देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

पति ने लीवर दानकर पत्नी की बचायी जान।

हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, अल्कोहल और नॉन—अल्कोहलिक फैटी लीवर जैसी बीमारियां देश में क्रोनिक लीवर रोग के सबसे बड़े कारण हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
March 17 2021 Updated: March 17 2021 19:02
0 39196
पति ने लीवर दानकर पत्नी की बचायी जान। प्रतीकात्मक

डॉ. संजीव सैगल 

नयी दिल्ली। पत्नी को आटो इम्युन डिसआर्डर होने के कारण क्रोनिक लीवर रोग हो गया तो पति ने उसकी जिंदगी बचाने के लिए अपना लीवर उसे दान कर दिया। मैक्स हॉस्पिटल, साकेत के डॉक्टरों ने लीवर प्रत्यारोपण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। लखनऊ की 41 वर्षीया शिक्षिका पिछले एक साल से आटोइम्युन सिरोसिस से जूझ रही थी और सभी तरह के उपाय करने के बावजूद उसकी स्थिति बिगड़ती ही जा रही थी। मैक्स हॉस्पिटल साकेत, दिल्ली में सेंटर आफ लीवर एंड बिलियरी साइंस के प्रमुख निदेशक और हीपैटोलॉजी एवं लीवर ट्रांसप्लांट के प्रमुख डॉ. संजीव सैगल ने कहा, 'मरीज की लगातार बिगड़ती हालत के कारण उसका लीवर ट्रांसप्लांट कराना ही एकमात्र विकल्प रह गया था। लीवर दान करने वाले की तलाश करना वाकई बहुत बड़ी चुनौती थी। खुशकिस्मती से उसके पति ही लीवर दान करने के लिए तैयार हो गए। सभी तरह की जांच और काउंसिलिंग के बाद मरीज में सफलतापूर्वक लीवर प्रत्यारोपित कर दिया गया। मरीज में 

आश्चर्यजनक तरीके से रिकवरी भी हो गई और इम्युनोसप्रेसिव दवाइयों की मदद से प्रत्यारोपित किया गया लीवर अच्छी तरह काम करने लगा।'

एसाइटिस, पीलिया और बार-बार हेपेटिक एनसेप्लापैथी के रूप में मरीज का लीवर बहुत हद तक खराब हो चुका था। ऐसा उसके आए दिन अपनी लाइफस्टाइल और दिनचर्या से समझौता करते रहने के कारण हो गया था और उसकी स्थिति देखकर नहीं लगता था कि वह कुछ महीनों से ज्यादा जिंदा रह पाएगी।

मरीज के आपरेशन के बाद पित्त संबंधी कई समस्याएं भी आई और उसे लेपरोटोमी और हीपाटिकोजेजनोस्टोमी की भी जरूरत पड़ी। मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे परक्यूटेनियस बिलियरी इंटरवेंशन और कई स्टेंट भी दिए गए जिसे उसने अच्छी तरह बर्दाश्त किया और अब पूरी तरह सक्रिय जीवन में लौट आई है। मरीज को डॉ. सैगल और डॉ. गुप्ता की सख्त निगरानी में रखा गया और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है तथा अपने जीवन से जुड़े सभी कार्यों को बखूबी अंजाम दे रही है। यह केस बताता है कि एक सफल एलडीएलटी कैसे वरदान साबित हुआ है और आखिरी चरण के लीवर मरीजों को भी दीर्घायु बना देता है।
 
डॉ. सैगल ने कहा, 'हमारे देश में लीवर संबंधी बीमारियों के बहुत ज्यादा मामले हो गए हैं और जिन लोगों में यह रोग आखिरी चरण में पहुंच चुका है, उनके लिए लीवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र निर्णायक इलाज बच जाता है। हालांकि हमारे देश में ब्रेन डेड अंगदाताओं की बहुत ज्यादा कमी है क्योंकि यहां लोगों में जागरूकता का अभाव है। ऐसी परिस्थति में जीवित व्यक्तियों द्वारा लीवर दान किया जाना ही एकमात्र उचित उपाय है।'

हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, अल्कोहल और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर जैसी बीमारियां देश में क्रोनिक लीवर रोग के सबसे बड़े कारण हैं। वहीं अन्य कारणों में आटोइम्युन लीवर रोग (जैसाकि इस महिला को था) के कारण लीवर का खराब होना आखिरी चरण तक पहुंच सकता है और शुरुआत में यदि इसकी पहचान तथा इलाज नहीं होने पर लीवर ट्रांसप्लांट ही आखिरी विकल्प रह जाता है।
 
