











































प्रतीकात्मक चित्र
लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर की लगी हुई आग बुझने की जगह भड़कती ही जा रही है। अब स्वास्थ्य विभाग के समूह ग कर्मचारियों ने आंदोलन की बकायदा शुरुआत कर दी है।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ0प्र0 (State Employees Joint Council, Uttar Pradesh) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (UP Medical and Health Department) में शासन द्वारा जारी स्थानान्तरण नीति 2022-23 के विरुद्ध किये गये स्थानान्तरण को निरस्त करने की मांग करते हुए 14 जुलाई 2022 को महानिदेशालय पर धरने व घेराव का निर्णय लिया है।
बलरामपुर चिकित्सालय (Balrampur Hospital) में परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि कार्मिक अनुभाग-4 उ0प्र0 शासन द्वारा वर्ष 2022-23 हेतु जारी स्थानान्तरण नीति (against the transfer policy) के विपरीत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में पैरामेडिकल एवं अन्य सभी संवर्गाे में व्यापक स्थानान्तरण किये गये हैं। विभाग द्वारा किये गये स्थानान्तरण में स्थानान्तरण नीति का पूण रूप से पालन नहीं किया गया है एवं स्थानान्तरण नीति के प्रस्तर-05 के विपरीत जाकर मान्यता प्राप्त संगठनों के अध्यक्ष/सचिव, दिव्यांग, दाम्पत्य नीति, गम्भीर बीमारी, दो वर्ष से कम सेवानिवृत्ति होने वाले, भिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारियों का नियम विरूद्व स्थानान्तरण किया गया है।
कर्मचारियों को जनपद/मण्डल में कार्यकाल अवधि पूर्ण न होने पर भी उनका स्थानान्तरण कर दिया गया है। जनपदों/मण्डलों में अधिक समय से तैनात कार्मिकों का स्थानान्तरण ना करके कम समय से तैनात कार्मिकों का स्थानान्तरण कर दिया गया। स्वयं के अनुरोध पर ऑनलाइन स्थानांतरण में मेरिट को आधार नहीं बनाया गया व अनेकों दिव्यांग, दाम्पत्य नीति, गंभीर बीमारी से ग्रस्त कर्मचारियों का स्थानांतरण अनुरोध के उपरान्त भी नहीं किया गया। अनेकों कार्मिकों द्वारा स्वयं के अनुरोध पर प्रथम विकल्प के पद रिक्त होने के बाद भी अन्य जनपदों में स्थानांतरण कर दिया गया है।
वी0पी0 मिश्रा, अध्यक्ष कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा, उत्तर प्रदेश ने कहा कि- कोरोना वारियर्स के प्रति स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के प्रति अपनाई गई नीति विरूद्ध कार्यवाही का संज्ञान मुख्यमंत्री लेते हुये अपने स्तर से सम्बन्धित को समस्त नीति विरूद्ध स्थानान्तरण निरस्त करने के आदेश करे। जिससे स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था बेपटरी न हों।
परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत ने कहा कि स्थानांतरण नीति के विपरीत किए गए स्थानांतरण से चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के समस्त संवर्गों के कर्मचारियों में अत्यंत रोष व्याप्त है। शासन द्वारा स्थानांतरण किए जाने की अंतिम तिथि 30 जून 2022 निर्धारित की गई थी। परंतु स्थानांतरण सूचियां दिनांक 1 जुलाई को सायं काल के उपरांत एवं 2 जुलाई 2022 को जारी की गई।
परिषद ने मुख्यमंत्री (CM Yogi) व उपमुख्यमंत्री, चिकित्सा स्वास्थ परिवार कल्याण मंत्री (Deputy CM Brijesh Pathak) से मांग की है कि त्रुटिपूर्ण किये गये स्थानान्तरण/पटल परिवर्तन को निरस्त/संशोधित करने हेतु निर्देशित करे, जिससे विभाग व कर्मचारियों के बीच सद्भाव का वातावरण बना रहे।
बैठक में अशोक कुमार महामंत्री राजकीय नर्सेज संघ (State Nurses Association), डीडी त्रिपाठी अध्यक्ष डेन्टल हाइजनिस्ट एसो0 (Dental Hygienist Association), दिलीप महामंत्री एक्स-रे एसो0 उ0प्र0 (X-Ray Association), अनुराग मिश्रा महामंत्री आप्टोमेट्रिष्ट एसो0 (Optometrist Association), उ0प्र0, अनिल चौधरी महामंत्री प्रोवेन्सियल फिजियोथेरेपिस्ट एसो0 उ0प्र0 (Provincial Physiotherapist Association), एस0के0 पाठक अध्यक्ष व महामंत्री बी0 के0 सिंह महामंत्री प्रयोगशाला सहायक संघ उ0प्र0 (Laboratory Association), रमेश यादव अध्यक्ष सहायक मलेरिया अधिकारी संघ उ0प्र0 (Assistant Malaria Officer Union UP), परिषद के मीडिया प्रभारी सुनील कुमार, एल0 एसो0 के सचिव कमल श्रीवास्तव, बृज भूषण दीक्षित डार्क रूम सहायक संघ उ0प्र0 (Dark Room Assistant Union UP), सतीश यादव राजकीय कुष्ठ कर्मचारी संघ (State Leprosy Employees Union) आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।







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