











































प्रतीकात्मक
काफी सारे लोग वजन कम (weightloss) करने की समस्या का सामना करते हैं। पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करना केवल सुंदरता से जुड़े उद्देश्यों के लिए नहीं है।
आंत का वसा (visceral fat) वसा का वह प्रकार है जो मुख्य रूप से पेट में बीच के भाग में जमा होता है, आपके शरीर में विभिन्न प्रकार के तनाव हार्मोन का उत्पादन बढ़ा देगा, जो आपके शरीर की इंसुलिन उत्पादन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। नतीजतन, अतिरिक्त पेट की चर्बी टाइप-2 मधुमेह और हृदय रोग जैसी जटिल बीमारियों की ओर ले जाती हैं। केवल पेट की चर्बी कम करने का कोई तरीका नहीं है लेकिन संतुलित खान-पान, व्यायाम और नियमित जीवनशैली से पेट की चर्बी धीरे-धीरे कम होगी। पेट की चर्बी कम करने के लिए शुरुआती स्टेप्स जानने से आप बेहतर महसूस कर सकते हैं, और ये आपको स्वस्थ और अधिक सक्रिय जीवनशैली की ओर ले जा सकता है।
अपने आहार में बदलाव करना (Changing Your Diet Style)
1. कैलोरी के सेवन में कमी करें: वजन कम करने के बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात पूरा थकने तक वर्कआउट करना नहीं — बल्कि आपका आहार है। यदि आप प्रतिदिन की तुलना में 500 से 750 अधिक कैलोरी बर्न करते हैं, तो आप प्रति सप्ताह आधा-एक किलो (इससे अधिक वेट लॉस को खतरनाक माना जाता है) वजन घटा सकते हैं। ऐसे कई तरीके हैं, जिनकी मदद से आप अपने आहार से थोड़ा थोड़ा करके कैलोरी कम कर सकते हैं, जिसमें ज्यादा कैलोरी वाली ड्रेसिंग को किसी कम कैलोरी वाले विकल्प से बदलकर और अतिरिक्त फैट वाली ड्रेसिंग/सॉस को साइड में लेकर, टीवी के सामने बैठकर खाने की बजाय, खाने की टेबल पर खाना, अपने खाने में ज्यादा वसा वाली चीजों को हटाकर, छोटे प्लेट का इस्तेमाल कर, अपनी कॉफी ड्रिंक पर व्हिप्ड क्रीम या आइसक्रीम न लेना, शामिल है।
2. अधिक प्रोटीन का सेवन करें: क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत और इनकी वृद्धि और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए शरीर को प्रोटीन की आवश्यकता होती है। ये वजन घटाने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। ज्यादा प्रोटीन वाले आहार से लोगों को पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं और कार्बोहाइड्रेट की कमी के साथ इस तरह की डाइट वेट लॉस में आपकी मदद कर सकती है। हालांकि, ये याद रखना महत्वपूर्ण है कि प्रोटीन के सभी स्रोत आपके लिए अच्छे नहीं होते है। रेड मीट और फुल-फैट डेयरी प्रॉडक्ट, भले इनमें प्रोटीन अधिक मात्रा में होता है, लेकिन ये हृदय रोग के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं। यहाँ प्रोटीन के कुछ अच्छे स्रोत दिए गए हैं।
सोया प्रोटीन, सब्जियां और बीन्स, नट्स या मेवे, फैट-फ्री या कम फैट वाले डेयरी प्रॉडक्ट
3. पॉलीअनसेचुरेटेड-फैट: का सेवन करें: भले सेचुरेटेड फैट की वजह से शरीर में आंत के वसा का जमाव होता है, जिसकी वजह से पेट के आकार में बढ़त और अतिरिक्त वजन बढ़ता है, स्टडीज़ से पता चला है कि ज्यादा पॉलीअनसेचुरेटेड फैट वाले आहार शरीर के वसा के बजाय मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है। पॉलीअनसेचुरेटेड फैट रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कम करने में मदद कर सकता है, जो स्ट्रोक और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता है। पॉलीअनसेचुरेटेड फैट के स्त्रोत में ये शामिल हैं।
सोयाबीन का तेल, मक्के का तेल, सूरजमुखी का तेल, सूरजमुखी के बीज, सोयाबीन, ऑलिव ऑयल, अखरोट
4. कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करें: कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाले खाद्य पदार्थ उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों की तुलना में अधिक धीरे-धीरे पचते और अवशोषित होते हैं, और जब बढ़ी हुई शारीरिक गतिविधि के साथ में कम-GI वाले आहार का सेवन किया जाता है, तब इन्हें वजन कम करने में आपकी मदद करते पाया गया है। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स खाद्य पदार्थ में ये नाम शामिल हैं:
बीन्स और दाल, सेब, एप्रीकोट, केले, गाजर, मक्का, आम, ऑरेंज, कुछ तरह के पास्ता
5. प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से बचें: सहजता के लिए हम अक्सर प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं। लेकिन कुछ प्रोसेस्ड फूड, जैसे कि रिफाइंड अनाज और रिफाइंड चीनी, शरीर में सूजन बढ़ा देते हैं और पेट की चर्बी की बढ़ी हुई मात्रा से जुड़े होते हैं।
6. ग्रीन टी : का सेवन करें: कुछ स्टडीज़ से पता चला है कि ग्रीन टी (डिकैफ़िनेटेड ग्रीन टी सहित) का सेवन या ग्रीन टी का अर्क लेने से शरीर में वसा का ऑक्सीकरण बढ़ सकता है और शरीर में वसा की मात्रा कम हो सकती है। इन स्टडीज़ में ग्रीन टी के एक्सट्रेक्ट को केप्सूल के रूप में दिया गया, लेकिन डाइटिंग करने वालों को यही प्रभाव ग्रीन टी पीने के साथ भी मिले।
7. पर्याप्त कैल्शियम लें: वयस्कों को आमतौर पर मसल्स और तंत्रिकाओं को काम करने के लिए प्रति दिन 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है, और यह हड्डियों और दांतों दोनों के लिए भी आवश्यक है।[२१] लेकिन कैल्शियम शरीर को पेट में चर्बी जमा करने से रोकता है। हालांकि, स्टडीज़ में कैल्शियम के सेवन से वजन घटने पर बड़े बदलाव नहीं दिखे हैं, लेकिन रिसर्चर सलाह देते हैं कि इससे कुछ लोगों में हल्के प्रभाव दिख सकते हैं। कैल्शियम को शरीर में सोखने के लिए विटामिन D की जरूरत होती है इसलिए साथ में भरपूर विटामिन D भी लेने का ध्यान रखें। कैल्शियम के कुछ अच्छे स्रोत में ये शामिल हैं।
भोजन की खुराक, नॉन-फैट या कम फैट वाला दूध और डेयरी प्रॉडक्ट

नियमित रूप से इन उपायों को करने से आपका पेट सुडौल और निरोगी हो जाएगा।
अगले अंक में पेट की चर्बी घटने के अन्य उपाय भी पढ़ें







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