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कोलेस्ट्रॉल बढ़ना आजकल की एक गंभीर समस्या बन गया है। आजकल बहुत से लोग इससे पीड़ित रहते हैं। आपको बता दें कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल के रोगों, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा होता है। आमतौर पर शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कई कारण है लेकिन माना जाता है कि खराब खान-पान इसका सबसे बड़ा कारण है।वहीं हम आज आपको बताएंगे की कौन से फूड को खाकर आप अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को सुधार सकते है।
कोलेस्ट्रॉल लेवल सुधारने के लिए खाएं ये फूड
सोयाबीन - Soybean
रोजाना 25 ग्राम सोया प्रोटीन का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद मिल सकती है। आप अपने स्किम्ड दूध को सोया मिल्क के साथ बदल सकते हैं। इसके अलावा आप सोयाबीन की सब्जी बना सकते हैं।
फल - fruit
सेब, जामुन और खट्टे फल जैसे संतरे और नींबू में पेक्टिन नामक एक प्रकार का फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इसके अतिरिक्त, फल आवश्यक विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट का एक बड़ा स्रोत हैं।
दाल खाएं - Eat lentils
दाल हर भारतीय घर में मुख्य भोजन का एक हिस्सा है। दाल न सिर्फ स्वादिष्ट होती हैं बल्कि शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हैं। नियमित रूप से दाल खाने से हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है। दालों में फैट कम और फाइबर और प्रोटीन ज्यादा मात्रा में पाया जाता है।
साबुत अनाज खाएं - Eat whole grains
आजकल बहुत से लोग साबुत अनाज का सेवन कम करते हैं। इसके सेवन से रक्तप्रवाह में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करके एलडीएल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। ब्राउन राइस, मूसली और क्विनोआ ऐसी अद्भुत चीजें हैं, जिन्हें आप रोजाना के खाने में शामिल कर सकते हैं।
फूड-ओट्स - Food-oats
ओट्स में बीटा-ग्लूकेन्स पाया जाता है। यह विशेष प्रकार का फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में बहुत कारगर होता है। आप सुबह नाश्ते में ओट्स का सेवन कर सकते हैं। इसे बनाते समय नमक और चीनी का कम इस्तेमाल करें।
सब्जियां - Vegetables
शरीर से गंदे कोलेस्ट्रॉल को निकालने के लिए हरी सब्जियों का सेवन करना सबसे शानदार तरीका है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सब्जियों में वो सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ अन्य खराब तत्वों को शरीर से बाहर निकालने का काम करते हैं। बैंगन और भिंडी में घुलनशील फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं।
क्या है गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल
कोलेस्ट्रॉल लिपिड्स और प्रोटीन्स से बनता है जिसे आम तौर पर लीपोप्रोटीन्स (lipoproteins) कहा जाता है। हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन को (LDL) कहते हैं। एचडीएल को अच्छे कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) माना जाता है क्योंकि ये शरीर को अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। वहीं, एलडीएल खराब कोलेस्ट्रॉल है जो धमनियों तक जाता है और उसकी दीवारों पर चिपक जाता है। आगे चलकर इसकी वजह से दिल के रोगों (heart diseases) का खतरा बढ़ जाता है।
Edited by Aarti Tewari







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