











































प्रतीकात्मक
लंदन। ब्रिटेन में कोरोना वायरस महामारी एक बार फिर खतरनाक रूप ले चुकी है। ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते गुरुवार को ब्रिटेन में कोविड-19 के दैनिक मामलों का नया रिकॉर्ड बना। ओमिक्रॉन संक्रमण के चलते नए मामले पहली बार 1 लाख के पार हो गए हैं। इसे देखते हुए ब्रिटिश नियामकों ने 5 से 11 साल के बच्चों में टीकाकरण के लिए फाइजर के टीके को इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।
ब्रिटेन : एक लाख से अधिक मामले (More than a million cases)
ब्रिटेन में पिछले सप्ताह कोरोना के अधिकतम केस 93,045 थे जो पिछले 24 घंटे में बढ़कर 1,06,122 हो गए हैं। कोरोना की पिछली लहर में ब्रिटेन में एक दिन में अधिकतम मामले 68,000 पहुंचे थे। इस कारण देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट (Omicron variant) को लेकर भी चिंता है। ब्रिटिश नियामकों (British regulators) ने 12 साल से कम उम्र के बच्चों को टीका लगाने का फैसला ऐसे वक्त में लिया है जब वहां की सरकार ने संक्रमितों के लिए जरूरी पृथकवास (Quarantine) की अवधि 10 दिन से घटाकर 7 दिन कर दी है।
डेल्टा से कम घातक है ओमिक्रॉन (Omicron is less lethal than Delta)
कोरोना का ओमिक्रॉन स्वरूप (Omicron variant) उसके डेल्टा स्वरूप (Delta variant) की तुलना में कम घातक यह है। यह बात ब्रिटेन की सरकार ने अपनी स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UKHSA) की ओर से गुरुवार को जारी नए विश्लेषण के आधार पर कही है। एजेंसी के अनुसार ओमिक्रॉन संक्रमण (infection) वाले लोगों में गंभीर लक्षण (symptom) विकसित होने की संभावना काफी कम होती है।
एजेंसी ने कहा है कि शुरुआती नतीजे बताते हैं कि डेल्टा के बजाय ओमिक्रॉन से संक्रमित होने वाले लोगों को अतिरिक्त देखभाल की 30 से 45 फीसदी तक जरूरत कम पड़ती है। उनके अस्पताल में भर्ती होने की संभावना भी 50 से 70 प्रतिशत तक कम होती है। निष्कर्ष यह भी दिखाते हैं कि कोरोना वैक्सीन (vaccine) की बूस्टर डोज (booster dose) का प्रभाव 10 सप्ताह के बाद कम हो जाता है, लेकिन इसके बाद भी विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि टीका ही इसके खिलाफ सबसे अच्छा बचाव का उपाय है।
यूकेएचएसए की मुख्य कार्यकारी (UKHSA Chief Executive) डॉ. जेनी हैरिस ने कहा कि ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है और कोविड-19 वैक्सीन इसके खिलाफ हमारा सुरक्षा कवच है। एजेंसी का विश्लेषण नवंबर की शुरुआत से यूके में ओमिक्रॉन और डेल्टा के सभी मामलों पर आधारित है, इस दौरान 132 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। ओमिक्रॉन की चपेट में आने के बाद 28 दिनों के भीतर 14 लोगों की मौत हुई।







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