देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

दिल्ली के ऑटोरिक्शा चालकों, सफाईकर्मियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के स्वाथ्य पर आईआईटी ने किया शोध

दिल्ली में काम करने वाले ऑटोरिक्शा चालक, सफाईकर्मी और रेहड़ी-पटरी विक्रेता बहुत ज्यादा गर्मी और सर्दियों के दौरान खराब वायु गुणवत्ता और बहुत सख्त मौसम के दुष्प्रभावों का सामना करते हैं।

एस. के. राणा
June 26 2022 Updated: June 26 2022 14:20
0 26489
दिल्ली के ऑटोरिक्शा चालकों, सफाईकर्मियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के स्वाथ्य पर आईआईटी ने किया शोध प्रतीकात्मक चित्र

दिल्ली के ऑटोरिक्शा चालकों, सफाईकर्मियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के स्वाथ्य पर आईआईटी ने किया शोध 

नई दिल्ली। नियमित रूप से खतरनाक हवा में सांस लेने के स्वास्थ्य दुष्प्रभावों का सामना खुले में काम करने वाले लोग ज्यादा करते हैं। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, तिरुपति के प्रोफेसर सुरेश जैन ने शोध में पायाकि व्यापक वायु प्रदूषण और ख़राब मौसम के कारण कार्यस्थल संबंधी जोखिम देश की राष्ट्रीय राजधानी में खुले में काम करने वाले कामगारों के स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को बढ़ा देते हैं। 


दिल्ली में काम करने वाले तीन पेशे से जुड़े कामगारों ऑटोरिक्शा चालकों (autorickshaw driver), सफाईकर्मियों (Safai krmchaaree) और रेहड़ी-पटरी (street vendors) विक्रेताओं के सांस लेने में कठिनाई या फेफड़ों (lung) की अत्यधिक खराबी, दिल की अनियमित धड़कन और सीने में परेशानी, पीठ, कंधे और जोड़ों में दर्द, आंखों का लालपन एवं जलन, और त्वचा पर चकत्ते, सिरदर्द और समग्र रूप से उनके परेशानियों का आकलन किया गया, ये कामगार बहुत ज्यादा गर्मी और सर्दियों ( extreme heat and winter) के दौरान खराब वायु गुणवत्ता और बहुत सख्त मौसम के दुष्प्रभावों का सामना करते हैं,


इस अध्ययन रिपोर्ट का शीर्षक है, "दिल्ली में खुले में काम करने वाले कामगारों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण और ख़राब मौसम के दुष्प्रभाव का मूल्यांकन', एक समेकित महामारी विज्ञान दृष्टिकोण"। यह अध्ययन कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों के डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों द्वारा किया गया। इसमें चिकित्सा विशेषज्ञों के परामर्श पर विस्तृत प्रश्नावली का इस्तेमाल किया गया ताकि खुले में काम करने वाले कामगारों के स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण (air pollution) और ख़राब मौसम के दुष्प्रभावों संबंधी चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुभवों को समझा जा सके. साथ ही इससे संबंधित संदेह को दूर करने के लिए पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (pulmonary function tests) किए गए। 


इस रिपोर्ट के मुख्य लेखक और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (Indian Institute of Technology), तिरुपति, आंध्र प्रदेश के प्रोफेसर सुरेश जैन ने कहा, “वर्षों से, दिल्ली में वायु प्रदूषण गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। शहर की भौगोलिक स्थिति इसे गर्मी और सर्दियों, दोनों मौसमों में धुंध (smog) के साथ-साथ ख़राब मौसम जैसे वायु प्रदूषण संबंधी घटनाओं के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बना देती है। ऐसे परिदृश्यों में खुले में काम करने वाले कामगार सबसे ज्यादा प्रभावित होने वालों में शामिल हैं।"


प्रो जैन ने आगे कहा कि अध्ययन में पाया गया कि प्रभावी जोखिम न्यूनीकरण उपायों और नीतियों की कमी के साथ-साथ लंबे काम के घंटे और बदलते कार्यस्थल, इन कामगारों के लिए वायु प्रदूषण और कठोर परिस्थितियों के खतरों को बढ़ा देते हैं। 


इस सर्वेक्षण में जिन 283 लोगों ने भाग लिया, उनमें से 63 का पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट (पीएफटी) किया गया और प्रतिभागियों के फेफड़ों को हुआ नुकसान पर उम्र और धूम्रपान जैसे कारणों के प्रभाव का विश्लेषण करने के लिए स्टैटिस्टिकल टूल्स (सांख्यिकीय साधनों) का इस्तेमाल किया गया। 


