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रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू में फेफड़ों के कैंसर के निदान के लिए चल रहा हैं लंग कैंसर क्लीनिक

5 ऐसे खाद्य पदार्थ है जो आपके कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं वे मांस, तला हुआ खाना, रिफाइन्ड (परिष्कृत) उत्पाद, तम्बाकू, शराब और कार्बोनेटेड पेय, डिब्बाबंद और पैक्ड खाद्य पदार्थ हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
February 05 2022 Updated: February 05 2022 18:52
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रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू में फेफड़ों के कैंसर के निदान के लिए चल रहा हैं लंग कैंसर क्लीनिक विश्व कैंसर दिवस के अवसर जन जारूकता फैलाते रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर्स

लखनऊ। देश में लंग कैंसर के मरीजो की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश में लगभग 1 लाख लंग कैंसर के मरीज हैं, जिनमें पुरुषों की संख्या लगभग 70 हजार है एवं महिलाओं की संख्या 30 हजार है। जिसका मुख्य कारण विगत वर्षों में बढ़ता हुआ प्रदूषण, कीटनाशक दवाओं का अत्याधिक उपयोग एवं अन्य मुख्य कारणों में धूम्रपान, घरों के चूल्हों से निकला हुआ धुआं व परोक्ष धूम्रपान है। 

उक्त जानकारी किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्षय डा0 सूर्यकान्त ने विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर दिया। उन्होंने बताया कि कैंसर कई प्रकार के होते हैं जैसे लंग कैंसर, ब्लड कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, मुंह का कैंसर, मस्तिष्क का कैंसर, गले का कैंसर, अंडाशय का कैंसर, पेट का कैंसर, स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर आदि। पेट में लगातार दर्द बने रहना, त्वचा पर निशान, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, कफ और सीने में दर्द, थकान और कमजोरी महसूस करना, घाव का ठीक न होना, शरीर के किसी हिस्से में गांठ महसूस होना, शरीर का वजन अचानक से कम या ज्यादा होना कैंसर के लक्षण हो सकतें हैं।

डा0 सूर्यकान्त ने फेफड़ों के कैंसर के बारे में बताते हुए कहा कि लगातार खांसी आना, सांस फूलना, खांसी के साथ खून का आना, सीने में दर्द, वजन कम होना और बार बार लंग इंफेक्शन होना फेफड़ों के कैंसर के लक्षण हो सकतें हैं। लंग कैंसर पुरूष एवं महिलाओं में मुख्य 5 प्रकार के कैंसरों में से एक है। 

उन्होंने बताया कि फेफड़ों के कैंसर का उपचार 4 तरीकों से किया जाता है; सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरिपी एवं इम्यूनोथेरेपी। उन्होने लंग कैंसर के इलाज की प्रमुख समस्या के बारे में बताया कि 90 प्रतिशत रोगी लंग कैंसर की अंतिम अवस्था में चिकित्सकों के पास पहुचतें है जिससे उनका इलाज संभव नहीं हो पाता है। 

डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि 13 खाद्य पदार्थ जो आपके कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं वे ब्रोकोली, गाजर, बीन्स, जामुन, दालचीनी, नट, जैतून का तेल, हल्दी, खट्टे फल, अलसी, टमाटर, लहसुन, मछली हैं। जबकि 5 ऐसे खाद्य पदार्थ है जो आपके कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं वे मांस, तला हुआ खाना, रिफाइन्ड (परिष्कृत) उत्पाद, तम्बाकू, शराब और कार्बोनेटेड पेय, डिब्बाबंद और पैक्ड खाद्य पदार्थ हैं।

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग अपना 75 वाँ स्थापना वर्ष मना रहा है। इसी कड़ी में रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग ने ’’वर्ल्ड कैंसर दिवस’’ मनाया। 4 फरवरी को पूरी दुनिया में ’’वर्ल्ड कैंसर दिवस’’ मनाया जा रहा है। हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है, इसकी शुरूआत सन् 1993 से हुई थी। इस वर्ष कैंसर दिवस की थीम ’’क्लोज द केयर गैप’’ है। 

डा0 सूर्यकान्त ने बताया कि विभाग में 9 विशिष्ट क्लीनिक चल रही है। जिसमें से एक ’’लंग कैंसर क्लीनिक’’ भी है। यह फेफड़ों के कैंसर की यह क्लीनिक रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में प्रत्येक वृहस्पतिवार को अपरान्ह 01 बजे से 03 बजे के बीच चलायी जाती है। इस क्लीनिक में मरीज दिखाने के लिए पहले से आनलाइन पंजीकरण कराना होगा, पंजीकरण हेतु केजीएमयू की साइट पर उपलब्ध फोन नम्बर 0522-2258880 पर काल कर के व www.ors.gov.in पर जा कर बुक कर सकते हैं। साथ ही रोगी कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट के साथ तय तिथि पर उपचार हेतु आ सकता है। 

ज्ञात रहे कि रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग फेफड़ों के कैंसर का निदान व उपचार 1989 से कर रहा है और विशिष्ट ’’लंग कैंसर क्लीनिक’’ भी चल रही है। आज के कार्यक्रम में रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के सभी चिकित्सक- डा0 संतोष कुमार, डा0 अजय कुमार वर्मा, डा0 आनन्द श्रीवास्तव, डा0 डी के बजाज, डा0 ज्योति बाजपेई व रेजिडेन्ट डाक्टर्स व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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