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छतरपुर। चूहे और छछूंदर हमारे घर व आसपास साथ-साथ रहने वाले प्राणी हैं, लेकिन यह आपके स्वास्थ्य और जान के दुश्मन बन सकते हैं। इन छोटे जीवों से इंसानों में स्क्रब टाइफस जैसी गंभीर व जानलेवा बीमारी फैल रही है। छतरपुर जिले के ग्राम बड़ा बूढ़ा ब्लॉक ईसानगर में 2 साल के बच्चे को स्क्रब टायफस बीमारी डिटेक्ट हुई है। यह बच्चा पीआईसीयू वार्ड जिला चिकित्सालय छतरपुर के में भर्ती है एवं बिल्कुल स्वस्थ्य है।
स्क्रब टायफस के कुछ लक्षण मिलने पर इसका सैंपल आईसीएमआर लैब जबलपुर भेजा गया था। वहां से इसकी पॉजिटिव होने की पुष्टि की गई। चूहों के शरीर पर रहने वाले घुन (Mite-Leptotrombidium delicense ) के लार्वा या बहुत ही छोटे पिस्सुओं काटने से यह बीमारी इंसानों तक पहुंच रही है। चूहों के हमारे आसपास घूमने से यह मनुष्य तक पहुंच जाते हैं। इसके काटने से शरीर में फुंसी या दाना जैसा उठ जाता है। बाद में यह सिगरेट के जले के निशान जैसा बन जाता है और सूखकर काला धब्बा या निशान जैसा दिखाई देता है।
इस बीमारी (scrub typhus) से पीड़ित व्यक्ति को बुखार, सिरदर्द, जोड़ एवं मांसपेशियों में दर्द, प्रकाश की तरफ देखने में तकलीफ, खांसी, शरीर के कुछ भागों में दाने निकल आते हैं। वहीं कुछ लोगों को बीमारी का प्रभाव बढ़ने से निमोनिया एवं मस्तिष्क ज्वर भी हो जाता है। इस बीमारी के लक्षण 2 सप्ताह तक रह सकते हैं।
मप्र स्वास्थ्य संचालनालय सतपुड़ा भवन से एक अलर्ट प्रदेश के सभी सीएमएचओ व सिविल सर्जन को भेजा गया है। इसमें जूनोटिक बीमारी स्क्रब टाइफस (scrub typhus) के अलर्ट को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया है कि साल 2022 में प्रदेश में राष्ट्रीय जनजाति स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान जबलपुर लैब से मप्र के सीधी, सतना, जबलपरु, नरसिंहपुर, कटनी, सागर, तथा एम्स भोपाल वायरोलाॅजी लैब से मंदसौर जिले में स्क्रब टाइफस सक्रब टाइफस के मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए इसकी रोकथाम और सर्वे से लेकर इलाज को लेकर गाइडलाइन के अनुसार काम किया जाए।
Edited by Shweta Singh







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