












































पीठ के मुहांसे और दाग-धब्बे
चेहरे के मुहांसों से तो दुनिया परेशान रहती है लेकिन पीठ पर होने वाले मुहांसे (back acne) भी कम दुखदाई नहीं होते हैं। कपड़ों से लगातार रगड़ लगती रहने से स्थिति और पीड़ादाई हो जाती है। शारीरिक दिक्क्तों के अलावा पीठ के मुहांसे महिलाओं को फैशन भी ठीक से नहीं करने देते। यदि बैकलेस ड्रेस (backless dress) या ब्लाउज़ पहनना हो तो मुहांसों और उनके दाग-धब्बों (acne and scars) के चलते यह मंशा पूरी नहीं हो पाती है। तो आइए देखते है कुछ घरेलू नुख्से (home remedies) जिनको अपना कर मुहांसों की समस्या से निज़ात पाई जा सकती है।
मुहांसों के इलाज (treatment of acne) के लिए मेन्थॉल (Menthol) जरुरी होता है जो एनाल्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट है। यह पीठ पर हुए मुंहासों के इलाज में मदद करता है। साथ ही मुंहासों के आसपास हो रहे दर्द और सूजन को भी कम करता है। पुदीना ऐसा ही प्राकृतिक एनाल्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व है। पुदीने का पेस्ट बना कर लगाने से पीठ पर हुए मुंहासों से राहत मिलती है।
मुहांसों को फटने से रोकने और घावों को भरने, सूजन को भी कम करने में एलोवेरा (Aloevera) बड़ा सहायक सिद्ध होता है। एलोवेरा जेल पीठ के मुहांसों के लिए कारगर साबित हो सकता है।
मुहांसों के इलाज के लिए स्ट्रॉन्ग एंटी-बैक्टीरियल (anti-bacterial) और एंटी- इंफ्लेमेटरी तत्वों की आवश्यकता होती है जो दालचीनी (cinnamon) और शहद (honey) दोनों में ही पाएं जाते हैं। ये मुंहासों के इलाज में मदद करते हैं और दाग-धब्बों को भी हल्का करते हैं। इसका पेस्ट बनाने के लिए एक चम्मच दालचीनी को पीसकर उसमें दो चम्मच शहद मिलाएं। अब इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर दोनों को मिला लें।
बंद रोमछिद्रों को साफ करने और सूजन को कम करने के लिए कॉफी स्क्रब (Coffee scrub) काफी सहायक सिद्ध हो सकता है। इस स्क्रब को 2 टेबलस्पून कॉफी पाउडर, 1 टेबलस्पून शहद और 2 टेबलस्पून दही मिला कर बनाया जा सकता है।
आपको हेल्थ जागरण (health jagaran) द्वारा दी गई जानकारी यदि अच्छी लगी तो कृपया लाइक, शेयर और कमेंट अवश्य करें।







लेख विभाग October 25 2026 0 112
हुज़ैफ़ा अबरार October 25 2026 0 77
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 42
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 35
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 28
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6685
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1575
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1561
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1463
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1421
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1309
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1295
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1239
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10304
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6685
एस. के. राणा February 01 2026 0 6566
एस. के. राणा January 20 2026 0 6321
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5922
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5789
एस. के. राणा January 13 2026 0 5341
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87666
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35932
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38839
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36344
लेख विभाग March 19 2022 0 35917
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73918
Maternal consumption of ultra-processed food during the child rearing period was associated with an
गर्मी का मौसम है ऐसे में कुछ लोग तो ठंडे पानी के बिना नहीं रह पाते हैं। तो आइए जानने का प्रयास करते
जिले के थाना बन्नादेवी क्षेत्र के अंतर्गत जिला अस्पताल मलखान में अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया। जहा
मोदी सरकार ने 2030 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। वहीं टीबी को खत्म करने के उद्देश्य से राष्
आज के समय में हवा, पानी सभी कुछ प्रदूषित हो गया है। फलों और सब्जियों में जितना कीटनाशक का प्रयोग किय
शहर के सरकारी में स्क्रब टाइफस की जांच की सुविधा ही नहीं है। जबकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस साल
दुनिया के लगभग एक-चौथाई या एक तिहाई बच्चे इस समस्या से ग्रसित हैं। ये कैंसर, सिकल सेल रोग, मधुमेह औ
भले ही वॉक करना एक अच्छी एक्सरसाइज है लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद तभी साबित हो सकता है जब वॉ
डॉ रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने हेल्थ जागरण को बताया कि टीबी हमारे देश में एक गम्भीर समस्या है जिससे हम
उपराष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों के योगदान की सराहना की। इसके अलावा उन

COMMENTS