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लखनऊ। फेफड़ों का कैंसर सबसे आम तरह का कैंसर है, जो हर साल लाखों लोगों को अपना शिकार बनाता है। प्रत्येक वर्ष 1 अगस्त को वर्ल्ड लंग कैंसर दिवस मनाया जाता है। आइए इस खास दिन पर फेफड़ों के कैंसर से जुड़ी खास जानकारियां देखते है।
वर्ल्ड लंग कैंसर दिवस (World Lung Cancer Day) पर जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और लंग कैंसर (Lung Cancer) की जंग जीत चुके लोगों को चैम्पियन (Lung Cancer champions) के रूप में सम्मानित किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार पिछले साल 2020 में फेफड़ों के कैंसर से 18 लाख लोगों की जान चली गई थी।
कहते है कि कैंसर का पता बहुत देर में चलता है (cancer is detected very late) जब यह लाइलाज हो चुका होता है। ऐसे में यदि फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण पता हो तो समस्या को शुरू होने से पहले ही रोका जा सकता है।
फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण (early symptoms of lung cancer)
फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित होने पर अचानक वज़न कम (Sudden weight loss) होने लगता है। कैंसर सेल्स (Cancer cells) शरीर की सारी एनर्जी (energy of the body) का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं जिसके कारण वेट लॉस होता जाता है।
कभी-कभी सीने (pain in the chest), कंधों, पीठ और शरीर के दूसरे हिस्सों में दर्द होना भी कैंसर का संकेत (sign of cancer) हो सकता है। जब कैंसर आपकी हड्डियों तक फैलने लगता है, तो इससे कई हिस्सों में दर्द होना शुरू हो जाता है।
फेफड़ों में होने वाला ट्यूमर (Tumors in the lungs) लंग कैंसर में बदल सकता है। ट्यूमर से निकलने वाला तरल पदार्थ छाती पर जमा होने लगता है, जिससे सांस लेना मुश्किल (difficult to breathe) हो जाता है। सांस लेने से जुड़ी कोई दिक्कत होती है या सांस फूलती है, तो भी डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।







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