देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

अंतर्राष्ट्रीय

नए एंटीबॉडी से कोविड के नए और ज्यादा संक्रामक स्वरूपों से लड़ने में मदद मिलेगी

इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि नए एंटीबॉडी को मौजूदा एंटीबॉडी के कॉकटेल में शामिल किया जा सकता है, जिससे सार्स-कोव-2 वायरस के नए और ज्यादा संक्रामक स्वरूपों से बेहतर तरीके से लड़ने में मदद मिलेगी।

हे.जा.स.
February 15 2022 Updated: February 15 2022 22:15
0 41862
नए एंटीबॉडी से कोविड के नए और ज्यादा संक्रामक स्वरूपों से लड़ने में मदद मिलेगी प्रतीकात्मक

लॉस एंजिलिस (भाषा)। अमेरिकी शोधकर्ताओं ने एक नए एंटीबॉडी (antibody) का निर्माण किया है, जो एक कोशिका से दूसरी कोशिका (cell) में फैलने की सार्स-कोव-2 वायरस (SARS-Cove-2 virus) की क्षमता को बाधित कर सकता है।

एफयूजी-1 (FUG-1) नाम का एंटीबॉडी फ्यूरिन एंजाइम (Furin enzyme) को निशाना बनाता है, जिसका इस्तेमाल वायरस मानव कोशिकाओं में कोविड-19 संक्रमण की कुशल शृंखला बनाने के लिए करता है।

‘जर्नल माइक्रोबायोलॉजी स्पेक्ट्रम’ (Journal Microbiology Spectrum) के हालिया अंक में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि नए एंटीबॉडी को मौजूदा एंटीबॉडी के कॉकटेल में शामिल किया जा सकता है, जिससे सार्स-कोव-2 वायरस के नए और ज्यादा संक्रामक स्वरूपों से बेहतर तरीके से लड़ने में मदद मिलेगी।

अध्ययन दल में शामिल यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (University of California), डेविस के वरिष्ठ शोधकर्ता जोगिंदर तुषीर-सिंह ने कहा, ‘हमने एक ऐसा एंटीबॉडी विकसित किया है, जो सार्स-कोव-2 वायरस की प्रसार शृंखला में बाधा डालता है।’

उन्होंने कहा, ‘कोविडरोधी टीके (anti-covidi vaccine) संक्रमण के गंभीर रूप अख्तियार करने और मरीजों के अस्पतालों में भर्ती होने की आशंका घटाकर बेहतरीन जीवनरक्षक साबित हो रहे हैं। पर अब हमें पता चल रहा है कि ये वायरस के प्रसार पर लगाम लगाने में उतने प्रभावी नहीं हो सकते हैं।’

शोधकर्ताओं ने दावा किया कि एफयूजी-1 एंटीबॉडी फ्यूरिन एंजाइम की क्रिया में उल्लेखनीय बाधा उत्पन्न करता है। सार्स-कोव-2 वायरस को ज्यादा संक्रामक बनने के लिए इस एंजाइम की जरूरत पड़ती है।

शोधकर्ताओं ने बताया कि फ्यूरिन पूरे मानव शरीर में पाया जाता है और कोशिकाओं की विभिन्न क्रियाओं में शामिल है। यह प्रोटीन में मौजूद पॉलीबेसिक पेप्टाइड बॉन्ड की काट-छांट करके उसे छोटे-छोटे घटकों में तोड़ने में सक्षम है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, फ्यूरिन मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने वाले वायरस को नष्ट या सक्रिय भी कर सकता है। उन्होंने बताया कि मानव कोशिकाओं में फैलने के लिए फ्यूरिन का इस्तेमाल करने वाले रोगाणुओं में एचआईवी, इंफ्लुएंजा, डेंगू और सार्स-कोव-2 वायरस शामिल हैं।

शोधकर्ताओं (Researchers) ने कहा कि सार्स-कोव-2 वायरस जब किसी मानव कोशिका को संक्रमित करता है, तब फ्यूरिन सक्रिय अवस्था में होता है और उसके स्पाइक प्रोटीन को तोड़ चुका होता है। स्पाइक प्रोटीन का इस्तेमाल वायरस कोशिकाओं में प्रवेश करने और संक्रमण फैलाने के लिए करता है।

उन्होंने बताया कि हालांकि, संक्रमित कोशिका में जब वायरस की प्रतिकृति बनने की प्रक्रिया चलती है, तब स्पाइक प्रोटीन (spike protein) निष्क्रिय अवस्था में होता है।

