











































प्रतीकात्मक तस्वीर
लखनऊ। यूपी में लगातार कोरोना (COVID-19) के मामलों में बढ़ोत्तरी जारी हैं। स्वास्थ्य विभाग (health Department) की ओर से आई रिपोर्ट में 24 घंटे में 510 नए मरीज मिले हैं। राजधानी लखनऊ में 66 कोविड-19 के मामले सामने आए है। वहीं जनपद के चिनहट-14, रेडक्रास-7, अलीगंज-5, एन.के. रोड-5, सरोजनीनगर-5, आलमबाग-4, इन्दिरानगर-4 इत्यादि क्षेत्रों के है। राहत की बात ये है कि आज 121 व्यक्ति कोविड संक्रमण से स्वस्थ हुए। जनपद में कोविड एक्टिव केसों (active cases) की संख्या-647 पहुंच गई है।
वहीं प्रदेश में एक्टिव मरीजों (Active Patients) की संख्या बढ़कर 3550 पहुंच गई है। हालांकि इस दौरान 830 मरीज रिकवर भी हुए। सबसे ज्यादा संक्रमित लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में मिले हैं। कौशाम्बी और महोबा को छोड़कर राज्य के सभी 73 जिलों में कोरोना फैल चुका है।
कोविड-19 से बचाव के लिए बरतें ये साविधानियां-
1. वृद्ध एवं बच्चों को भीड भाड वाले जगहों पर ले जाने से बचे।
2. सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य भीडभाड वाले स्थानों पर मास्क लगाएं।
3. सेनेटाइजर की व्यवस्था करते हुए सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन करें।







हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 91
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8078
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1967
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1715
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1589
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 8078
एस. के. राणा January 20 2026 0 5292
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5180
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4907
एस. के. राणा January 13 2026 0 4788
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4753
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87197
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38279
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35770
लेख विभाग March 19 2022 0 35399
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73015
पूरा मामला इसलिए गंभीर है कि जो बच्चा जन्म से ही सब कुछ सही देख रहा था, उसकी आंखों की रोशनी धीरे-धीर
हेल्थ जागरण ने सद्गुरु से प्राचीन वैदिक मूल स्वास्थ्य सिद्धांतों के तहत पूरी दुनिया को लाने का सवाल
देश के कॉलेजज़ में अब मेडिकल, लॉ, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग और आर्ट की पढ़ाई एक साथ करने का रास्ता खुल गय
सीएमओ डॉ संजय भटनागर ने बताया पानी की जांच जलकल विभाग की जिम्मेदारी है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की कोई
राज्यव्यापी धरने के तहत पारा मेडिकल छात्रों ने अपने 6 सूत्रीय मांगों को लेकर भगवान महावीर आयुर्विज्ञ
कब्ज के सटीक कारण की पहचान करना अक्सर मुश्किल होता है। हालाँकि, ऐसी कई चीजें हैं जो इस स्थिति में यो
आजादी के बाद 74 वर्षों तक उत्तर प्रदेश में 20,000 स्वास्थ्य उपकेंद्र थे, जबकि वर्तमान सरकार ने एक दि
जहां महिला के एक्स रे में चाबी निकली है। अब इस बात को लेकर महिला अपने साथ एक्स रे को लेकर इलाज के लि
ब्रजेश पाठक, उप-मुख्यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा के कर कमलों द्वारा संस्थान के पुनर्निमित आर्थोपेडिक्स इ

COMMENTS