











































प्रतीकात्मक
लखनऊ। पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को उचित पोषण प्रदान करने के उद्देश्य से जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) चलायी जा रही है| कोरोना काल में यह योजना गर्भवतियों के लिए वरदान साबित हुयी है | कोरोना काल में एक अप्रैल 2020 से 28 जून 2021 तक कुल 12,707 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है | यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय भटनागर ने दी |
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना एक जनवरी 2017 से शुरू की गयी थी | इस योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर पोषण के लिए पांच हजार रुपये तीन किश्तों में गर्भवती के खाते में दिए जाते हैं | पहली किश्त 1,000 रुपये की गर्भधारण के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कराने पर, दूसरी किश्त में 2,000 रुपये 180 दिनों के अन्दर व 2,000 रूपये की तीसरी किश्त प्रसव पश्चात तथा शिशु के प्रथम टीकाकरण चक्र के पूरा होने पर मिलते हैं |
प्रजनन बाल स्वास्थ्य के नोडल अधिकारी व अपर मुख्य चिकत्सा अधिकारी डा. अजय राजा ने बताया कि विभाग द्वारा हर गर्भवती को इस योजना के तहत पंजीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है | इस योजना का आवेदन फॉर्म भरने के लिए आशा या एएनएम् से मदद ली जा सकती है या घर बैठे www.pmmvy.case.nic.in पर लॉग इन कर स्वयं आवेदन किया जा सकता है | इसके आलावा अगर लाभार्थी को ऑनलाइन फॉर्म भरने में कोई दिक्कत आ रही है या उसे सहायता की जरूरत है तो वह स्टेट हेल्पलाइन नम्बर 7998799804 पर भी संपर्क कर सकता है
पीएमएमवीवाई के जिला समन्वयक सुधीर वर्मा ने बताया कि प्रसव चाहे सरकारी स्वास्थ्य सुविधा में हुआ हो या निजी, लाभ सभी को मिलता है | पंजीकरण के लिए गर्भवती व पति का आधार कार्ड, गर्भवती की बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड (एमसीपी कार्ड) जरूरी है | गर्भवती का बैंक खाता संयुक्त नहीं होना चाहिए |
एक जनवरी 2017 से 28 जून 2021 तक जिले में कुल 59,738 महिलाओं को इसका लाभ दिया जा चुका है |







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