











































प्रतीकात्मक चित्र
नीबू एक फल है। जो विटामिन सी से भरपूर होता है। इसका रंग पीला या हरा तथा स्वाद खट्टा होता है। इसके रस में साइट्रिक एसिड (Citric acid) पाया जाता है, जिसका pH 2 से 3 तक होता है। इसके फल, बीज, छिलके, पत्ते इत्यादि सभी का प्रयोग होता है। इसकी रोग निवारक क्षमता बहुत अधिक है।
इसमें प्रोटीन और वसा के साथ-साथ पोटेशियम, आयरन, सोडियम, मैगनेशियम, कॉपर, फास्फोरस और क्लोरीन जैसे माइक्रो मिनरल्स (micro minerals) भी पाए जातें हैं। नीबू विटामिन सी से भरपूर होता है इसलिए यह एंटी आक्सीडेंट का काम भी करता है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। विश्व में सबसे अधिक नीबू का उत्पादन भारत में होता है।
प्रोटीन (protein), कार्बोहाइड्रेट (carbohydrates), विटामिन सी (vitamin C) और मिनरल्स से भरपूर नींबू सेहत और सौंदर्य (beauty) के लिए बहुत फायदेमंद है। इन गर्मियों में नींबू के रस को साफ़ सुथरे पानी में मिलाकर पीना चाहिए। इससे होने वाले फायदे को हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएँगे।
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए - To increase immunity

आपके पूरे जीवनकाल की गतिविधियाँ आपकी इम्यूनिटी (immunity) पर निर्भर करतीं हैं। मज़बूत इम्यूनिटी से आप शारीरिक (immunity) और मानसिक (mentally) रूप से स्वस्थ्य रहतें हैं। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिये नींबू पानी पीना बेहद फायदेमंद हो सकता है। नींबू जैसे खट्टे फलों में विटामिन-सी, बायोफ्लेवोनॉयड (bioflavonoids) और फाइटोन्यूट्रियंट्स (phytonutrients) पाये जातें हैं जो इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होतें हैं। विटामिन-सी हृदय रोग (heart disease) और स्ट्रोक (stroke) के साथ, लो-ब्लड प्रेशर (low-blood pressure) के जोखिम को कम कर सकता है।
शरीर से विषाक्त पदार्थों बाहर करने के लिए – To flush out toxins from the body

ऐसा माना जाता है कि खाली पेट नींबू पानी सेवन करने से अधिकतम लाभ मिलता है। यह एंजाइम फ़ंक्शन (enzyme function) को बढ़ाकर, लिवर (liver) को उत्तेजित करता है। जिससे शरीर में पित्त प्रवाह सक्रिय होता है। ऐसे में शरीर से तमाम तरह के विषाक्त पदार्थों (toxins) को निकालना आसान हो जाता है।
वजन कम करने के लिए - To lose weight

अनुसंधानों से पता चलता है कि नींबू में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल एंटीऑक्सिडेंट (polyphenol antioxidants) मोटापे को बढ़ाने वाले कारकों को कम करने में सहायक हो सकते हैं। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि नींबू में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट (antioxidants) यौगिक रक्त शर्करा (blood sugar) के स्तर को कम करने और इंसुलिन प्रतिरोध (insulin resistance) में सुधार करने में भी सहायक हैं, जिससे टाइप-2 डायबिटीज (type 2 diabetes) का खतरा भी कम हो सकता है।
त्वचा की सुंदरता बनाये रखने के लिए - To maintain the beauty of the skin

क्लिनिकल, कॉस्मेटिक एंड इंवेस्टिगेशनल डर्मेटोलॉजी जर्नल के एक अध्ययन के अनुसार पर्याप्त मात्रा में पानी (प्रति दिन 13 कप से अधिक) पीने से त्वचा के जलयोजन (hydration) पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नींबू पानी (lime water) पीने से शरीर में पानी का स्तर बना रहता है। नींबू में पाया जाने वाला विटामिन-सी त्वचा की झुर्रियों को कम करने और धूप से त्वचा को होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखने में सहायक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, यदि त्वचा की नमी कम हो जाए तो वह शुष्क होने लगती है और झुर्रियों का खतरा बढ़ जाता है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
प्रदेश में शुक्रवार को 5 बच्चों समेत 42 लोग डेंगू से पीड़ित मिले। इससे जम्मू कश्मीर में अब तक 8013 ल
कोरोना की चौथी लहर 22 जून के आसपास शुरू हो सकती है। यह अगस्त के अंत तक चरम पर हो सकती है। सरकार ने क
गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन अचानक से डॉक्टरों ने खून की मांग की,
केजीएमयू के तीन दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम रैह्पसोडी - 2022 के दूसरे दिन भी कन्वेंशन सेन्टर
भारतीय प्राचीन चिकित्सा पद्धति यथा आयुर्वेद, नैचरोपैथी, योग, ध्यान, शाकाहार युक्त जीवन पद्धति, परिवा
जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज 400 से 500 मरीज वायरल फीवर, बुखार, सर्दी, जुकाम से ग्रस्त मरीज इलाज
डा0 नीरा कोहली ने वर्ष 1978 में एम0बी0बी0एस0 एस एन मेडिकल कालेज, आगरा से एवं एम् डी (रेडियोडाइयग्नोस
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने 28 दिसंबर को वयस्कों के लिए और 9 मार्च को 12 से 17 वर्ष के आयु वर्ग
इस दौरान डॉक्टर और स्टॉफ अस्पताल छोड़कर भाग गए। सूचना पर पुलिस बल के साथ पहुंचे सीओ सिटी ने मामले को
यह वायरल अचानक बच्चों को बीमार कर देता है। इसमें बच्चों को क्वारंटाइन होने की सलाह दी जाती है क्योंक

COMMENTS