देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

लखनऊ में 50 लाख आबादी पर 500 वेंटिलेटर, अभाव में दम तोड़ देतें हैं गंभीर मरीज़

लखनऊ में वेंटिलेटर की बदहाल व्यवस्था ने दूसरे दिन भी एक मरीज की जान ले ली। लकवाग्रस्त मरीज को समय पर इलाज नहीं मिला। परिवारीजन एक से दूसरे अस्पताल में वेंटिलेटर की आस में दौड़ते रहे।

हुज़ैफ़ा अबरार
March 02 2022 Updated: March 03 2022 02:18
0 39547
लखनऊ में 50 लाख आबादी पर 500 वेंटिलेटर, अभाव में दम तोड़ देतें हैं गंभीर मरीज़ प्रतीकात्मक

लखनऊ। लखनऊ में वेंटिलेटर की बदहाल व्यवस्था ने दूसरे दिन भी एक मरीज की जान ले ली। लकवाग्रस्त मरीज को समय पर इलाज नहीं मिला। परिवारीजन एक से दूसरे अस्पताल में वेंटिलेटर की आस में दौड़ते रहे। प्राइवेट अस्पताल ले जाते समय मरीज की सांसें थम गईं।

इससे पहले 28 फरवरी को सड़क दुर्घटना में घायल नवयुवक ने भी वेंटिलेटर के अभाव में दम तोड़ दिया था। एक तरफ गंभीर मरीज वेंटिलेटर नहीं पा रहे हैं तो दूसरी तरफ राजधानी के सरकारी अस्पताल, संस्थानों में 300 से ज्यादा वेंटिलेटर ताले में बंद हैं। 

चिनहट निवासी एक मरीज़ को गंभीर हालत में लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में लाया गया। यहां डॉक्टरों ने मरीज को वेंटिलेटर पर रखने की जरूरत बताई। इमरजेंसी के सभी छह वेंटिलेटर भरे थे। डॉक्टरों ने उन्हें केजीएमयू जाने की सलाह दी। परिजन एम्बुलेंस (ambulance) से मरीज को केजीएमयू ले गए, वहां भी वेंटिलेटर खाली नहीं मिला। परिवारीजन घंटों गिड़गिड़ाते रहे पर वेंटिलेटर नहीं मिल सका। 

मरीज की जान बचाने के लिए परिजन मरीज को फैजाबाद रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने 30 हजार जमा करने के लिए कहा। मगर इलाज के दौरान रात करीब 10 बजे मरीज ने दम तोड़ दिया। इससे पहले वेंटिलेटर उपलब्ध न होने से लोहिया संस्थान के बाहर एक मरीज़ दम तोड़ चुका है।

आबादी के लिए कम
लखनऊ की आबादी 50 लाख से अधिक है, मगर शहर के अस्पतालों में 500 वेंटिलेटर हैं। आबादी के लिहाज से ये काफी कम हैं। सरकारी में वेंटिलेटर नहीं मिलने पर गंभीर मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर हैं। प्राइवेट अस्पतालों में 50 हजार रुपये खर्च प्रतिदिन का है।

परेशान हो रहे मरीज
लोहिया (RMLIMS) में 200 बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित हैं। तीन मरीज भर्ती हैं। यहां 120 से ज्यादा वेंटिलेटर बेड ताले में बंद हैं। इसमें बच्चों के बेड भी शामिल हैं। बलरामपुर में 40 वेंटिलेटर हैं। पीजीआई (SGPGI), लोकबंधु और श्रीराम सागर मिश्र हॉस्पिटल में भी कोरोना बेड (corona bed) आरक्षित हैं। अस्पतालों में संक्रमित की संख्या पांच से छह है।

प्राइवेट में लुट रहे सरकारी में वेंटिलेटर न मिलने पर गंभीर मरीज निजी अस्पताल जाते हैं, जहां मनमानी फीस ली जारही है। राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में रोजाना 20 से 25 गंभीर मरीज वेंटिलेटर की आस में आ रहे हैं। वेंटिलेटर के अभाव में मरीज की जान खतरे में रहती है।

मर रहे मरीज,
300 वेंटिलेटर ताले में गंभीर मरीज वेंटिलेटर बेड नहीं पा रहे है तो राजधानी के सरकारी अस्पताल, संस्थानों में 300 से ज्यादा वेंटिलेटर (ventilator) ताले में बंद हैं। इनको कोरोना संक्रमितों के लिए आरक्षित किया गया है। संक्रमितों की संख्या कम होने के बावजूद इन्हें दूसरे मरीजों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। सरकारी अस्पताल, मेडिकल संस्थानों में बदइंतजामी हावी है। गंभीर मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। इसका खामियाज गंभीर मरीजों को जान देकर चुकानी पड़ रही है। बीते सोमवार को सड़क हदासे में घायल लखीमपुर निवासी टन्ने (30) की वेंटिलेटर न मिलने से मौत हो गई थी। परिवारीजन मरीज को लेकर लोहिया, बलरामपुर और केजीएमयू में धक्के खाते रहे। आखिर में एम्बुलेंस में मरीज की सांसें थम गई थी।

