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आगरा। जिले में कोरोना संक्रमण के साथ वायरल फीवर के मरीज भी बढ़ रहे हैं। मरीजों को सर्दी, जुकाम, खांसी, गले में खराश और बुखार की शिकायत आ रही है। ऐसे में इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। सोमवार को एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और लेडी लॉयल की ओपीडी में 8257 मरीज आए। इनमें 1298 मरीज वायरल बुखार के रहे। इन्हें जुकाम-खांसी के साथ सीने में जकड़न और सांस लेने की समस्या रही। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों को है।
वहीं एसएन के वक्ष एवं क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव, हवा में धूल कण की वजह से अस्थमा (asthma), सांस और टीबी मरीजों (TB patients) की दिक्कत बढ़ गई है। टीबी के पुराने मरीजों की खांसी के साथ खून भी आ रहा है। हालत यह है कि सोमवार को ओपीडी 253 मरीज आए। इसमें 85 मरीज नए और 168 पुराने मरीज रहे।
मेडिसिन विभाग के डॉ. अजित चाहर ने बताया कि 583 मरीज ओपीडी में आए, इसमें से 272 मरीज वायरल बुखार के थे। दो-तीन दिन बुखार आने के बाद दवा लेने आए थे। छाती में जकड़न से सांस लेने में भी परेशानी थी। बालरोग विभाग के डॉ. नीरज यादव ने बताया कि ओपीडी में 160 बच्चे आए, इनमें से 103 बच्चे वायरल पीड़ित थे। तेज बुखार, खांसी के साथ मलेरिया (Malaria) भी मिला। सात बच्चों को भर्ती करना पड़ा। जिला अस्पताल (hospital) के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अशोक अग्रवाल ने बताया कि मौसम बदलने से ओपीडी में सबसे ज्यादा 923 मरीज बुखार, खांसी, गले व सीने में दर्द, बलगम की दिक्कत के आए। दवाएं देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।







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