देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

सीओपीडी की गंभीरता का कारण जन जागरूकता का अभाव।

सीओपीडी के बारे में जन जागरूकता की स्थिति ठीक नही है, जिसके परिणामस्वरूप इसके निदान में देरी होती है। डायग्नोसिस में देरी से सीओपीडी का तेज होना या लंग-अटैक हो सकता है।

लेख विभाग
November 18 2021 Updated: November 18 2021 17:29
0 37797
सीओपीडी की गंभीरता का कारण जन जागरूकता का अभाव। प्रतीकात्मक

- डॉ बीपी सिंह, एमडी चेस्ट, 
मिडलैंड अस्पताल, लखनऊ।

विश्व सीओपीडी दिवस के दिन सीओपीडी (Chronic Obstructive Pulmonary Disease) के बारे में कुछ गम्भीर तथ्यों को जान लेना बहुत आवश्यक है। भारत 'विश्व की सीओपीडी राजधानी' है। हमारे देश में सीओपीडी के मामलों की संख्या विश्व में सबसे अधिक है। भारत में 30 वर्ष और उससे अधिक आयु की आबादी में सीओपीडी का 7% प्रसार है। सीओपीडी से होने वाली मौतों में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। एड्स, टीबी, मलेरिया, मधुमेह सभी को मिलाकर भी सीओपीडी अधिक मौतों का कारण बनता है। 

इन परेशान करने वाले तथ्यों के बावजूद, सीओपीडी के बारे में जन जागरूकता की स्थिति ठीक नही है, जिसके परिणामस्वरूप सीओपीडी के निदान में देरी होती है। डायग्नोसिस में देरी से सीओपीडी का तेज होना या लंग-अटैक हो सकता है जो कि खराब सीओपीडी सब-ऑप्टीमल मैनेजमेंट का परिणाम हो सकता है। सीओपीडी जैसे रोग में सांस फूलना और खांसी (cough) काफी बढ़ जाती है। कभी-कभी टखनों में सूजन के साथ-साथ बेहद थकान भी महसूस होती है। ऐसे में लंग-अटैक (lung attack) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। लंग अटैक में हॉस्पिटल (hospital) में भर्ती होना पड़ सकता है, ICU में एडमिट होने के बाद यह और घातक हो सकता है। पहले से ही फेफड़ों के कार्य में गिरावट होने से स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। 

सीओपीडी आमतौर पर हानिकारक कणों या गैसों के महत्वपूर्ण संपर्क के कारण होता है। धूम्रपान (smoking) करने वालों, पुरुषों और 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह आमतौर पर अधिक होता है।  तम्बाकू एवं धूम्रपान सीओपीडी के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिमकारक के रूप में जाना जाता है।  खाना पकाने के लिए (ग्रामीण गांवों में आम) चूल्हे या बायोगैस (Bio gas) का उपयोग करने वाली महिलाओं में भी  सीओपीडी का खतरा उच्च स्तर पर है। इसके अलावा, वायु प्रदूषण (air pollution) और बार-बार फेफड़ों (lung) में संक्रमण (infection) से सीओपीडी का खतरा और भी बढ़ जाता है। 

"लगातार धुएं वाले कारको के संपर्क में आने से और बार-बार लंग संक्रमण के संपर्क से अंतर्निहित सीओपीडी बढ़ सकता है जिससे फेफड़े का दौरा पड़ता है। सीओपीडी पर जागरूकता की कमी की वजह से लोग डॉक्टर्स (doctors) के पास नहीं जाते हैं जो कि इसके रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सीओपीडी के लक्षणों की पहचान करना और लंग-अटैक होने पर चिकित्सक से समय पर सहायता प्राप्त करना इस रोग की प्रगति को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है। यदि धूम्रपान करने वालों को यह पता हो कि इससे लंग-अटैक हो सकता है तथा जिसके लिए तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता होती है, वे समय से चिकिसकीय सहायता ले लेंगे । रोग के निदान के लिए नियमित रूप से फेफड़ों के कार्य की जाँच तथा सीओपीडी के जोखिम कारकों कि जांच आवश्यक है।“  

फेफड़े के कार्य परीक्षण कि जांच स्पिरोमेट्री से करनी चाहिए जो कि सीओपीडी के निदान के लिए गोल्ड स्टैण्डर्ड (gold standard) है। हालांकि यह आमतौर पर नहीं जांचा जाता है, और निदान काफी हद तक रोगी के इतिहास और लक्षणों पर आधारित होता है। स्पिरोमेट्री (spirometry) नहीं करने की वजह से सीओपीडी के बहुत से मामले जांच में छूट सकते हैं।

प्रारंभिक स्क्रीनिंग (screening) और डायग्नोसिस (diagnosis) फेफड़ों के अटैक के रोग के बोझ को कम करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। श्वसन रोग (respiratory disease) संबंधी लक्षणों वाली आबादी में स्पिरोमेट्री टेस्ट महत्वपूर्ण है क्योंकि यह गलत डायग्नोसिस से बचाती है और वायु प्रवाह सीमा की गंभीरता का मूल्यांकन करने में सहायता करती है। जबकि सांस की बीमारियों के कारण पूरी तरह से आपके नियंत्रण में नहीं हो सकते हैं फिर भी समय पर पता लगाने के लिए सतर्क और जागरूक रहना महत्वपूर्ण है।"

