












































Dr Harshit Gupta cardiologist at Regency Hospital Lucknow
नयी दिल्ली। कोलेस्ट्रॉल बीपी और बाकी रिपोर्ट्स नॉर्मल होने के बाद भी हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। डॉक्टर ने लिपोप्रोटीन के बारे में बताया जिसका बढ़ना LDL से भी खतरनाक हो सकता है। हार्ट अटैक के मामले आजकल तेजी से बढ़ रहे हैं। कम उम्र में भी हार्ट अटैक आम होता जा रहा है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि हार्ट अटैक के पीछे बीपी शुगर कोलेस्ट्रॉल और मोटापे जैसी वजह हो सकती हैं। लेकिन कई बार ऐसे मामले भी सामने आते हैं, जब सारी रिपोर्ट नॉर्मल होने पर भी हार्ट अटैक आ जाता है। जब कोलेस्ट्रॉल या बीपी जैसी कोई समस्या नहीं थी तो हार्ट अटैक आना कैसे पॉसिबल है? ऐसे में एक टेस्ट की बात सामने आती है, तो ज्यादातर भारतीय लाइफ में कभी कराते ही नहीं है। इस ब्लड टेस्ट को लिपोप्रोटीन (a) या Lp (a) कहा जाता है। यह खून में मौजूद एक खास तरह के लिपोप्रोटीन का लेवल बताता है, जिसका बढ़ना हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम से जुड़ा हुआ हो सकता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
बैड कोलेस्ट्रॉल से बड़ा दुश्मन है लिपोप्रोटीन (a)
रीजेंसी हास्पिटल लखनऊ के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ हर्षित ने कहा कि सभी हेल्थ रिपोर्ट्स नॉर्मल होने के बाद भी हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। आमतौर पर लोग LDL को बुरा कोलेस्ट्रॉल मानते हैं, लेकिन लिपोप्रोटीन (a) उससे भी बड़ा विलेन है। इसके पास एक्सट्रा चिपकने वाला प्रोटीन होता है, जो तीन काम एक साथ करता है। डॉक्टर कहते हैं दिल की धमनियों में प्लाक इन्फ्लेमेशन और खून का थक्का जमने की प्रक्रिया हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए सिर्फ कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट देखकर निश्चिंत हो जाना सही नहीं है। जरूरत पड़ने पर लिपोप्रोटीन(a) की जांच कराना भी हार्ट हेल्थ का अंदाजा लगाने में मदद कर सकता है। रूटीन चेकअप में नहीं पता चलता इसका लेवल डॉक्टर बताते हैं सबसे बड़ी प्रॉब्लम है कि आपका रूटीन कोलेस्ट्रॉल टेस्ट या लिपिड प्रोफाइल इसके लेवल को दिखाते ही नहीं हैं। इसलिए सभी रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद भी अचानक हार्ट अटैक आ जाता है।
BP और कोलेस्ट्रॉल सामान्य होने पर भी हार्ट अटैक क्यों आता है?
इसके कई कारण हो सकते हैं-धमनियों में ब्लॉकेज कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट सामान्य होने के बावजूद धमनियों में प्लाक जमा हो सकता है। डायबिटीज: शुगर की बीमारी दिल की धमनियों को नुकसान पहुँचा सकती है। धूम्रपान या तंबाकू: इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है। तनाव और नींद की कमी: ये हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। परिवार में हृदय रोग का इतिहास: कम उम्र में परिवार के किसी सदस्य को हार्ट अटैक हुआ हो, तो खतरा बढ़ सकता है। अन्य कारण: कभी-कभी धमनियों में अचानक खून का थक्का बनने या उनमें ऐंठन होने से भी हार्ट अटैक हो सकता है।
हार्ट अटैक के लक्षण
यदि इनमें से कोई लक्षण हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें छाती में दबाव जकड़न या दर्द दर्द का बाँह, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैलना साँस लेने में परेशानी अचानक ठंडा पसीना आना मतली चक्कर या अचानक बहुत कमजोरी महसूस होना। हार्ट अटैक के दौरान BP सामान्य रह सकता है। कुछ लोगों में BP बढ़ता है, जबकि कुछ में गिर भी सकता है। केवल BP या कोलेस्ट्रॉल की रिपोर्ट से हार्ट अटैक को खारिज नहीं किया जा सकता। यदि अभी सीने में दर्द साँस फूलना या ठंडा पसीना आ रहा है, तो तुरंत इमरजेंसी में जाएँ। जाँच के लिए ECG और ट्रोपोनिन ब्लड टेस्ट की आवश्यकता हो सकती है।
ज़रूरी बात: अगर छाती में दबाव या दर्द, साँस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना या अचानक कमजोरी हो रही है, तो तुरंत इमरजेंसी में जाएँ। BP सामान्य होने पर भी हार्ट अटैक हो सकता है।







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