शोधकर्ताओं की मानें तो स्पाइक प्रोटीन को दो हिस्सों-एस1 और एस2 में तोड़ने के लिए वायरस को संक्रमित कोशिका के फ्यूरिन की जरूरत पड़ती है, जिससे वायरल कणों में मौजूद स्पाइक सक्रिय हो जाते हैं और वायरस का तेजी से प्रसार करने लगते हैं।

शोधकर्ताओं ने कहा कि फ्यूरिन की क्रिया पर लगाम लगाकर सार्स-कोव-2 वायरस की प्रसार शृंखला बाधित की जा सकती है। हालांकि, यह एक जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि फ्यूरिन पूरे शरीर में मौजूद है और कोशिकाओं में कई अहम क्रियाओं के संचालन के लिए जरूरी है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

कोरोना के नए स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता, ब्रिटेन ने 6 अफ्रीकी देशों की यात्रा पर लगाया प्रतिबंध।

कोरोना के नए स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता, ब्रिटेन ने 6 अफ्रीकी देशों की यात्रा पर लगाया प्रतिबंध।

हे.जा.स. November 26 2021 45269

यूनाइटेड किंगडम ने गुरुवार को छह देशों से उड़ानों के अस्थायी निलंबन की घोषणा की है। ब्रिटेन ने यह फै

झारखण्ड में हर साल, एक हजार ह्रदय रोगियों का होगा मुफ्त इलाज

झारखण्ड में हर साल, एक हजार ह्रदय रोगियों का होगा मुफ्त इलाज

विशेष संवाददाता August 23 2022 24060

श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल ने झारखंड के एक हजार हृदय रोगियों का मुफ्त इलाज करने का फैसला किया है।

एसजीपीजीआई ने पोषण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए वॉकथन का किया आयोजन 

एसजीपीजीआई ने पोषण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए वॉकथन का किया आयोजन 

आयशा खातून September 29 2022 41294

वॉकथन में स्लोगन के माध्यम से जनता को आकर्षित करने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में कैंडल मार्च का भ

कोरोना का क़हर का प्रकृति पर प्रभाव.

कोरोना का क़हर का प्रकृति पर प्रभाव.

सम्पादकीय विभाग January 19 2021 27573

आज हम मेडिकल साइंस के लिहाज़ से भी काफ़ी आगे बढ़ चुके हैं. लिहाज़ा उम्मीद यही है कि नए कोरोना वायरस

अंबेडकरनगर के मेडिकल कॉलेज में कई दवाएं खत्म

अंबेडकरनगर के मेडिकल कॉलेज में कई दवाएं खत्म

विशेष संवाददाता April 02 2023 26526

राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर बेहतर व निशुल्क इलाज का बड़ा केंद्र मरीजों के लिए माना जाता है, लेकिन इ

सिर्फ 11 रुपये में इस निजी अस्पताल में होता है इलाज!

सिर्फ 11 रुपये में इस निजी अस्पताल में होता है इलाज!

आरती तिवारी June 28 2023 33887

पंचकूला में एक ऐसा अत्याधुनिक निजी अस्पताल है, जहां सिर्फ 11 रुपये में होता है।

NEET PG एडमिशन के लिए कम हुआ कट-ऑफ स्कोर

NEET PG एडमिशन के लिए कम हुआ कट-ऑफ स्कोर

विशेष संवाददाता October 21 2022 32196

एमसीसी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, जो उम्मीदवार पर्सेंटाइल कम करने के बाद पात्र हो गए हैं, उन्हें न

बुढ़ापा आने के संभावित कारण

बुढ़ापा आने के संभावित कारण

लेख विभाग October 03 2022 31565

जैसे जैसे हमारी आयु बढ़ती है, हमारे शरीर की कई प्रणालियां जर्जर होने लगती हैं। जैसे कि हमारी आंखे कम

खाने-पीने की ये चीज़ें बढ़ाती हैं कैंसर का रिस्क

खाने-पीने की ये चीज़ें बढ़ाती हैं कैंसर का रिस्क

आरती तिवारी August 19 2022 35934

खाने की कई ऐसी चीजें जो हम रोज खाते हैं वो कैंसर का कारण बन सकती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक कैंसर से

भारत में पहुंचा कोरोना का नया वैरिएंट

भारत में पहुंचा कोरोना का नया वैरिएंट

एस. के. राणा October 18 2022 25742

कोरोना के नए वैरिएंट ने दस्तक दे दी है। खबरों के मुताबिक, कोरोना का यह नया वैरिएंट ओमिक्रॉन का सब-वै

Login Panel