











































लखनऊ। मेदांता अस्पताल लखनऊ ने इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड थेरेपी से एक नवजात की जान बचाई, बच्चा गंभीर हाइपोक्सिक (श्वसन विफलता) से पीड़ित था और डॉक्टर वेंटिलेशन से बाहर निकलने में असमर्थ थे। इस तरह का मामला राज्य में पहला है। जहां हाइपोक्सिक के लिए iNO का उपयोग किया गया था।
मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) के नियोनेटल यूनिट (Neonatal Unit) के हेड और सीनियर कंसल्टेंट, डॉ आकाश पंडिता (Dr Akash Pandita) ने कहा, “एक आउटबोर्न नियोनेट (outborn neonate) को मेदांता की इमरजेंसी में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की एनआईसीयू टीम के सामने चुनौती यह थी कि उसके फेफड़े खराब थे (lungs were bad), फेफड़ों में दबाव भी बहुत अधिक था। उन्हें जल्द ही इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड (inhaled nitric oxide) पर रखा गया, जिसके बाद स्थिति में सुधार हुआ और ऑक्सीजन की आवश्यकता कम हो गई। इस प्रक्रिया में करीब 4-6 घंटे का समय लगा। बच्चा अब ठीक हो रहा है।"

आईएनओ (INO) की यह थेरेपी पुरानी फेफड़ों की बीमारी (BPD) की रोकथाम में भी मदद करेगी। समय से पहले बच्चे (Late premature babies), यानी गर्भावस्था के 34 सप्ताह के बाद पैदा हुए, हाइपोक्सिक या श्वसन विफलता (hypoxic) में जा सकते हैं।
लेवल 3 एनआईसीयू (Level 3 NICU) अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ और कुछ सुविधाएं जो पहले उपलब्ध नहीं थीं, मेदांता लखनऊ नियोनेटोलॉजी यूनिट में उपलब्ध कराई गई हैं। नवजात टीम भी सभी बाहरी रोगियों के इलाज और छुट्टी देने में 100% सफलता दर साझा करने पर गर्व महसूस करती है। इसमें इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड, सर्वो नियंत्रित चिकित्सीय हाइपोथर्मिया (servo controlled therapeutic hypothermia), वीजी वेंटिलेशन (VG ventilation) और नवजात परिवहन सुविधा शामिल है।
मेदांता लखनऊ में एनआईसीयू टीम राज्य में प्रशिक्षित नियोनेटोलॉजिस्ट (neonatologists) की सबसे बड़ी टीम में से एक है। टीम का नेतृत्व डॉ आकाश पंडिता कर रहे हैं और इसमें डॉ राणा चंचल, डॉ अरुण गौतम, डॉ राहुल, डॉ मनीष, डॉ शिवानी, डॉ नेहा, डॉ अंजु शामिल हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार August 24 2026 0 28
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 7994
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1939
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1694
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1582
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 7994
एस. के. राणा January 20 2026 0 5271
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5173
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5082
एस. के. राणा February 01 2026 0 4907
एस. के. राणा January 13 2026 0 4781
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4725
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87183
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35169
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38272
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35763
लेख विभाग March 19 2022 0 35392
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73001
स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कोरोना के नए XE वेरिएंट को लेकर एक अहम बैठक की। इस बैठक में कोविड क
संस्थान अब मृतक दाता से अंग प्रत्यारोपण शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़े और सभी संबंधित टीमें इ
गांधी नगर अस्पताल में पहली बार एंथ्रोस्कोपिक सर्जरी की गई। जहां युवक का सारा उपचार आयुष्मान भारत यो
Self-diagnosis reflects a shift toward patient empowerment, driven by digital access and systemic ga
लंपी वायरस से बचाव के लिए ग्वालियर एवं चम्बल संभाग में गोवंश को अभी तक 3 लाख 87 हजार 193 टीके लगाए ज
कोरोना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। देश में 18 हजार के आसपास कोरोना के सक्रिय मरीज हो गए हैं।
राजधानी में स्थित एम्स ने सांसदों के लिए उपचार सुविधाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए जारी की मानक संचा
अमेरिकन कालेज ऑफ़ फिजिशियन्स (एसीपी) इंडिया चैप्टर की सातवीं एनुअल मीटिंग आई.एम.ए. सी.पी. इंडिया-22 व
बच्चों में अस्थमा के लक्षणों में शामिल है - खांसी जो दूर नहीं होती है, खांसी जो वायरल संक्रमण के बाद
कोविड से उबरने के बाद किसी अन्य समस्या से बचने के लिए फ़ालोअप केयर में कार्डियो वैस्कुलर डैमेज का पत

COMMENTS