देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

किडनी ट्रांसप्लांट: नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ निर्भय कुमार से जानिए लॉन्ग टर्म के फायदे

रीजेंसी रीनल साइंसेस, कानपुर के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉयरेक्टर और सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ निर्भय कुमार ने बताया, टेक्नोलॉजी में कई अविष्कार होने से किडनी ट्रांसप्लांट अंतिम स्टेज वाले किडनी की बीमारी से ग्रसित मरीजों के लिए भी लॉन्ग टर्म के लिए फायदेमंद हो सकता है।

रंजीव ठाकुर
August 25 2022 Updated: August 25 2022 04:20
0 79381
किडनी ट्रांसप्लांट: नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ निर्भय कुमार से जानिए लॉन्ग टर्म के फायदे प्रतीकात्मक चित्र

कानपुर (लखनऊ ब्यूरो)। सुपर-स्पेशिलिटी हॉस्पिटल ग्रुप रीजेंसी हेल्थ ने पिछले एक साल में 25 से ज्यादा सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया हैं, इससे 40 लोगों की जान बचाने मे मदद मिली है। 1993 में स्थापित रीजेंसी हेल्थकेयर ने 1996 में किडनी ट्रांसप्लांट करना शुरू कर दिया था। केवल 2020 में कोविड-19 के कारण कोई ट्रांसप्लांट नहीं हो पाया था।


रीजेंसी रीनल साइंसेस (Regency Health, a super-specialty hospital), कानपुर (Kanpur) के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के डॉयरेक्टर और सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ निर्भय कुमार (Dr Nirbhay Kumar) ने बताया, टेक्नोलॉजी में कई अविष्कार होने से किडनी ट्रांसप्लांट अंतिम स्टेज वाले किडनी की बीमारी से ग्रसित मरीजों के लिए भी लॉन्ग टर्म के लिए फायदेमंद हो सकता है। 


किडनी ट्रांसप्लांट (kidney transplant) से पहले कई फैक्टर पर विचार किया जाता है। हम अस्पताल में यह सुनिश्चित करते हैं कि मरीजों को प्रक्रिया के बारे में अच्छी तरह से पता हो। ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे किडनी फेलियर (kidney failure) वाले मरीजों के लिए डायलिसिस एक इलाज़ की तरह काम कर सकता है। इसके लिए आपके पास एक बेहतर डायलिसिस (dialysis) सेन्टर में डायलिसिस सुविधा होनी चाहिए जो ट्रांसप्लांट के लिए मरीजों को तैयार करें और उनका चयन करें।


किडनी ट्रांसप्लांट करवाना एक जीवन बदलने वाला अनुभव हो सकता है। इसे करवाने वाले को यह पता होना चाहिए कि इससे उसे क्या फायदा हो सकता है। किडनी ट्रांसप्लांट सबसे ज्यादा ट्रांसप्लांट होने वाले अंगो में से एक है। कुल अंगो के ट्रांसप्लांटेशन में किडनी ट्रांसप्लांटेशन की हिस्सेदारी 70% से ज्यादा है।


डॉ निर्भय कुमार (Nephrologist) ने कहा, "किडनी ट्रांसप्लांट कराने से आप सक्रिय और स्वस्थ लाइफस्टाइल जी सकते हैं लेकिन इसके साथ कुछ खतरे बने रहेंगे। किडनी ट्रांसप्लांट की सफलता दर लगभग 95% है, जिसका मतलब है कि किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले 5% से कम लोगों को समस्याएं होती हैं। 


जब आप अपनी सर्जरी की तैयारी कर रहे हों, तो सुनिश्चित करें कि आप अपने डॉक्टर से सभी संभावित साइड इफेक्ट्स और कॉम्पलिकेशन के बारे में पूछ लें। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद का जीवन सर्जरी से पहले की तुलना में बहुत बेहतर होता है, लेकिन इसके अलावा भी कई चीजें होती हैं जिनके बारे में लोगों को पता होना चाहिए।


ज्यादातर केस में मरीज अपनी सर्जरी के बाद अस्पताल में दस दिन बिताने के बाद डिस्चार्ज होकर घर जाने लायक हो जाते हैं। ट्रांसप्लांटेशन प्रक्रिया के बाद पहले चार से पांच महीनों के भीतर कई बार डॉक्टर को दिखाना पड़ता है। ट्रांसप्लांट के बाद दान की गई किडनी तुरंत काम करना शुरू कर देती है और कुछ ही दिनों में सामान्य रूप से काम करने लगती है।  


