











































सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जायजा लेते अधिकारीगण
लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग का हरसंभव प्रयास है कि जल्द से जल्द जनपद के शत-प्रतिशत पात्र लोगों को कोविड टीके की दोनों डोज से आच्छादित किया जा सके । इसके साथ ही 15 से 18 साल के सभी किशोर-किशोरियों का टीकाकरण पूर्ण किया जा सके । इस योजना पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में विभाग की पूरी टीम मुस्तैदी से जुटी है ।
इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज अग्रवाल व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. डी. मिश्रा ने शुक्रवार को मोहनलालगंज, नगराम और तेलीबाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और गांवों में पहुंचकर वहाँ का जायजा लिया और लोगों को कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित किया।

अधिकारियों ने जनपदवासियों से अपील किया कि पात्र लोग शत-प्रतिशत कोविडरोधी टीकाकरण कराएं और जिले को कोरोना मुक्त बनाएं । टीकाकरण के साथ ही कोविड प्रोटोकाल का भी ख्याल रखें, जब भी बाहर निकलें मास्क से नाक व मुंह को ढककर रखें, एक दूसरे से दो गज की दूरी बनाकर रखें और हाथों की स्वच्छता का भी पूरा ख्याल रखें ।
इसके अलावा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आर.वी. सिंह ने सरोजनीनगर व एन. के. रोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजेन्द्र चौधरी ने ऐशबाग नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.पी. सिंह ने नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इंदिरनागर और सीएचसी सिल्वर जुबली, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मिलिंद वर्धन और जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी ने नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टूडियागंज का दौरा किया ।
इस दौरान अधिकारियों ने टीकाकरण से छूटे लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया । सभी अधिकारियों ने लोगों से कहा कि कोरोना का टीका गर्भवती सहित 15 वर्ष से आयु के ऊपर के सभी लोगों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है । कोरोना से लड़ाई में यही मुख्य कारगर हथियार है, साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर हम कोरोना से बच सकते हैं । अभी 15 साल से छोटे बच्चों की कोविड की वैक्सीन नहीं आयी है । इसलिए परिवार में 15 साल से ऊपर के सभी सदस्य कोविड का टीका अवश्य लगवाएं इससे वह खुद तो सुरक्षित होंगे ही साथ ही घर के छोटे बच्चे भी सुरक्षित रहेंगे क्योंकि टीका लगने के बाद में अगर कोरोना हो भी जाता है तो इसकी तीव्रता बहुत नहीं होती है और अन्य लोगों के संक्रमित होने की संभावना भी नहीं होती है |
जिले में तीन फरवरी तक 73,71,838 कोविड टीके की डोज लगाई जा चुकी है । इसमें 15-18 साल तथा 18 साल से अधिक आयु के 41,51,575 लोगों को कोविड टीके की पहली डोज लग चुकी है । 31,35, 260 लोग टीके की दूसरी डोज से भी आच्छादित हो चुके हैं । इसके अलावा 85,003 लोगों को एहतियाती डोज भी लगाई जा चुकी है ।







हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 350
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3661
एस. के. राणा January 20 2026 0 3626
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3332
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2863
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33888
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
पैदल चलने से हृदय रोग की प्राथमिक और माध्यमिक रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता है। तेज
जैसे जैसे हमारी आयु बढ़ती है, हमारे शरीर की कई प्रणालियां जर्जर होने लगती हैं। जैसे कि हमारी आंखे कम
इसे पानी में मिलाकर नहाने से शरीर की चमक बनी रहती है। इसमें मौजूद विटामिन-ई, पालीफेनोल और सायटोस्टेर
गौतमबुद्धनगर में 120, गाजियाबाद में 49 और लखनऊ में 12 नए कोरोना पाजिटिव मरीजों की पुष्टि होने पर सीए
आपके शरीर को विटामिन और खनिजों की आवश्यकता होती है, और सब्जियां यह सब प्रदान करती हैं। कमजोर नजर से
इस मेले के माध्यम से गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श और जरूरी सेवाएं, परिवार नियोजन के स्थायी व अस
पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मामलों की संख्या में 10,183 की कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को 1
अमेरिकी हेल्थ इफेक्ट इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में पता चलता है कि पीएम 2.5 प्रदूषण के कारण 2019 में दिल
मलाशय के रक्तस्राव सबसे आम कारण बवासीर है। अन्य कारणों में गुदा में दरार, एनोरेक्टल फिस्टुला, बड़ी आ
यह पीढ़ी अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक है और सक्रियता से कदम बढ़ा रही है। इसी दौरान मेडिबडी ने पल्मन

COMMENTS