











































प्रतीकात्मक
|
|
लखनऊ | बारिश में मौसमी बीमारियाँ पाँव पसारने लगती हैं | खांसी, जुकाम, बुखार और सर्दी का भी प्रकोप बढ़ जाता है | ऐसे में इन बीमारियों से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है | बलरामपुर जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. देवेन्द्र सिंह बताते हैं कि अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन बुखार के 50 से 60 मरीज आ रहे हैं | सामान्य दिनों की अपेक्षा आज कल खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है | डा. देवेन्द्र सिंहने बताया कि डेंगू एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है जो दिन के समय सक्रिय रहता है और घर के भीतर साफ़ पानी में पनपता है | डेंगू में तेज बुखार के साथ सिर , पीठ और जोड़ों में दर्द होता है | आँखें लाल हो जाती हैं | हथेली और पैर लाल होने लगते हैं | गंभीर स्थिति में नाक और मसूड़ों से खून भी आने लगता है | |
|
डेंगू से बचने के लिए घर व आस-पास पानी न इकठ्ठा होने दें | पूरी बांह के कपड़े पहनें | मच्छररोधी क्रीम लगायें | फ्रिज और ग़मलों की ट्रे, पुराने टायर, बर्तन और कूलर की नियमित रूप से सफाई करें | कूलर सप्ताह में एक बार साफ़ कर सुखाएं और उसके बाद ही प्रयोग करें | खिड़की - दरवाजों में जाली का प्रयोग करें | वायरल बुखार मुख्यतः बदलते मौसम के कारण होता है | शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर हम इससे बच सकते हैं | वायरल बुखार के मुख्य लक्षण हैं- खांसी, जुकाम, गले में दर्द, बुखार, जोड़ों में दर्द, उल्टी तथा दस्त, जबकि मलेरिया में सर्दी और कंपकपी के साथ में बुखार आता है | तेज बुखार और सिर दर्द होता है | बुखार उतरने पर पसीना आता है | कमजोरी महसूस होने के साथ उल्टी आ सकती है | बुखार होने पर सिर्फ और सिर्फ पैरासिटामोल का प्रयोग कर सकते हैं, लेकिन कोशिश यही रहे कि चिकित्सक की सलाह पर ही किसी दवा का सेवन करें | स्वयं कोई इलाज न करें, किसी प्रशिक्षित चिकित्सक से ही इलाज कराएं | मरीज को पास के स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर जाएँ | डा. सिंह बताते हैं कि बच्चों को बारिश में न भीगने दें और यह सुनिश्चित करें कि वह गीले कपड़े न पहने | ठंडा पानी, आइसक्रीम या अन्य ठन्डे खाद्य पदार्थ बच्चे को न खाने दें | घर का ताजा व अच्छे से पका हुआ खाना खिलाएं | रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले फल व सब्जियों का सेवन करें | बाहर के खाने से परहेज करें | इन सबके साथ इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि बेवजह घर से बाहर न निकलें | अगर घर से निकलते हैं तो मास्क अवश्य लगायें | सार्वजनिक स्थानों पर दो गज की दूरी बनाकर रखें | बार-बार चेहरे को न छुएं | हाथों को साबुन और पानी से धोते रहें , बच्चे को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं | बच्चे में कोरोना से बचाव के प्रोटोकॉल का पालन करना सुनिश्चित कराएं | |







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1533
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 791
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3619
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
मिजिल्स और जापानी इंसेफेलाइटिस के टीकाकरण के दौरान तीन बच्चे की मौत मामले कि जांच को लेकर राज्य कार्
पंजाब में आज दूसरे चरण में 400 मोहल्ला क्लीनिकों का उद्घाटन किया गया। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और म
कुछ सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक अभी भी दवाओं के जेनेरिक नाम नहीं लिख रहे हैं। ऐसे चिकित्सकों को चिह
एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, देश में नकली शराब के सेवन से साल 2016 में मौत के 1,054 मामले सामने आ
सीएमओ ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 15 दिनों में आवेदन नहीं आए, तो स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर से नि
साल 2002 में सबसे पहले कॉन्ट्रासेप्टिव पैच मार्केट में आया था। 17 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को इस
किशोरों को लगने वाले टीकों और साठ साल या उससे अधिक आयु के लोगों को दिए जाने वाली एहतियाती खुराक संबं
अस्पताल में पैथालॉजी, एक्सरे और अल्ट्रासाउण्ड सुविधा पहले से है। मगर सीटी स्कैन सुविधा न होने से इमर
तटीय शहर सानया में शनिवार से ही अनिश्चितकालीन लॉकडाउन लगा हुआ है, जिससे चीनी नागरिक और पर्यटक अपने-अ
गर्मी में स्किन के नेचुरल ग्लो को बनाये रखने के लिए बहुत देखभाल की ज़रुरत पड़ती है। स्किन की देखभाल से

COMMENTS