आपके शरीर को नई किडनी को अस्वीकार करने से रोकने के लिए इम्यून सिस्टम  (immunosuppressants) को दबाने वाली दवाएं लेने की जरूरत है। जब शरीर नई किडनी (new kidney) को स्वीकार नहीं करता है तो व्यक्ति को संक्रमण और कैंसर का ख़तरा रहता है, विशेष रूप से लिंफोमा (lymphoma) होने का ज्यादा ख़तरा रहता है। यही कारण है कि ट्रांसप्लांटेशन के बाद के महीनों में मरीज़ की बारीकी से निगरानी की जाती है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

मुख्यमंत्री योगी ने किया पांच हजार स्वास्थ्य उपकेंद्रों का वर्चुअल शुभारंभ।

मुख्यमंत्री योगी ने किया पांच हजार स्वास्थ्य उपकेंद्रों का वर्चुअल शुभारंभ।

हुज़ैफ़ा अबरार December 06 2021 27886

आजादी के बाद 74 वर्षों तक उत्तर प्रदेश में 20,000 स्वास्थ्य उपकेंद्र थे, जबकि वर्तमान सरकार ने एक दि

नही थम रही कोरोना की रफ्तार

नही थम रही कोरोना की रफ्तार

आरती तिवारी April 20 2023 33980

आलमबाग में 31 लोग संक्रमित मिले हैं। सरोजनीनगर और अलीगंज में 29-29, कैसरबाग में 25, इंदिरानगर में 17

नवंबर से 11 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में होगी बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई

नवंबर से 11 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में होगी बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई

हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2022 44643

राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिछले कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों के

पल्स ऑक्सीमीटर क्या है?

पल्स ऑक्सीमीटर क्या है?

लेख विभाग May 19 2021 32355

इस डिवाइस के जरिए डॉक्टर, नर्स या किसी भी स्वास्थ्य पेशेवर को यह पता करने में मदद करती है कि किसी व्

हाइपोपैरथायरायडिज्म के कारण, लक्षण और उपचार

हाइपोपैरथायरायडिज्म के कारण, लक्षण और उपचार

लेख विभाग June 02 2022 54919

यदि थायराइड हार्मोन पर्याप्त न हो, तो शरीर के बहुत से कार्य की गति धीमी हो जाती है। अंडरएक्टिव थायरॉ

12-14 आयु वर्ग के 84 लाख 64 हजार बच्चों को सुरक्षा कवच दिया जाएगा: योगी आदित्यनाथ

12-14 आयु वर्ग के 84 लाख 64 हजार बच्चों को सुरक्षा कवच दिया जाएगा: योगी आदित्यनाथ

हुज़ैफ़ा अबरार March 16 2022 33325

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिविल अस्पताल में कोविड बूथ पर पहुंचकर जायजा लिया। सीएम योगी ने बच्चों

भारत बायोटेक की साझेदार ऑक्यूजेन ने कनाडा में कोवैक्सीन के लिए मांगी मंजूरी ।

भारत बायोटेक की साझेदार ऑक्यूजेन ने कनाडा में कोवैक्सीन के लिए मांगी मंजूरी ।

हे.जा.स. July 17 2021 37115

सूचना के मुताबिक यह कदम भारत बायोटेक के तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रॉयल के बाद उठाया गया है। इस क्लिनिक

त्वचा के लिए फायदेमंद है मुल्तानी मिट्टी

त्वचा के लिए फायदेमंद है मुल्तानी मिट्टी

आरती तिवारी August 29 2022 34307

जब आप मु्ल्तानी मिट्टी में शहद मिलाकर लगाते हैं तो इससे स्किन की कई समस्याओं में छुटकारा मिलता है। च

केंद्र सरकार की PLI योजना के तहत दवा उद्योग से जुड़े कच्चे माल के उत्पादन हेतु 19 आवेदनों को मंजूरी। 

केंद्र सरकार की PLI योजना के तहत दवा उद्योग से जुड़े कच्चे माल के उत्पादन हेतु 19 आवेदनों को मंजूरी। 

हे.जा.स. March 01 2021 31811

इन संयंत्रों की स्थापना से कंपनियों को कुल 862.01 करोड़ रुपये का कुल प्रतिबद्ध निवेश मिलेगा और लगभग

हिमाचल में कोरोना के बीते दिन 318 नए मरीज मिले

हिमाचल में कोरोना के बीते दिन 318 नए मरीज मिले

हे.जा.स. April 03 2023 25583

हिमाचल में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। प्रदेश में बीते 24 घंटे के अंदर कोरोना के 318

Login Panel