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लखनऊ। राजधानी के एक कॉरपोरेट अस्पताल (Corporate Hospital) में भर्ती ब्रेन डेड मरीज के गुर्दों से रविवार को दो मरीजों को नई जिंदगी मिली है। ब्रेन डेड मरीज (brain dead patient) की एक किडनी एसजीपीजीआई भेजी गई, जबकि दूसरी वहीं प्रत्यारोपित की गई। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद दोनों मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है।
एसजीपीजीआई (SGPGI) के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. नारायण प्रसाद के मुताबिक अपोलोमेडिक्स अस्पताल (Apollomedics Hospital) के डॉक्टरों ने बताया कि दो दिन पहले उनके यहां हादसे में गंभीर रुप से घायल 60 वर्षीय व्यक्ति भर्ती हुआ था। शुक्रवार देर रात उसे ब्रेन डेड घोषित किया गया। परिवार की सहमति पर अंगदान का फैसला लिया गया।
डॉक्टर नारायण प्रसाद ने बताया कि अपोलो के चिकित्सक (Doctor) चाहते थे एक किडनी एसजीपीजीआई में किसी मरीज को दी जाए और दूसरा ट्रांसप्लांट अपोलो में किया जाए। लिहाजा किडनी ट्रांसप्लांट (kidney transplant) का इंतजार कर रहे मरीजों को बुलाया गया तो रायबरेली की 61 वर्षीय महिला मरीज के सभी टेस्ट पॉजिटिव रहे। जिसके बाद तुरंत सारी प्रक्रिया पूरी कर प्रत्यारोपण किया गया।







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