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लखनऊ। चिकित्सकों के लिए अभी तक बताना मुश्किल होता है कि किसी गंभीर मरीज (critical patient) को कितनी देर बाद आईसीयू (ICU) या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है। वहीं अब डॉक्टर जल्द ही एक डिवाइस की मदद से इसका सटीक आलकल कर सकेंगे। पीजीआई स्थित सेंटर फॉर बायोमेडिकल (Center for Biomedical) रिसर्च के विशेषज्ञों ने ये डिवाइस बनाई है। फिलहाल अभी इसकी टेस्टिंग चल रही है।
सीबीएमआर के डीन डॉ. नीरज सिंह ने ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (respiratory distress syndrome) में मरीज के फेफड़ों की स्थिति का पता कर सकेंगे। ये ब्लड के कई मॉलिक्यूल पर काम करती है। इसमें ब्लड सैंपल (blood sample) लेकर डिवाइस की मदद से जांच की जाएगी। ये डिवाइस सिर्फ खून की जांच से फेफड़ों की स्थिति बताएगी।
इसके अलावा सीबीएमआर के निदेशक (Director of CBMR) प्रो. आलोक धवन ने बताया कि छोटे अस्पतालों के लिए ये डिवाइस वरदान साबित होगी। साथ ही डॉक्टर आलोक धवन ने कहा कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल को ये डिवाइस क्लिनिकल ट्रायल (clinical trial) के लिए दी जाएगी। कई केंद्रों में क्लिनिकल ट्रायल के बाद इसका टेक्नॉलजी ट्रांसफर किया जाएगा।







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