











































प्रतीकात्मक
लखनऊ। जीवन में मानसिक तनाव और शांति का अभाव इन सबसे बाहर आने का मात्र एक साधन है योग व प्राणायाम, इस दृष्टि से धन्वन्तरि सेवा संस्थान द्वारा पुराना दंत संकाय के.जी.एम.यू लखनऊ में सातवां अतंर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।

तन और मन को स्वस्थ्य रखने के लिए योग व प्राणायाम पर मार्गदर्शन देते हुए धन्वन्तरि सेवा संस्थान के अध्यक्ष व रेस्पिरेट्री विभाग के विभागाध्यक्ष के.जी.एम.यू के डॉक्टर सूर्यकांत ने बताया कि प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। यह सातवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है। इस योग का पूरे विश्व में प्रचार प्रसार करने का श्रेय हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। हमारे व्यक्तित्व में जो कुछ जोड़ दे उसे योग कहते हैं। वैसे तो योग के आठ सोपान होते हैं लेकिन तीन चीजें ज्यादा प्रयोग में लाई जाती हैं। आसन, ध्यान और प्राणायाम। आसन से हमारी मसल्स खुलते हैं, ज्वाइंट और शरीर मजबूत होता है, ध्यान से हमारा कंसन्ट्रेशन बढता है, मेमोरी बढता है. प्राणायाम हमारे फेफड़ों को मजबूत करता है।
वर्तमान समय में कोरोना महामारी में भी सबसे ज्यादा अटैक फेफड़ों में हुआ है। इसे सुरक्षित व मजबूत रखना बड़ी चुनौती है। इसलिए केवल प्राणायाम के द्वारा ही इसे मजबूत किया जा सकता है। प्राणायाम जरूर करिए क्योंकि यह फेफड़ों में आक्सीजन संग्रह करने की क्षमता को बढ़ाता है,हमारी श्वांस की नली को मजबूत करता है। प्राणायाम करते रहने से भविष्य में कभी वेंटीलेटर की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
संस्थान के सचिव डॉक्टर नीरज मिश्र(चिकित्सा अधीक्षक दंत संकाय, केजीएमयू) ने बताया कि आज अंतर्राष्ट्रीय योग के अवसर पर हमारी संस्था की ओर से लोगों को योग करने का संदेश दिया गया है। योग हमारी वैदिक परंपरा है इसका वैज्ञानिक प्रमाण भी हो चुका है कि यह हमारे तन और मस्तिष्क के लिए बहुत ही आवश्यक है इसलिए सभी लोगों को इसे अपने जीवन का एक हिस्सा मानकर करना चाहिए.। सभी स्वस्थ्य रहे, निरोगी रहे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संस्थान के संचालक अवधेश जी के मार्गदर्शन पर योग, आसन, और प्राणायाम का फिजिकल अभ्यास संपन्न हुआ। सहभागी बंधु और अन्य लोगों ने योग का अभ्यास किया है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 672
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार May 31 2026 0 0
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4018
एस. के. राणा January 20 2026 0 3913
एस. के. राणा January 13 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3892
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3577
एस. के. राणा February 01 2026 0 3255
एस. के. राणा February 04 2026 0 3122
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86413
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34133
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37278
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35014
लेख विभाग March 19 2022 0 34496
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71797
अपोलोमेडिक्स की व्यापक लिवर सेवाएं उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों में हर उम्र के लोगों के साथ-सा
डा. सूर्यकान्त आईएमए, लखनऊ के अध्यक्ष एवं उप्र आईएमए एकेडमी ऑफ मेडिकल स्पेशलिटीज के चेयरमैन रह चुके
प्रांतीय चिकित्सा सेवा ऑफिसर्स (रि०) वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री डॉ आर के सैनी ने हेल्थ जागरण से क
सरकारी आंकड़ों में बेशक डेंगू के मरीजों की संख्या कम हो लेकिन, प्राइवेट अस्पतालोंं में मरीजों की भरम
छह माह तक बच्चे को केवल माँ का दूध ही देना चाहिए लेकिन उसके बाद बच्चे के लिए माँ का दूध पर्याप्त नही
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि कोरोना संक्रमण कम होने का मतलब यह नहीं है कि हम सावधानी बरतना छोड़ द
प्रेडनिसोन, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के रूप में जानी जाने वाली दवाओं के एक वर्ग के अंतर्गत आता है और इसका
प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 10 और अब तक कुल 16,87,226 लोग कोविड-19 से ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में क
बर्ड फ्लू का प्रकोप भारत में कोई नई बात नहीं है। देश में 2015 से हर साल सर्दियों के दौरान बीमारी के
डॉ मोहम्मद सुहैब के अनुसार एमआरआई (MRI) अधारित प्लानिंग के साथ रेडियो थेरेपी इलाज के लिए ग्लोब अस्पत

COMMENTS