देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

कोरोना का घातक वेरिएंट डेल्टा प्लस।

वैज्ञानिकों ने बताया है कि नया डेल्टा प्लस वेरिएंट, वायरस के K417N म्यूटेशन के कारण बना है। वैज्ञानिक विनोद स्कारिया ने बताया कि कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन में म्यूटेशन के कारण डेल्टा प्लस वेरिएंट सामने आया है।

लेख विभाग
June 19 2021 Updated: June 19 2021 18:12
0 27809
कोरोना का घातक वेरिएंट डेल्टा प्लस। प्रतीकात्मक

कोरोना संक्रमण की तबाही का मंज़र थमा ही नहीं था कि वैज्ञानिकों ने बहरूपिये कोरोना के एक और वेरियंट के प्रति आगाह कर दिया। कोरोना के इस नए स्वरूप को नाम दिया गया है डेल्टा प्लस वेरिएंट्स। ये वेरिएंट्स दूसरी लहर में तबाही मचाने वाले डेल्टा वेरिएंट् का बदला स्वरूप है।

डेल्टा वेरिएंट न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में कहर बरपा रहा है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस वेरिएंट को 'चिंता के विषय' के रूप में भी वर्गीकृत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे पहले ब्रिटेन में पाए गए कोरोना के अल्फा वेरिएंट्स की तुलना में डेल्टा काफी अधिक प्रभावी है। हालिया अपडेट में वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट (B.1.617.2) म्यूटेशन के बाद 'डेल्टा प्लस' (AY.1) वेरिएंट में बदल गया है।

इस लेख में कोरोना के इस घातक वेरिएंट के बारे में विस्तार से जानते हैं। इस लेख में विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे कि 'डेल्टा प्लस' कितना खतरनाक हो सकता है? और क्या इसे ही कोरोना की तीसरी लहर के संकेत के रूप में देखा जाना चाहिए?

कोरोना का डेल्टा वेरिएंट
'डेल्टा प्लस' के बारे में जानने से पहले आइए आपको बता देते हैं कि आखिर कोरोना का डेल्टा वेरिएंट क्या है, जिसे लेकर दुनियाभर में बहस छिड़ी हुई है। दूसरी लहर में कोरोना की गंभीर संक्रामकता के कारणों का पता लगा रहे विभिन्न भारतीय संस्थानों के वैज्ञानिकों की एक टीम ने डेल्टा वेरियंट (बी.1.617.2) के बारे में लोगों को सूचित किया। वैज्ञानिकों द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्ष में पाया गया है कि डेल्टा वेरियंट (बी.1.617.2) अन्य वेरियंट्स की तुलना में काफी अधिक संक्रामक हैं। अल्फा वेरियंट की तुलना में इसका ट्रांसमिशन भी 50 फीसदी से अधिक होने का अनुमान है। इसके अलावा अल्फा की तुलना में डेल्टा वेरियंट का वायरल लोड भी अधिक पाया गया है। 

डेल्टा प्लस क्या है?
वैज्ञानिकों ने बताया है कि नया डेल्टा प्लस वेरिएंट, वायरस के K417N म्यूटेशन के कारण बना है। दिल्ली स्थित सीएसआईआर- इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) के वैज्ञानिक विनोद स्कारिया ने एक ट्वीट में बताया कि कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन में म्यूटेशन के कारण डेल्टा प्लस वेरिएंट सामने आया है। 

कितना खतरनाक साबित हो सकता है 'डेल्टा प्लस'
डॉ. स्कारिया के अनुसार, मौजूदा समय में भारत में वायरस के K417N म्यूटेशन वाले वेरिएंट की फ्रीक्वेंसी बहुत अधिक नहीं है। ज्यादातर यूरोप, एशिया और अमेरिका के हिस्सों में इसमें परिवर्तन की सूचना है। इस बारे में एक और बात पता चली है कि यह मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का प्रतिरोध कर सकता है। 

पुणे स्थित इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च की प्रोफेसर और इम्यूनोलॉजिस्ट विनीता बल कहती हैं कि फिलहाल इसका निर्धारण करना कठिन है कि नया स्ट्रेन कितना संक्रामक हो सकता है? इसके अलावा इसके ट्रांसमिशन को लेकर भी कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। हां इतना जरूर है कि इससे संक्रमित होने वाले लोगों में निश्चित ही खतरा अधिक हो सकता है। क्या यही कोरोना की तीसरी लहर का कारण बनेगा, इस बारे में स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है।

