











































मेरठ। जनपद के कई अस्पतालों में ऐसे डॉक्टर्स के नाम पर इलाज हो रहा है जो वहां नहीं आते-जाते ही नहीं हैं। ये अस्पताल मरीजों का आयुष्मान भारत पैनल के तहत इलाज कर रहे हैं। सीएमओ की जाँच में बड़ा घोटाला पकड़ में आया है।
मेरठ के अस्पतालों (hospitals of Meerut) में बड़े डॉक्टर्स का नाम इस्तेमाल कर आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat scheme) के तहत इलाज किया जा रहा था। जब सीएमओ (Meerut CMO) को इसकी भनक लगी तो उन्होंने जाँच के लिए अस्पतालों से डॉक्टर्स को अपने सामने बुलवाया। इसके बाद यह सच्चाई (CMO caught big scam) सामने आई कि अस्पतालों में ऐसे डॉक्टर्स (fake doctors) के नाम पर इलाज हो रहा है जो वहां नहीं आते-जाते ही नहीं हैं।
सोमवार तक सीएमओ के समक्ष 11 अस्पताल अपने पैनल के सिर्फ 25 डॉक्टर्स ही पेश कर पाए। सीएमओ ने आगाह किया कि कल तक अन्य डॉक्टर्स का वेरीफिकेशन (fake doctors in many hospitals) नहीं हुआ तो आयुष्मान भारत का पैनल (Ayushman Bharat panel) खत्म कर दिया जाएगा।
मेरठ सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन (Meerut CMO Dr Akhilesh Mohan) ने कहा कि आयुष्मान भारत के पैनल में ऐसे डॉक्टर्स का नाम मिला जिनका वहां आना-जाना नहीं है। यह घोर अनियमितता है, जिसके खिलाफ कार्यवाही होगी। अस्पताल संचालकों (Hospital operators) ने जल्द ही पोर्टल और बोर्ड से डॉक्टर्स का नाम हटाने के लिए कहा है इसकी प्रतिदिन जांच होगी।
एक बानगी
मेरठ जिले में कुल 11 यूरोलोजिस्ट हैं (Urologists in Meerut) जो लगभग 15 अस्पतालों में आते-जाते हैं। जबकि आयुष्मान भारत के 68 अस्पतालों में से 30 से ज्यादा में यूरोलोजी (Urology) चल रही है।







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