












































मॉनसून में स्वस्थ रहने के लिए इन सब्जियों का ना करें इस्तेमाल
मानसून में कई बीमारिया लोगों को परेशान कर देती है। इस मौसम में आपको अपनी सेहत का कुछ ज्यादा ही ख्याल रखना होता है। बारिश होते ही लोगों के जहन में चाय पकौड़ी खाने की चाह होती है, लेकिन अगर आप इन सब्जियों का इस्तेमाल करते है तो हो जाइए सावधान, जी हां ऐसे में अगर आपको मॉनसून में स्वस्थ रहना है तो कुछ सब्जियों से दूरी बना लें, आइए जानते हैं ऐसा क्यों कहा जाता है?
कलरफुल शिमला मिर्च- Colorful Capsicum
गर्मियों में शिमला मिर्च सबको पसंद होता है, लेकिन इसे मॉनसून के लिए अच्छा नहीं माना जाता. बताया जा रहा है कि, शिमला मिर्च को बारिश के मौसम में खाने से कई प्रकार की समस्या हो सकती है। शिमला मिर्च में ग्लूकोसाइनोलेट्स नामक रसायन होते हैं, जो काटने या चबाने पर आइसोथियोसाइनेट्स में टूट जाते हैं। बरसात में इसका सेवन करने से आपको इस केमिकल की वजह से मतली, उल्टी, दस्त और सांस लेने में समस्या हो सकती है।
फूलगोभी- Cauliflower
फूलगोभी में ग्लूकोसाइनोलेट्स नाम का यौगिक होते हैं जो एलर्जी या इसके प्रति संवेदनशील लोगों के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं। ऐसे में कोशिश करें कि फूलगोभी का सेवन बिलकुल भी ना करें।
पत्तेदार सब्जियां- leafy vegetables
मॉनसून के समय में बैक्टीरिया, मच्छर सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं और मानसूम के सिजन में पत्तेदार सब्जियां अधिक दूषित होती हैं। इतना ही नहीं जिस मिट्टी में इन सब्जियों को उगाया जाता है वह भी बारिश के पानी से दूषित हो जाती हैं। इसलिए ऐसे मौसम में पत्तेदार सब्जियों के सेवन से बचना चाहिए। अगर आपको पत्तेदार सब्जियां पसंद है, तो आप इसे अच्छी तरह से उबाल ले तब खाएं ताकि उस सब्जी में मौजूद सभी बैक्टीरिया मर जाएं।







हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1253
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1141
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1141
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 728
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 651
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6629
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1505
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1505
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1456
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1365
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1253
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1246
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1141
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10283
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6629
एस. के. राणा February 01 2026 0 6552
एस. के. राणा January 20 2026 0 6321
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5894
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5782
एस. के. राणा January 13 2026 0 5327
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87666
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35925
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38839
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36330
लेख विभाग March 19 2022 0 35910
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73904
रविवार को टावर ध्वस्त होने से पहले सेक्टर-93ए में सुबह छह से दोपहर दो बजे तक वायु प्रदूषण का स्तर 10
विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है, जिसकी हम कल्पना तक नहीं कर सकते हैं। अभी हाल ही में फ्रांस में एक
जेनेरिक दवाओं के एक ओमनी-चैनल रिटेलर मेडकार्ट के अनुमान से पता चलता है कि इंसुलिन के बिना, घर में ए
एरा मेडिकल कॉलेज की डॉ जलीस फात्मा का पूरा परिवार कोविड-19 संक्रमण की चपेट में था फिर भी वे परिवार
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्र के प्रति
डॉ मिलिंद ने कहा बीते तीन-चार वर्षों में एक्सक्लूसिव स्तनपान का 60 प्रतिशत से 35 प्रतिशत होना चिंता
देश में कोविड-19 की चौथी लहर को लेकर तमाम चर्चे हैं और कई तरीकों से कयास लगाए जा रहे है। इसी बीच भार
इसमें भर्ती होने वाले मरीजों को राज्य सरकार के निर्देशानुसार नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जायेगा।
भारत में कोरोना के घटते केसों के बाद अब यात्राओं से पाबंदियां हटनी शुरु हो गई है। इसी बीच, यूएस सेंट
इस अस्पताल में 788 बेड होगा, जिसमें 100 इमरजेंसी बेड अलग से होंगे। यह हॉस्पिटल नर्सिंग और डेंटल कॉल

COMMENTS