











































मानसून में अपनी सेहत का रखें खास ख्याल
बारिश से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ गया है, ज्यादा तला भूना खाने से आपकी सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ता है, इसके अलावा कई हेल्दी चीजें भी होती है इस मौसम में जिसके खाने से आप बीमांर पड़ सकते है, इसलिए इस मौसम में हमें अपने खानपान का खास ध्यान रखना चाहिए।
1-हरी सब्जिया- Green vegetables
हेल्दी रहने के लिए हर कोई अपनी डाइट में हरी सब्जियां शामिल करते है, क्योकि सेहत के लिए हरी सब्जियां जरूरी होती है। वहीं इस मौसम में जरा संभलकर ही हरी सब्जियों का इस्तेमाल करें। बरसात के मौसम में बैक्टीरिया और फंगस इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। नमी के चलते हर चीज में बहुत जल्दी बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। ऐसे में कई सब्जियां हैं जिनके सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। पत्तेदार सब्जियों के बीच कीड़े-मकोड़े तेजी से पनपने लगते हैं। इसलिए हरी सब्जियां जैसे पत्ता गोभी, साग, पालक नहीं खानी चाहिए। बारिश के मौसम में इनको खाने से पेट खराब हो सकता है।
2- ऑयली चीजें ना खाएं- Do not eat oily things
खास तौर से बारिश के मौसम में तली और मसालेदार खाने से बचना चाहिए, क्योंकि तलाभुना खाना हमारी सेहत को बिगाड़ देता है, मसालेदार चीजे खाने से हमारा पाचन तंत्र बिगड़ जाता है और हमारी सेहत भी खराब हो जाती है। इस तरह का भोजन शरीर में फैट और पित्त बढ़ाता है जो कि शरीर के लिए बेहद हानिकारक होता है।
3- मशरूम- Mushroom
बारिश होते ही हमारे मन में कई तरह के व्यंजन आते है कि, आज कुछ स्पेशल पकाया जाए, लेकिन हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इस मौसम में ऐसी कई सब्जियां है जिनका सेवन हमें नहीं करना चाहिए। उन्हीं में से एक सब्जी है मशरूम। मशरूम गीली मिट्टी पर उगने वाली सब्जी है, जिसके चलते लोग ऐसा मानते हैं कि इसके जरिए कई तरह के बैक्टीरिया आपके शरीर के अंदर प्रवेश कर जाते हैं और इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है।
4- दही- Curd
कई लोगों की खाने के बाद दही खाने की आदत होती है और दही सेहत के लिए बहुत फायदेमंद भी होता है लेकिन क्या आप जानते है कि बरसात के मौसम में डेयरी प्रोडक्ट जैसे दही का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए? दही में भी बैक्टीरिया होता है जो इस मौसम में सेहत के लिए अच्छे नहीं माने जाते। आयुर्वेद के अनुसार, मानसून सीजन में बैक्टीरिया अधिक पनपते हैं, इसलिए बारिश में दही का अधिक सेवन सेहत बिगाड़ सकती है।
5- नॉनवेज- Nonveg
रोजाना नॉनवेज खाने से हमें कई तरह की समस्याएं हो सकती है। खासतौर पर जिन लोगों को दिल के संबंधित समस्याएं होती हैं उनके लिए भी नॉनवेज अच्छा नहीं होता है क्योंकि नॉनवेज को बनाने के लिए कई मसालों का और ज्यादा मात्रा में तेल का इस्तेमाल किया जाता है। अगर बार करें बारिश के मौसम की तो इस मौसम में हमारी पाचन क्रिया काफी कमजोर हो जाती है इसलिए ज्यादा भारी भोजन पचने में मुश्किल होती है।







हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 350
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3668
एस. के. राणा January 20 2026 0 3626
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3346
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2877
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33895
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
योजना से सम्बंधित कोई भी जानकारी फोन पर नहीं मांगी जाती, जैसे- आधार कार्ड नम्बर, सीवीवी या ओटीपी नं
नेशनल हेल्थ मिशन के निदेशक व अतिरिक्त सचिव विकास शील ने कहा, 'अब सीनियर सिटिजन, फ्रंटलाइन व हेल्थकेय
शुक्रवार को वीसी लॉज के सामने आयुर्वेद संकाय में पीजी की सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर छात्रों ने धरन
खुली जगह में अतिक्रमण कर अवैध डेरी संचालित है। दिन भर आवारा गोवंश का झुंड रहता है। वहीं, नगर निगम क
संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को कहा कि उसके पास इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि यूक्रेन किसी तरह का
कंपनी ने 31 अक्टूबर, 2020 को अमेरिकी नियामक के पास नयी दवा के लिए आवदेन (एनडीए) दिया था, जिसमें यह म
52 वायल जम गई थीं जिन्हें हटाकर दूसरी वैक्सीन मंगाई गई। वैक्सीन की खराबी की जांच के लिए दो सदस्यीय ज
गंजापन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपके सिर पर से बहुत ज्यादा बाल गिरते हैं, और आपका स्कैल्प स्पष्ट रूप
विश्व स्वास्थ्य संगठन की हैज़ा टीम के प्रमुख फ़िलिपे बारबोज़ा ने जिनीवा में एक प्रेस वार्ता में बताय
लोहिया संस्थान में इलाज के लिए आई युवती के हाथ-पैर सामान्य रुप से काम नहीं कर रहे थे। उसे बोलने में

COMMENTS