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शिमला। आयुर्वेद अस्पतालों में अब लोगों को पंचकर्मा करवाने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। इसके लिए अस्पतालों में 35 विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी। कई अस्पतालों में डॉक्टर को पंचकर्मा करना पड़ रहा है। लोगों की मांग पर हिमाचल सरकार ने अस्पतालों में पंचकर्मा विशेषज्ञ लगाने का फैसला लिया है।
शिमला और पपरोला में पंचकर्मा चल रहा है। डॉक्टर आयुर्वेद (Ayurveda) पद्धति से पंचकर्मा कर रहे हैं। इनमें 16 पुरुष और 14 महिलाएं होंगी। इसके अलावा अन्य 6 पद ओबीसी, अनुसूचित जाति (scheduled caste) और जनजाति श्रेणियों से भरे जाएंगे। हलांकि अभी प्रदेश के कई अस्पतालों में पंचकर्मा शुरू नहीं हुआ है।

ओपीडी में मरीजों के स्वास्थ्य (Health) की जांच करने के बाद डॉक्टरों को पंचकर्मा करने का समय नहीं मिल पाता है। ऐसे में मरीजों को पंचकर्मा के लिए तारीख देनी पड़ती है। आंखों में दर्द रहना, माइग्रेन (migraine), मांसपेशियों में दिक्कत आदि के लिए पंचकर्मा बेहतर माना जाता है।
आयुर्वेद की इस पद्धति से मरीज ठीक हो जाते हैं। हालांकि, इसमें समय की ज्यादा खपत रहती है, लेकिन बीमारियां जड़ से खत्म होती हैं। आयुर्वेदिक विभाग (Ayurvedic Department) के सचिव राजीव शर्मा ने कहा कि हिमाचल में अब पंचकर्मा करवाने में दिक्कतें नहीं आएंगी। अस्पतालों में पंचकर्मा विशेषज्ञ तैनात किए जा रहे हैं।
Updated by Aarti Tewari







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