डेल्टा प्लस, 'वेरिएंट ऑफ कंसर्न' नहीं
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि डेल्टा प्लस को अभी डेल्टा वेरिएंट की तरह 'चिंता कारक' के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा, “हम यह कह सकते हैं कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के बारे में पता चला है, हालांकि इसे चिंता कारक के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया है। इस संबंध में जानने के लिए अभी और अधिक अध्ययनों की आवश्यकता है। किसी भी नए वेरिएंट से निपटने का एकमात्र सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है कोविड से बचाव के सभी नियमों का पालन करना। सभी लोगों को नियमित रूप से इन नियमों का पालन करते रहना चाहिए।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

बांझपन के 40% मामलों की वजह टीबी

बांझपन के 40% मामलों की वजह टीबी

आरती तिवारी August 10 2023 31081

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RML) की रिप्रोडक्टिव मेडिसिन यूनिट की इंचार्ज डॉ. मालविता

ब्रिटेन में आया कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टाक्रॉन

ब्रिटेन में आया कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टाक्रॉन

हे.जा.स. February 17 2022 31158

ब्रिटेन में कोरोना वायरस के निए वैरिएंट डेल्टाक्रॉन की पुष्टि हुई है। पहले तो इसे लैब त्रुटि का परिण

कोविशील्ड ट्रेडमार्क विवाद में क्युटिस बायोटेक की याचिका ख़ारिज, सीरम को मिली राहत।

कोविशील्ड ट्रेडमार्क विवाद में क्युटिस बायोटेक की याचिका ख़ारिज, सीरम को मिली राहत।

हे.जा.स. January 31 2021 31399

सीरम के वकील हितेश जैन ने कहा कि कोर्ट ने उनकी दलील पर क्यूटिस-बायोटेक की याचिका खारिज कर दी। क्यूटि

प्रदेश में एक दिन में रिकार्ड 28 हजार टीबी मरीज गोद लिये गये

प्रदेश में एक दिन में रिकार्ड 28 हजार टीबी मरीज गोद लिये गये

हुज़ैफ़ा अबरार October 02 2022 33680

देश को 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने के लिए कई कार्यक्रम चलाये जा

एयरपोर्ट पर कोरोना नियम बदला, अब आरटीपीसीआर टेस्ट और होम क्वॉरंटीन खत्म

एयरपोर्ट पर कोरोना नियम बदला, अब आरटीपीसीआर टेस्ट और होम क्वॉरंटीन खत्म

हे.जा.स. February 10 2022 32626

14 फरवरी से भारत आने वाले यात्रियों को आरटीपीआर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी। इसके बदले पूर्ण टीका

नीतीश कैबिनेट का फैसला, डीएमसीएच में बनेगा 2100 बेड वाला हॉस्पिटल

नीतीश कैबिनेट का फैसला, डीएमसीएच में बनेगा 2100 बेड वाला हॉस्पिटल

विशेष संवाददाता July 04 2023 33238

एम्स को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच सीएम नीतीश कुमार ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक नए अस्पताल

कैलिफोर्निया में प्लेग फैलने की आंशका पर चूहों को ज़हर से मारने का निर्णय।

कैलिफोर्निया में प्लेग फैलने की आंशका पर चूहों को ज़हर से मारने का निर्णय।

हे.जा.स. December 20 2021 36030

पर्यावरण कार्यकर्ताओं की आपत्तियों के बावजूद इस योजना को स्वीकृति दी गई है। उनका मानना है कि इससे न

अखबार पढ़ते-पढ़ते शख्स को आया हार्ट अटैक, हुई मौत

अखबार पढ़ते-पढ़ते शख्स को आया हार्ट अटैक, हुई मौत

जीतेंद्र कुमार November 07 2022 26816

राजस्थान के बाडमेर में एक युवक की अखबार पढ़ते-पढ़ते हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं बिहार के गोपालगंज

एरा के डॉक्टरों ने हृदय की जटिल सर्जरी कर बचाई जान।

एरा के डॉक्टरों ने हृदय की जटिल सर्जरी कर बचाई जान।

हुज़ैफ़ा अबरार July 18 2021 32567

पांच जुलाई को मरीज का ऑपरेशन किया गया। पांच घंटे तक चले इस ऑपरेशन में मरीज का एक वाल्व बदला गया और ब

गर्मी से होने वाली बीमारियों से सावधान रहें, अपने आपको हाइड्रेट रखें: डॉ. डी.पी. सिंह

गर्मी से होने वाली बीमारियों से सावधान रहें, अपने आपको हाइड्रेट रखें: डॉ. डी.पी. सिंह

हुज़ैफ़ा अबरार May 11 2022 36208

हमारा शरीर डीहाइड्रेट होने पर ज्यादा लार का उत्पादन नहीं करता है। जब लार पर्याप्त मात्रा में नहीं बन

Login Panel