











































लखनऊ। स्वास्थ्य-तकनीक स्टार्टअप, हेस्टैक एनालिटिक्स ने एक पैनल चर्चा का आयोजन किया जिसमें अग्रणी पल्मोनोलॉजिस्ट शामिल हुए ताकि भारत में टीबी की महामारी को खत्म करने के प्रयासों को तेज किया जा सके।
हेस्टैक एनालिटिक्स (Haystack Analytics) के सह-संस्थापक और सीईओ डॉ अनिर्वन चटर्जी (Dr. Anirvan Chatterjee) ने कहा, "अनिवार्य रूप से, भारत के सबसे बड़े और सबसे अधिक आबादी वाले राज्य, उत्तर प्रदेश (UP) में संख्या सबसे अधिक है। हेस्टैक एनालिटिक्स में हमारा लक्ष्य उन तकनीकों को नवोन्मेषी और सक्षम बनाना है जो वर्तमान डायग्नोस्टिक्स इकोसिस्टम (diagnostics ecosystem) में अंतराल और चुनौतियों को कम करती हैं। संपूर्ण जीनोम सीक्वेंसिंग टीबी का पता (Whole Genome Sequencing can detect TB) लगा सकता है और 'बहुत तेज दर से' डीएसटी प्रोफाइल (DST profiles) की भविष्यवाणी कर सकता है, जो टीबी के लिए समय-समय पर निदान और उचित उपचार को कम करने की भविष्य की क्षमता का प्रदर्शन करता है।
गौरतलब है कि हेस्टैक एनालिटिक्स के ओमेगा टीबी परीक्षण (Omega TB trial) का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने नई दिल्ली में बिरैक (BIRAC) के बायोटेक स्टार्टअप एक्सपो 2022 में किया था।
डॉ. रवि भास्कर (Dr. Ravi Bhaskar), प्रोफेसर, पल्मोनरी मेडिसिन (Pulmonary Medicine) विभाग, कैरियर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हॉस्पीटल्स ने कहा कि हेस्टैक एनालिटिक्स का 'ओमेगा टीबी’ टीबी रोगियों में दवा प्रतिरोध की तेजी से पहचान के लिए नेक्स्ट जेनरेशन सीक्वेंसिंग (NGS) प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए तपेदिक परीक्षण का एक संपूर्ण-जीनोम सीक्वेंसिंग है।
डॉ रजनीश कुमार श्रीवास्तव (Dr Rajnish Kumar Srivastava), एमडी पल्मोनरी मेडिसिन (स्वर्ण पदक), पीडीसीसी-इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी (SGPGI), सलाहकार पल्मोनोलॉजिस्ट - मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) ने कहा कि संपूर्ण जीनोम सीक्वेंसिंग टीबी का पता लगा सकता है और 'बहुत तेज दर से' डीएसटी प्रोफाइल की भविष्यवाणी कर सकता है, जो टीबी के लिए समय-समय पर निदान और उचित उपचार को कम करने की भविष्य की क्षमता का प्रदर्शन करता है।
डॉ. भानु प्रताप सिंह (Dr. Bhanu Pratap Singh), निदेशक और प्रेसिडेंट, मिडलैंड हेल्थ केयर एंड रिसर्च सेंटर ने कहा कि जीनोम सीक्वेंसिंग (डब्ल्यूजीएस) भारत में टीबी का पता लगाने और इलाज (TB detection and treatment) के लिए एक क्रांतिकारी, वन स्टॉप समाधान के रूप में उभर सकता है।
डॉ राजेंद्र प्रसाद (Dr Rajendra Prasad), निदेशक, चिकित्सा शिक्षा और प्रमुख, पल्मोनरी मेडिसिन, ईरा’ज़ लखनऊ मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में टीबी रोगियों (TB patients in UP) की संख्या भारत के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। यह भारत में टीबी के अधिसूचित मामलों की कुल संख्या के 20% से अधिक के लिए जिम्मेदार है। हेस्टैक एनालिटिक्स द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट की राज्य-वार अंतर्दृष्टि से पता चलता है कि यूपी 2019 से हर साल टीबी के करीब आधा मिलियन (पांच लाख) मामलों की रिपोर्ट कर रहा है।
बहुत मशहूर पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ राजेंद्र प्रसाद ने आगे कहा कि कोविड-19 महामारी (COVID-19 pandemic) ने देश भर में तपेदिक (टीबी) की रोकथाम और नियंत्रण में गंभीर शिथिलता पैदा कर दी है। लेकिन हेस्टैक एनालिटिक्स का संपूर्ण जीनोम परीक्षण जो हमें तेजी से परिणाम दे सकता है, यह सुनिश्चित करता है कि रोगियों को जल्द से जल्द दवाओं का सही संयोजन मिले।" संपूर्ण जीनोम सीक्वेंसिंग से तपेदिक (TB) से जुड़ी मौतों को कम किया जा सकता है और इससे टीबी की 18 तरह (18 types of TB drugs) की दवाओं के बारे में एक टेस्ट से ही पता चल जाएगा।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1533
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 791
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3619
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
ज़्यादातर महिलाओं को ये पता नहीं होता कि प्रेग्नेंसी में उन्हें क्या और कितना खाना चाहिए। सर्वे में
कनाडा में टीकाकरण के विरोध में शुरू हुआ ट्रक चालकों का विरोध प्रदर्शन अब फ्रांस और न्यूजीलैंड तक पहु
सम्पूर्ण विश्व की फेफड़े से जुड़ी संस्थायें ’’विश्व फेफड़ा दिवस’’ यानि ’’वर्ल्ड लंग डे’’ मना रही हैं और
हम सभी जानते हैं कि देर तक पानी में रहने या नहाने के बाद हाथ और पैर की त्वचा सिकुड़ जाती है लेकिन शा
मलेरिया निरीक्षकों की टीम जिले में मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने में जुटी हुई हैं, लेकिन लोगों की स
केजीएमयू पहुंच कर उपमुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया साथ ही मरीजों एवं उनके तीम
कोरोना से संक्रमित होने वाले लोगों की किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा ज्यादा पाया गया है। इसके चलते
सोमवार सुबह आई रिपोर्ट में एक्टिव केस का आंकड़ा 1282 तक पहुंच गया। 24 घंटे में प्रदेश में 176 नए संक
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय रिसर्च एंड बायोलॉजिकल साइंस डिपार्टमेंट ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
भारतीय दर्शन में कलाओं का बड़ा महत्व है और स्वस्थ जीवन के लिए 16 कला सम्पूर्ण होने की बात कही जाती। भ

COMMENTS