उन्होंने कहा, 'लोगों को समझ लेना चाहिए कि लीवर खराबी के आखिरी चरण में पहुंचे मरीज भी लीवर ट्रांसप्लांट करा सकते हैं क्योंकि अत्यंत स्पेशलाइज्ड अस्पतालों में इस जीवनरक्षक प्रक्रिया के शानदार परिणाम मिलते हैं और मरीज के जीवन की क्वालिटी बेहतर हो जाती है।'

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर के डॉक्टरों को ढ़ेरों उम्मीद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर के डॉक्टरों को ढ़ेरों उम्मीद

आनंद सिंह March 11 2022 36175

मेडिकल कालेज खोले जा रहे हैं, उनमें लेक्चरार, प्रोफेसर की नियुक्ति करनी चाहिए। सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर

देश में फिर बढ़ कोरोना केस, पिछले 24 घंटे में 796 नए मामले

देश में फिर बढ़ कोरोना केस, पिछले 24 घंटे में 796 नए मामले

एस. के. राणा March 18 2023 24143

देश में बीते 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमण के 796 नए मामले दर्ज किए गए है। वहीं, भारत में अभी 5,026 ल

मेनोपॉज के दौरान आयुर्वेद से ऐसे करें झड़ते हुए बालों की देखभाल

मेनोपॉज के दौरान आयुर्वेद से ऐसे करें झड़ते हुए बालों की देखभाल

श्वेता सिंह August 30 2022 34136

उम्र बढ़ने के बाद और मेनोपॉज के आसपास के वक्त में महिलाओं को भी हेयर लॉस, हेयर थिनिंग, डैंड्रफ और गं

यूपी के 93 अस्पतालों को मिला NQAS प्रमाण-पत्र, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दी बधाई

यूपी के 93 अस्पतालों को मिला NQAS प्रमाण-पत्र, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दी बधाई

admin March 14 2023 30319

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि 22 सीएचसी, 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, दो शहरी स्वास्थ्य केन्

भारतीय फार्मा उद्योग: महामारी में भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण के साथ पांच ऐहतियाती कदम उठायें: डॉ. सूर्यकांत

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण के साथ पांच ऐहतियाती कदम उठायें: डॉ. सूर्यकांत

हुज़ैफ़ा अबरार January 17 2022 36406

हाथ मिलाने की जगह नमस्कार करें, हाथों को बार-बार साबुन-पानी से धुलते रहें, भीड़भाड़ में जाने से बचें,

कम नींद लेना बन सकता है दिल के दौरे का कारण, शोध में हुआ खुलासा

कम नींद लेना बन सकता है दिल के दौरे का कारण, शोध में हुआ खुलासा

रंजीव ठाकुर July 03 2022 42016

कहा जाता है कि भरपूर नींद अच्छे स्वास्थ की निशानी होती हैं और अच्छी नींद लेने से दिल की बीमारियों से

अब यात्रियों के लिए RT-PCR जरूरी, 6 देशों के लिए जारी हुई गाइडलाइन

अब यात्रियों के लिए RT-PCR जरूरी, 6 देशों के लिए जारी हुई गाइडलाइन

एस. के. राणा December 30 2022 33998

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने बताया कि एक जनवरी से अब छह देशों से आने वाले यात्रिय

लोहिया के डॉ. विकास सिंह ने कोलकाता में जीते दो पुरस्कार

लोहिया के डॉ. विकास सिंह ने कोलकाता में जीते दो पुरस्कार

हुज़ैफ़ा अबरार August 31 2026 476

डॉ. विकास लंबे समय से उन्नत लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, शोध एवं अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से RMLIMS और

मौसम बदलने के साथ साथ पटाखों के धुएं, धूल ने भी बढ़ाई समस्या, बचाव के लिए यह करें ये उपाय

मौसम बदलने के साथ साथ पटाखों के धुएं, धूल ने भी बढ़ाई समस्या, बचाव के लिए यह करें ये उपाय

जीतेंद्र कुमार October 28 2022 27124

सर्दी जुकाम खांसी और सिरदर्द के साथ साथ हल्के बुखार की समस्या से लोग परेशान हैं। दिवाली के बाद से अस

Login Panel