











































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के चलते यूक्रेनी लोगों के जीवन में मानों अंधकार छा गया है। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि कई जगहों पर बंकरों के अंदर ही बच्चे पैदा हो रहे हैं, अस्पताल ही बंकर बन गए हैं। हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति की पत्नी ने एक नवजात बच्चे की तस्वीर शेयर करते हुए भावुक अपील की थी, यह बच्चा बंकर में ही पैदा हुआ था। इसके बाद ऐसे और भी मामले सामने आए हैं जो यूक्रेन की महिलाओं की तस्वीरें बयां कर रहे हैं।
एसोसिएट प्रेस ने यूक्रेन के मारियुपोल शहर की एक केस स्टडी के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यहां के एक अस्पताल के तहखाने में एक अस्थायी प्रसूति वार्ड में महिला ने बच्चे को जन्म दिया जबकि इस अस्पताल का ही एक भाग बंकर में तब्दील हो गया है। महिला अपनी भावनाओं को किसी तरह नियंत्रित किए हुए अपने बच्चे को पकड़े हुए दिख रही है। जबकि उसी वार्ड में डॉक्टर रूसी गोलाबारी में पीड़ित हुए लोगों के इलाज के लिए ऊपर की ओर दौड़ रहे थे।
अस्पताल के तहखानों में बनाया गया आश्रय
रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने कांपती हुई आवाज में बताया कि अपने बच्चे को जन्म देने के लिए मैं काफी चिंतित और दुखी थी। मैं डॉक्टरों की शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने बच्चे को इन परिस्थितियों में पैदा होने में मदद की। मुझे विश्वास है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। यूक्रेन का तटीय शहर मारियुपोल में अस्पताल बंकर में तब्दील हुआ क्योंकि इसके तहखाने में उनके लिए आश्रय बनाया गया जो रूसी सेना के हमले में पीड़ित हुए हैं। इसी में इस नवजात शिशु को सीढ़ियों से नीचे तहखाने में ले जाया गया, जहां एक मंद रोशनी वाला कमरा बिस्तरों से भरा हुआ था।
खारकीव से भी सामने आया ऐसा नजारा
ऐसा ही एक मामला खारकीव में सामने आया, जहां एक महिला को प्रसूति वार्ड से बंकर में ले जाया गया। वहां नवजात बच्चे की सुरक्षा के लिए खिड़कियों पर गद्दों के बीच पालने में लिटा दिया। गोलाबारी में हताहतों की संख्या मारियुपोल प्रसूति अस्पताल में भी बढ़ गई है। यहां के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग के प्रमुख ने एक एसोसिएटेड प्रेस वीडियो पत्रकार को बुलाया और मृतक को ढकने वाली एक शीट उठा ली। उसने कहा कि क्या मुझे और कुछ कहने की जरूरत है? यह सिर्फ एक लड़का है, ऐसे और भी तस्वीर देखी जा सकती है।







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