प्रोफेसर जैन के साथ, अध्ययन के अन्य लेखकों में टेरी स्कूल ऑफ एडवांस स्टडीज, दिल्ली के वैष्णवी बर्थवाल, आयुषी बबुता और डॉ. चुबामेनला जमीर; यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ अरुण कुमार शर्मा और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के डॉ. अनंत मोहन शामिल हैं। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

दुनिया में बढ़े कोरोना संक्रमण और मौत के मामले। 

दुनिया में बढ़े कोरोना संक्रमण और मौत के मामले। 

एस. के. राणा July 16 2021 25021

संक्रमण के मामलों में पिछले हफ्ते करीब 10 फीसदी यानी की लगभग 30 लाख की वृद्धि हुई। इनमें से सबसे अधि

मोटापा कम करने के लिए खाएं ये हेल्दी फू़ड्स

मोटापा कम करने के लिए खाएं ये हेल्दी फू़ड्स

आरती तिवारी June 29 2023 30647

आज अस्वस्थ जीवनशैली के कारण उत्पन्न बीमारियों में से सबसे बड़ी बीमारी मोटापा है। यह बीमारी पूरी दुनि

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल लखनऊ में कोलोरेक्टल कैंसर की रोकथाम के लिए ‘कोलफिट’स्क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू 

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल लखनऊ में कोलोरेक्टल कैंसर की रोकथाम के लिए ‘कोलफिट’स्क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू 

हुज़ैफ़ा अबरार May 16 2025 27430

डा वासिफ रज़ा ने कहां कि मल में खून आने को अधिकतर लोग बवासीर मानक इलाज करते हैं या इसे अंदेखा कर देत

एम्स के चिकित्सकों का दावा, ब्रेल से जल्द बजती है दिमाग की घंटी

एम्स के चिकित्सकों का दावा, ब्रेल से जल्द बजती है दिमाग की घंटी

विशेष संवाददाता January 05 2023 27535

डॉ. राजेंद्र प्रसाद और नेत्र विज्ञान केंद्र में सामुदायिक नेत्र विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. सूरज सिंह से

कोविड वैक्सीनेशन: 10 जनवरी से लगेगा बूस्टर डोज, पात्र लोग करा सकतें है कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन

कोविड वैक्सीनेशन: 10 जनवरी से लगेगा बूस्टर डोज, पात्र लोग करा सकतें है कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन

एस. के. राणा January 09 2022 14983

नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक व अतिरिक्त सचिव विकास शील ने कहा, 'अब सीनियर सिटिजन, फ्रंटलाइन व हेल्थकेय

PMCH में करोड़ों रुपये का गबन, एजेंसी के संचालक के खिलाफ FIR दर्ज

PMCH में करोड़ों रुपये का गबन, एजेंसी के संचालक के खिलाफ FIR दर्ज

विशेष संवाददाता November 03 2022 30278

इस संबंध में पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आइएस ठाकुर ने एजेंसी के संचालक राकेश कुमार के खिलाफ पीरबहोर थाने

स्टडी में हुआ खुलासा, युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं ये 7 प्रकार के कैंसर

स्टडी में हुआ खुलासा, युवाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं ये 7 प्रकार के कैंसर

श्वेता सिंह September 07 2022 28056

शोधकर्ताओं द्वारा बताया गया है कि कैंसर 1990 के बाद से विश्व स्तर पर नाटकीय रूप से बढ़ गया है। हैरान

कार्डियक और न्यूरोवैस्कुलर मरीज़ को रीजेंसी हेल्थ का तोहफा, कैथ लैब के अत्यधुनिक तकनीक से होगा इलाज

कार्डियक और न्यूरोवैस्कुलर मरीज़ को रीजेंसी हेल्थ का तोहफा, कैथ लैब के अत्यधुनिक तकनीक से होगा इलाज

हुज़ैफ़ा अबरार February 06 2026 2359

इंटरवेंशनल प्रक्रिया के दौरान दृश्य की स्पष्टता और रेडिएशन डोज़ हमारे हर फैसले को प्रभावित करते हैं।

क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस: कारण, निदान, जटिलताएं और उपचार

क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस: कारण, निदान, जटिलताएं और उपचार

लेख विभाग May 11 2022 42397

क्रोनिक पैंक्रियाटाइटिस आपके अग्न्याशय में होने वाली सूजन है जो ग्रंथि के प्रगतिशील विनाश का कारण बन

लखनऊ: दूषित पानी पीने से बढ रहा टायफायड का खतरा, दो सालों से नहीं हुई पीने के पानी की जांच

लखनऊ: दूषित पानी पीने से बढ रहा टायफायड का खतरा, दो सालों से नहीं हुई पीने के पानी की जांच

श्वेता सिंह September 29 2022 27898

बीमारी से बचने के लिए सबसे असरदार उपाय है की पीने के पानी की नियमित जांच की जाए लेकिन राजधानी लखनऊ म

Login Panel