February 01 2026 0 3038
एस. के. राणा February 04 2026 0 2898
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86301
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33902
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37138
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34321
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71587
शहरों में रहने वाले 73 प्रतिशत धनी लोगों में प्रोटीन की कमी है और उनमें से 93 प्रतिशत लोगों को यह जा
इस वक्त दिल्ली एनसीआर के ज्यादातर हिस्सों में धुंआं और धूल नजर आ रहा है। जैसे जैसे ठंड बढ़ेगी इस तस्
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्र व बीआरडी मेडिकल कालेज के टीबी एंड चेस्ट के विभागाध्यक्ष डॉ.
खाने-पीने की कुछ चीजें शरीर में सीधे रूप से ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करती हैं। इसमें मिट्ठा, वसा य
दातुन या परम्परागत मंजन वैक्टीरिया को मारता तो है लेकिन ये दांतों की सफाई पूरी तरह नहीं करता है। टूथ
चीन में आम जीवन स्तर ऊंचा हो रहा है, लेकिन इसकी महंगी कीमत भी वहां के लोगों चुकानी पड़ रही है। हालात
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-4) के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में, मोटे लोगों की संख्या द
घरों में डेंगू का लारवा मिलने पर नोटिस दिया जा रहा है। बढ़ते मामले को देखते हुए नगर निगम सक्रिय हो ग
चिकित्सक के प्रति मरीजों एवं समाज का रवैया बिल्कुल बदला हुआ है। इसके लिए केवल रोगी ही जिम्मेदार नहीं
आयुष्मान योजना के अंतर्गत अब दिल, मानसिक और न्यूरो के इलाज में नए पैकेज शुरू किए गए हैं। साथ ही 365

COMMENTS