दवा कंपनी सिप्ला के वैश्विक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. जयदीप गोगटे कहतें हैं कि हम मानते हैं कि सीओपीडी की जागरूकता लोगों को सीओपीडी के शीघ्र और सटीक निदान के महत्व को समझने में मदद करेगी और इस प्रकार फेफड़ों के अटैक को रोकने में मदद करेगी। भारत, जहां एशिया में सबसे अधिक सीओपीडी बोझ है, यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। विश्व सीओपीडी दिवस के अवसर पर, सिप्ला भारत  में  'स्पाइरोफी' लॉन्च किया है जो कि पहला न्यूमोटेक आधारित पोर्टेबल, वायरलेस और किफायती स्पाइरोमीटर होगा। सिप्ला की 'स्पिरोफी' पूरे पांच वर्षों के इन-हाउस विकास का परिणाम है और इसका उद्देश्य भारत में ऑब्सट्रक्टिव एयरवे डिजीज (ओएडी) को समय पर डायग्नोसिस करना है। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

गोरखपुर जैसे शहर में कम नर्सिंग संस्थान होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है: आशुतोष मिश्रा

गोरखपुर जैसे शहर में कम नर्सिंग संस्थान होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है: आशुतोष मिश्रा

आनंद सिंह March 13 2022 61444

गंगोत्री देवी स्कूल आफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल इंस्टीच्यूट की ख्याति दूर-दूर तक है। हमारे शिक्षक मंझे

साधारण नमक की जगह खाने में डालें सेंधा नमक

साधारण नमक की जगह खाने में डालें सेंधा नमक

आरती तिवारी June 25 2023 92485

व्रत के दौरान ज्यादातर लोग सेंधा नमक का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आप जानते है कि इसके रोजाना सेवन

तुर्की में इंडियन आर्मी ने संभाला मोर्चा, फील्ड हॉस्पिटल में घायलों का इलाज जारी

तुर्की में इंडियन आर्मी ने संभाला मोर्चा, फील्ड हॉस्पिटल में घायलों का इलाज जारी

विशेष संवाददाता February 12 2023 29142

तुर्की और सीरिया में भूकंप से तबाही जारी है। इसी बीच भारतीय सेना और NDRF की टीमों ने तुर्की में मोर्

निखरी हुई त्वचा पाने के लिए घर में ऐसे बनाएं हर्बल बॉडी वॉश

निखरी हुई त्वचा पाने के लिए घर में ऐसे बनाएं हर्बल बॉडी वॉश

लेख विभाग October 22 2022 103365

अगर आपकी त्वचा हेल्थी है तो वो हमेशा ही खूबसूरत नजर आती है। ऐसा कोई नहीं है जो साबुन या बॉडी वॉश का

आर्थराइटिस: लक्षण, कारण, उपचार और दुष्प्रभाव

आर्थराइटिस: लक्षण, कारण, उपचार और दुष्प्रभाव

लेख विभाग October 13 2022 35586

किसी व्यक्ति को आर्थराइटिस है या नहीं, यह समझने के लिए लगातार जोड़ों का दर्द और जकड़न दो सबसे आम लक्

ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित युवा बैंक अधिकारी को हाईटेक इंटरवेंशन से बचाया गया।

ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित युवा बैंक अधिकारी को हाईटेक इंटरवेंशन से बचाया गया।

हुज़ैफ़ा अबरार January 19 2021 18930

मैं लोगों को सलाह देना चाहूंगा कि किसी अच्छे न्यूरोसर्जिकल सेंटर में ब्रेन ट्यूमर निकालने की सर्जरी

डब्ल्यूएचओ ने कोविड से इतर गरीब देशों को प्रभावित करने वाले 20 रोगों को ख़तम करने की योजना बनायी। 

डब्ल्यूएचओ ने कोविड से इतर गरीब देशों को प्रभावित करने वाले 20 रोगों को ख़तम करने की योजना बनायी। 

हे.जा.स. January 29 2021 31306

ऐसा माना जाता है कि ये बीमारियां विकसित देशों में समाप्त हो गयीं हैं लेकिन गरीब देशों के 170 करोड़ लो

आलू से करें फेशियल और पाएं शानदार ग्लो

आलू से करें फेशियल और पाएं शानदार ग्लो

श्वेता सिंह September 18 2022 42598

आलू का स्टार्च स्किन केयर में बेस्ट रिजल्ट दे सकता है और इसी वजह से आज कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में इसका

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ने का क्रम जारी, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़ी 

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ने का क्रम जारी, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़ी 

एस. के. राणा June 23 2022 28442

देश में कोविड-19 (covid-19) के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 83,990 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.

अब एक क्लिक में मिलेगा मरीजों के इलाज का रिकॉर्ड, जानें कहां से शुरू होगी सुविधा

अब एक क्लिक में मिलेगा मरीजों के इलाज का रिकॉर्ड, जानें कहां से शुरू होगी सुविधा

आरती तिवारी July 17 2023 30659

शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में अभी आभा एप के जरिये मरीजों को ओपीडी पर्चे बन रहे हैं। वहीं अब आभा एप

Login Panel