











































प्रतीकात्मक चित्र
नयी दिल्ली। यूरोप में बढ़ता तापमान असामान्य और गंभीर चिंता का विषय है। जिसको लेकर मौसम वैज्ञानिक चिंतित हैं। वर्ल्ड वेदर एट्रिव्यूशन नेटवर्क (World Weather Attribution Network) की एक स्टडी में वैज्ञानिकों ने पूरे विश्व के लिए चेतावनी जारी की है। स्टडी में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण पैटर्न को प्रभावित कर रहा है, जिससे दुनिया भर भीषण गर्मी की चपेट में है।
डब्ल्यूडब्ल्यूए ने 'यूके हीट वेव स्पेशल' पर शुक्रवार को अपना विश्लेषण प्रस्तुत किया है। उसमें कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी में 10 गुना का इजाफा होने की संभावना है। विश्लेषण किए गए मॉडल बताते हैं कि आज की अपेक्षा पूर्व-औद्योगिक समय (pre-industrial times) लगभग 1.2 डिग्री सेल्सियस ठंडा था। अब इसमें करीब दो डिग्री का इजाफा हो चुका है।
स्टडी में कहा गया है कि औसत वैश्विक तापमान में वृद्धि वायुमंडलीय और वैश्विक परिसंचरण (global temperature) पैटर्न को बदल रही है। इस वर्ष भारत और पाकिस्तान के साथ दुनिया के अगल-अगल हिस्सों में हीट वेव की श्रृंखला शुरू हुई। जुलाई के मध्य में ब्रिटेन में अत्यधिक गर्मी महसूस की गई और अब अमेरिका में गर्मी चिंता का विषय बन रही है।
डब्ल्यूडब्ल्यूए (WWA) की रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च व अप्रैल के महीने में भारत और पाकिस्तान में भीषण गर्मी पड़ी। यह मानव जनित जलवायु परिवर्तन (climate change) के कारण 30 गुना अधिक थी। इसके बाद 18 और 19 जुलाई को, हीट वेव (heat waves) ने ब्रिटेन के बड़े हिस्से को प्रभावित किया। यहां पहली बार 40 डिग्री सेल्सियस तापमान मापा गया।
यूरोप में 1911 के बाद सबसे शुष्क मानसून
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की तरह ब्रिटेन में भी प्री-मानसून (pre-monsoon) सीजन बेहद शुष्क था और यह लंबे समय तक ऐसा ही रहा। जुलाई 1911, बाद से इस साल ब्रिटेन में सबसे शुष्क मानसून था। रिपोर्ट के अनुसार हाल के महीनों में पूरे महाद्वीपीय यूरोप में सूखे की स्थिति भी व्यापक है।
भीषण गर्मी से बढ़ रहा मौत का आंकड़ा
यूरोप (Europe) में भीषण गर्मी ने लोगों के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। स्पेन-पुर्तगाल (Spain-Portugal) में बीते सात महीनों में 1000 लोगों की जान चली गई है। ब्रिटेन में बीते दिनों तापमान 41 डिग्री को पार कर गया था।







हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 504
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 441
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 364
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 315
हुज़ैफ़ा अबरार September 11 2026 0 98
हुज़ैफ़ा अबरार September 11 2026 0 63
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3402
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 637
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 504
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 462
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 441
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 364
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9072
एस. के. राणा January 20 2026 0 5607
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5397
एस. के. राणा February 01 2026 0 5334
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5292
एस. के. राणा January 13 2026 0 4921
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4879
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87309
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35365
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38426
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35910
लेख विभाग March 19 2022 0 35560
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73232
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में भी सप्ताह में 4 से 5 ऑपरेशन पित्त की पथरी के किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य के आंकलन द्वारा जाँच किए जाने के बाद तत्काल टेलीमेडिसिन और प्रेस्क्रिप्शन दिए जाएंगे। उद्घ
सबके मन में सवाल उठ रहें हैं कि नोएडा में 32 मंजिल और 29 मंजिल के दो सुपरटेक ट्विन टावर्स जब गिरेंगे
यह मिश्रण स्किन को एक्सफॉलिएट करने के साथ-साथ उसे नमी भी देगा जिससे स्किन निखरी हुई और सॉफ्ट दिखायी
लंपी वायरस पर प्रभावी नियंत्रण व बचाव के लिए पशुधन व दुग्ध विकास मंत्री ने टीम-9 का गठन करते हुए विश
सही समय पर सटीक जांच जन-जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता ही संक्रमण की कड़ियों को तोड़ने तथा रोग
अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों के मुकाबले भारत में ओमीक्रॉन से ज्यादा असर नहीं पड़ा। भारत के लोगों मे
डाइटिशियन, चिकित्सा क्षेत्र में चिकित्सक और मरीज के बीच आहार विशेषज्ञ एक पुल का काम करता है जो मरीज
गर्मी में अपने चेहरे, त्वचा की खास देखभाल करना बहुत जरूरी होता है। गर्मी में अपने स्किन को मुलायम, ख
मेरठ मेडिकल कॉलेज और मनोरोग विभाग, जिला अस्पताल ने जनवरी से जून के बीच आएं 2653 मरीजों की पड़ताल की

COMMENTS