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लखनऊ/गोरखपुर। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को परखने के लिए औचक निरीक्षण किया जिसमें जमीनी स्तर पर बड़ी लापरवाही और गड़बड़ियां सामने आई। 98 फीसदी स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर व कर्मी अनुपस्थित पाए गए।
जिलाधिकारी गोरखपुर डॉ कृष्णा करुणेश (District Magistrate Gorakhpur Dr Krishna Karunesh) ने स्वास्थ्य सेवाओं (health services) को परखने के लिए औचक निरीक्षण (surprise inspections) करने के लिए 22 टीम्स गठित की। और फिर जब ये टीम्स स्वास्थ्य केंद्रों (health centers) पर पहुंची तो सारी सच्चाई सामने आ गई। 22 स्वास्थ्य केंद्रों की जांच में 52 डॉक्टर्स 205 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित (Doctors and workers found absent) मिलें।

जिलाधिकारी गोरखपुर डॉ कृष्णा करुणेश ने कहा कि अनुपस्थित मिले सभी डॉक्टर्स व कर्मचारियों का एक दिन वेतन अग्रिम आदेश तक रोक (DM stopped salary) दिया गया है। सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है और आगे भी जांच कराई जाएगी। अगली बार अनुपस्थित मिलने पर और कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
इस औचक निरीक्षण में पोल खुल गई कि स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाएं (facilities in health centers) हैं, दवाएं हैं लेकिन डॉक्टर्स व कर्मचारियों के उपस्थित न रहने से (non-availability of doctors and staff) उनका लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज (treatment in private hospitals) कराने को मजबूर हो रहे हैं। ये शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी गोरखपुर ने इसकी पड़ताल करवाई और सच्चाई सामने आ गई।
जिलाधिकारी गोरखपुर के इस औचक निरीक्षण के बाद पूरे जनपद में हड़कम्प मचा हुआ है लेकिन प्रदेश के अन्य जिलों के लिए इसे नज़ीर माना जा रहा है।







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