उपलब्धता पर दे रहे केजीएमयू में करीब 350 वेंटिलेटर हैं। मौजूदा समय में 250 पर मरीजों की भर्ती है। ट्रॉमा सेंटर के ज्यादातर वेंटिलेटर हमेशा भरे रहते हैं। बाकी 100 कोरोना के लिए बंद हैं। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर के मुताबिक मरीजों को उपलब्धता से मुहैया कराया जाता है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

डेंगू के बढ़ते केस, निजी लैब को देनी होगी मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट

डेंगू के बढ़ते केस, निजी लैब को देनी होगी मरीजों की टेस्ट रिपोर्ट

आरती तिवारी November 18 2022 24270

डेंगू मरीजों से निजी पैथोलाजी सेंटर और प्राइवेट अस्पताल मनमानी फीस न वसूल सकें इसके लिए चिकित्सा एवं

चिंताजनक: नहीं थम रहा देश में कोरोना से मौतों का सिलसिला, एजेंसियां करेंगी जाँच।

चिंताजनक: नहीं थम रहा देश में कोरोना से मौतों का सिलसिला, एजेंसियां करेंगी जाँच।

एस. के. राणा August 12 2021 27227

देश में कोरोना से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नेशनल कोविड टास्क फोर्स कमेटी ने एजें

कोविड -19 अपडेट: 17.8 प्रतिशत की दर से बढ़े नए मामलें

कोविड -19 अपडेट: 17.8 प्रतिशत की दर से बढ़े नए मामलें

एस. के. राणा April 27 2022 19311

कोरोना के नए मामलों में मंगलवार के मुकाबले 17.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।पिछले 24 घंटे में कोविड सं

लखनऊ में डेंगू का डंक, बुखार सिरदर्द के बढ़े 20% मरीज

लखनऊ में डेंगू का डंक, बुखार सिरदर्द के बढ़े 20% मरीज

आरती तिवारी July 24 2023 35742

घरों में डेंगू का लारवा मिलने पर नोटिस दिया जा रहा है। बढ़ते मामले को देखते हुए नगर निगम सक्रिय हो ग

श्रीलंका में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की भरी कमी, राष्ट्रीय चिकित्सा संघ ने चेताया  

श्रीलंका में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की भरी कमी, राष्ट्रीय चिकित्सा संघ ने चेताया  

हे.जा.स. April 09 2022 36246

श्रीलंका मेडिकल एसोसिएशन ने राजपक्षे को लिखे पत्र में कहा कि अस्पतालों ने चिकित्सा सामग्री के उपयोग

मेरठ के अस्पतालों में फर्जी डॉक्टर्स के नाम पर हो रहा था इलाज, सीएमओ ने पकड़ा बड़ा घोटाला

मेरठ के अस्पतालों में फर्जी डॉक्टर्स के नाम पर हो रहा था इलाज, सीएमओ ने पकड़ा बड़ा घोटाला

विशेष संवाददाता August 02 2022 29541

जनपद के कई अस्पतालों में ऐसे डॉक्टर्स के नाम पर इलाज हो रहा है जो वहां नहीं आते-जाते ही नहीं हैं। ये

दुनिया के प्रमुख देशों में कोरोना विस्फोट।

दुनिया के प्रमुख देशों में कोरोना विस्फोट।

एस. के. राणा December 29 2021 35556

अमेरिका में 76 फीसदी लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए जा रहे हैं। फ्रांस में दैनिक 1,00,000 से अधिक संक्

बीपी की समस्या से 60% लोग बेखबर, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती

बीपी की समस्या से 60% लोग बेखबर, कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती

लेख विभाग May 20 2023 32606

अगर आपकी नाक से खून आ रहा है तो, इसे अनदेखा न करें। ये हाई बीपी की वजह से हो सकता है। दरअसल, जब ब्लड

 मस्तिष्क स्वास्थ्य के भारत में बढ़ रहे  मामलों पर डा जयंत ने चिंता जताई

मस्तिष्क स्वास्थ्य के भारत में बढ़ रहे मामलों पर डा जयंत ने चिंता जताई

हुज़ैफ़ा अबरार June 18 2026 406

जैसे लोग अपने हृदय की सेहत ब्लड शुगर लेवल पर नज़र रखते हैं, वैसे ही उन्हें उन बातों पर भी ध्यान देना

कड़ाके की ठंड में थम रही दिल की धड़कनें !

कड़ाके की ठंड में थम रही दिल की धड़कनें !

विशेष संवाददाता January 12 2023 33132

लगातार सामने आ रहे मामले केवल बुजुर्गों, हार्ट के मरीजों तक ही सीमित नहीं है बल्कि नौजवान भी इसके शि

Login Panel