











































लखनऊ। टीबी यूनिट जिला क्षयरोग केंद्र लखनऊ के अंतर्गत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणानुसार क्षयरोगियों को गोद लिए जाने की परंपरा (adoption programs) दिन ब दिन आगे बढ़ती जा रही है। पिछले छः महीने से टीबी मरीजों को एनएचएम (NHM) द्वारा इलाज के दौरान दिए जाने वाले पोषण भत्ते का वितरण नहीं हो रहा है तो ऐसे में उन्हें पोषण किट (nutrition kits) वितरण करके एक पुनीत कार्य किया जा रहा है। चूंकि दवा के साथ ही पोषण की आवश्यकता होती है इसीलिए इस प्रकार के गोद लिए जाने वाले कार्यक्रमों से मरीजों को पोषण की कुछ आवश्यकताओं की पूर्ति तो हो ही रही है।
गोद लेने के क्रम में डॉ पीसी सक्सेना, प्रधानाचार्य राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज (Ayurvedic Medical College) टुडियागंज तथा डॉ शकील अहमद, अधीक्षक किंग इंग्लिश चिकित्सालय, टुडियागंज के द्वारा मासिक पुष्टाहार (Monthly nutrition) वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ शकील अहमद, अधीक्षक ने कहा कि क्षयरोग (tuberculosis) के उपचार के साथ-साथ न्यूट्रिशन सपोर्ट/पौष्टिक आहार तथा मानसिक सपोर्ट हो तो ही हम बीमारी से ज्यादा मजबूती के साथ लड़ सकते हैं। दवाओं व सबके सहयोग के साथ हम सभी मिलकर प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के टीबी मुक्त भारत (TB free India) बनाने के अभियान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
डॉ पी सी सक्सेना, प्रधानाचार्य, राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज, टुडियागंज ने कहा कि टीबी का उपचार पूर्ण हो जाने के बाद आप समाज में तथा घर के आसपास टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों को उनकी स्वेच्छा से हमारे चिकित्सालय में भेज कर टीबी मुक्त भारत अभियान में जुड़कर सहयोग कर सकते हैं।
डॉ आर सी गुप्ता एमओटीसी टीबी यूनिट जिला क्षयरोग केंद्र लखनऊ तथा चिकित्सा अधिकारी किंग इंग्लिश चिकित्सालय टुडियागंज ने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज में टीबी (TB) के प्रति फैली हुई भ्रांतियों को समाप्त करने के लिए आगे आकर राष्ट्रीय कार्यक्रम में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम के दौरान अभय चंद्र मित्रा, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक ने सभी उपस्थित चिकित्सक एवं क्षयरोग का उपचार ले रहे मरीजों तथा उनके परिवारजनों से कहा कि सबसे अपेक्षा है कि किसी भी कार्यक्रम की सफलता तभी सुनिश्चित हो सकती है जब वह जन आंदोलन के रूप में परिणित हो। जैसे कि क्षय रोग गोद अभियान एक आंदोलन की तरह पूरे जिले में चल रहा है। डॉ कैलाश बाबू जिला क्षयरोग अधिकारी लखनऊ के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत निरंतर मासिक पुष्टाहार वितरण कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित हो रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान लोकेश कुमार वर्मा, जयप्रकाश, रामप्रताप, डॉ धर्मेंद्र कुमार, डॉक्टर आमिर, डॉ तबरेज तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया।







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