











































कोविड के 100 बेडों का उद्घाटन
कानपुर। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक कानपुर दौरे पर पहुंचे। जहां उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में 100 बेड के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट का फीता काटकर उद्घाटन किया। उद्घाटन के मौके पर डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश के हर जिले में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज में ही नर्सिंग कॉलेज का भी संचालन किया जाएगा।
साथ ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) ने कहा कि अब मेडिकल कॉलेज में एप पर ही डॉक्टर से अप्वॉइंटमेंट और फीस भरी जा सकेगी। ओपीडी(OPD) के बाहर अब पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन नहीं लगवानी पड़ेगी और न ही डॉक्टर का इंतजार करना होगा। बताया कि कोविड-19 (COVID) की तैयारियों को परखने के लिए 27 दिसंबर यानी की कल पूरे प्रदेश में मॉकड्रिल (mockdrill) का आयोजन किया जा रहा है।
बता दें कि कानपुर शहर में रविवार को कोरोना का नया केस नहीं मिला है। एक मरीज (Patient) को होम आइसोलेशन (home isolation) में स्वस्थ मान लिया गया। इसलिए सिर्फ एक ही एक्टिव केस बचा है। सीएमओ (CMO) डॉ. आलोक रंजन की रिपोर्ट के अनुसार 576 सैंपल लिए गए। एंटीजन टेस्ट (antigen test) 442 लोगों के किए गए पर कोई भी पॉजिटिव केस नहीं मिला।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4592
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3759
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34721
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72462
कैंसर के इलाज के युग में जब दुनिया केवल कैंसर के टिश्यू को हटाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टिश्यू क
यह विश्व में पहला मामला है जब बर्ड फ्लू का वायरस मनुष्य में प्रवेश कर गया हो। उन्होंने कहा कि यह पक्
टेक महिन्द्रा ने अपने सभी सहयोगियों को सरकारी ऐप के जरिये टीकाकरण के लिए खुद का पंजीकरण कराने और आवश
कई मरीजों में तो बुखार, दर्द और कमजोरी जैसा कोई लक्षण ही नहीं दिखा। यहां तक उन्हें संक्रमित होने का
कब्ज के सटीक कारण की पहचान करना अक्सर मुश्किल होता है। हालाँकि, ऐसी कई चीजें हैं जो इस स्थिति में यो
भारत में भी प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जो आगे आने वाले समय में डायबिटीज समेत और भी कई ब
यह पुरस्कार उनके द्वारा चिकित्सा शिक्षण, अध्यापन एवं शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने एवं कोर
देश में 930 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,04,211 हो गई। उपचाराधीन मरीजों की
नेत्रदान को महादान माना जाता है। नेत्रदान जागरूकता पखवाड़ा के तहत जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की तरफ से व
आज हम आपको ऐसे नुस्खे के बारे में बताने जा रहे है जो जिसके इस्तेमाल करने से आप अपनी स्किन से जुड़ी क

COMMENTS