











































बढ़ रहे कोरोना संक्रमण पर बैठक करते केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण
नयी दिल्ली। देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसी क्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 9 राज्यों में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान कोविड-19 की निगरानी, नियंत्रण और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की भी समीक्षा की गई।
केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, असम, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में या तो कोविड के नए मामलों में रोजाना वृद्धि हो रही है या सकारात्मकता बढ़ रही हैं। बैठक में डॉ. विनोद पॉल, सदस्य (स्वास्थ्य), नीति आयोग भी उपस्थित थे।
इन राज्यों में पिछले एक महीने में मामलों में वृद्धि के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए, डॉ. वी. के. पॉल ने दोहराया, “हमें इस बात का ध्यान रखना होगा कि कोविड अभी गया नहीं है। वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए हमें हाई अलर्ट पर रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोविड के मामलों में वर्तमान तेजी से गुजर रहे अनेक राज्यों में खराब निगरानी, खराब परीक्षण और औसत से कम टीकाकरण है। उन्होंने राज्यों से उच्च सकारात्मकता वाले क्षेत्रों में परीक्षण में सुधार करने, संशोधित निगरानी रणनीति के अनुसार निगरानी बढ़ाने और कोविड टीकाकरण में तेजी लाने का आग्रह किया।
केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कोविड नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण और प्रबंधन रणनीतियों को बिंदुवार रेखांकित किया:
यह बताया गया कि आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में प्रति मिलियन जनसंख्या पर औसत परीक्षण राष्ट्रीय औसत से कम है, जबकि मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और असम में आरटी-पीसीआर परीक्षणों की हिस्सेदारी काफी कम है और हिमाचल प्रदेश, केरल और पश्चिम बंगाल राज्यों में यह राष्ट्रीय औसत से बहुत कम है। इन राज्यों को आरटी-पीसीआर परीक्षणों की घटती प्रवृत्ति का तत्काल समाधान करने और प्रति मिलियन औसत दैनिक परीक्षणों में सुधार करने के लिए कहा गया।
डीजीएचएस, डॉ. सुनील गोयल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अपर सचिव , श्री गोपालकृष्णन, मंत्रालय में संयुक्त सचिव श्री लव अग्रवाल और मंत्रालय के अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य), मिशन निदेशक (एनएचएम) और राज्यों के राज्य निगरानी अधिकारियों ने भाग लिया।







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