











































सांकेतिक चित्र
नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में डेंगू का डंक बढ़ता ही जा रहा है। दिल्ली में मच्छर-जनित बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या 500 से अधिक हो गई है। सोमवार को डेंगू के 130 नए मामले सामने आए थे।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक केवल इसी महीने 21 सितंबर तक डेंगू के 281 मामले सामने आए हैं। 21 सितंबर तक दर्ज किए गए कुल 525 मामलों में से 75 अगस्त महीने में दर्ज किए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार यह वर्ष 2017 के बाद से एक जनवरी से 21 सितंबर की अवधि के दौरान दर्ज किए गए डेंगू के मामलों की सर्वाधिक संख्या है। 2017 में यह आंकड़ा 1807 था। हालांकि इस साल मच्छर जनित बीमारी के कारण अब तक किसी मरीज की मौत की खबर नहीं मिली है।
दिल्ली की जनता के लिए नगर निगम (municipal Corporation) ने जारी अपील में कहा है कि डेंगू और चिकनगुनिया वायरल (Chikungunya Viral) रोग हैं। इन बीमारियों के लिए न तो टीका बना है और ही एंटी वायरल दवा (anti viral drug) है। वहीं इसका रोकथाम और बचाव ही एकमात्र उपाय है। उसने दिल्ली की जनता से मच्छरों का प्रजनन रोकने में मदद की अपील की है। इसके लिए दिल्ली नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग (public health department) ने कुछ तरीके सुझाए हैं। आइए जानते हैं कि किसी तरह से इस खतरनाक बीमारी से बचा जा सकता है।
डेंगू से बचाव के उपाय – Measures to prevent dengue
डेंगू के लक्षण- Symptoms of dengue







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 693
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4032
एस. के. राणा January 20 2026 0 3920
एस. के. राणा January 13 2026 0 3899
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3899
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3591
एस. के. राणा February 01 2026 0 3276
एस. के. राणा February 04 2026 0 3129
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86413
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34140
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35014
लेख विभाग March 19 2022 0 34496
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71797
आईएनओ की यह थेरेपी पुरानी फेफड़ों की बीमारी (बीपीडी) की रोकथाम में भी मदद करेगी। समय से पहले बच्चे,
यदि आपको कान में दर्द, कान का बजना, सीटी जैसी सनसनी, कान में झुनझुनी महसूस हो रही है, तो यह कोरोना व
देश में कोरोना एक बार फिर रफ्तार पकड़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण से कुल 9,111 नए माम
अध्ययन के अनुसार, मानवाधिकार हनन, प्रसव के दौरान बुनियादी देखभाल और मानवीय बर्ताव, बिना अवगत कराये स
आहार-विहार में गड़बड़ी के कारण लोगों को एसिडिटी और पाचन से संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। कुछ लोगों क
मरीजों को केजीएमयू-लोहिया संस्थान भेजा जा रहा था। वहां मरीजों का लोड अधिक होने से इंतजार करना पड़ता
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने आज बताया कि देश की 85 फीसदी आबादी को कोविड 19 वैक्सीन की कम से कम
बच्चों का गला और ऊपरी श्वसन तंत्र वयस्कों की तुलना में काफी छोटा होता है। ओमिक्रोन इसी हिस्से को सबस
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को परखने के लिए औचक निरीक्षण किया जिसमें जमीनी स्तर पर बड़ी लापरवाही औ
देश में अब तक ओमिक्रॉन के कुल 9,287 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले 24 घंटे में ओमिक्रॉन केस में लगभग

COMMENTS