











































स्तन कैंसर प्रतीकात्मक चित्र
जेनेवा। स्तन कैंसर से निपटने के लिए एक केन्द्रित वैश्विक पहल के ज़रिये वर्ष 2040 तक 25 लाख ज़िंदगियों की रक्षा की जा सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ‘विश्व कैंसर दिवस के अवसर ये बातें कहीं।
संस्था के महानिदेशक डॉक्टर टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस (Dr Tedros Adhanom Ghebreyesus) कह कि कमज़ोर स्वास्थ्य प्रणालियों वाले देश स्तन कैंसर (breast cancer) के बोझ का वहन कर पाने में सबसे कम सक्षम हैं। इससे व्यक्तियों परिवारों समुदायों स्वास्थ्य प्रणालियों और अर्थव्यवस्थाओं पर भीषण दबाव पड़ता है। दुनिया भर के स्वास्थ्य मंत्रालयों और सरकारों को स्तनकैंसर के रोग को प्राथमिकता देना होगा। स्तन कैंसर की रोकथाम करने और ज़िंदगियाँ बचाने के लिए हमारे पास पर्याप्त उपकरण और ज्ञान (knowledge)है।
डब्लूएचओ (WHO) ने बताया कि हर 20 वर्ष 20 लाख से अधिक महिलाओं (women) में स्तन कैंसर की पुष्टि होती है जो कि विश्व भर में समस्त वयस्कों को प्रभावित करने वाले कैंसर (cancer) की सूची में सबसे आम बीमारी है।
1990 के बाद से अब तक सीमित संख्या में उच्च-आय वाले देश (high-income countries) स्तन कैंसर के कारण होने वाली मौतों में कमी लाने%20 में%20सफल हुए हैं लेकिन निर्धन देशों में समय परइस बीमारी का पता चल पाना एक बड़ी चुनौतीहै। यूएन स्वास्थ्य (UN health expert) विशेषज्ञ विशेषज्ञ डॉक्टर बेन्टे मिक्केलसेन ने जेनेवा में पत्रकारों को बताया कि निम्न और मध्य आय वाले देशों में स्तन कैंसर मामलों में जीवित बचने की दर 50 फ़ीसदी या उससे कम है। जबकि उच्च-आय वाले देशों में यह 90 प्रतिशत है।
डब्लूएचओ ने इस वर्ष विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) के अवसर पर स्वास्थ्य देखभाल व उपचार में पसरी इन विषमताओं की पृष्ठभूमि में वैश्विक स्तन कैंसर से होने वाली मौतों (deaths) में प्रति वर्ष 2.5% प्रतिशत की कमी लाने का लक्ष्य रखा है।
निदान व उपचार - Diagnosis and treatment
डॉक्टर टैड्रॉस ने बताया कि डब्लूएचओ मध्य-आय वाले देशों 70 देशों स्तन कैंसर के निदान और इलाज में सहयोग प्रदान कर रहा है। जिससे स्तन कैंसर का समय रहते पता लगाना सम्भव हो, और बेहतर ढँग से उपचार मुहैया कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि स्तन कैंसर के हर मरीज़ को एक कैंसर-मुक्त भविष्य की आशा प्रदान की जानी होगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान दर्शाते हैं कि वर्ष 2040 तक, दुनिया भर में हर साल 30 लाख से अधिक मामले और 10 लाख मौत होने की आशंका है। इनमें से 75 फ़ीसदी मौतें (deaths) निम्न- और मध्य-आय वाले देशों में होंगी।
इसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने देशों की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस पहल के तहत, सरकारों के लिए जो दिशानिर्देश तैयार किए हैं, वे मुख्यत: तीन स्तम्भों पर टिके हैं।







हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3465
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1232
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 721
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 518
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 476
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 420
हुज़ैफ़ा अबरार September 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9135
एस. के. राणा January 20 2026 0 5649
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
एस. के. राणा February 01 2026 0 5411
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5306
एस. के. राणा January 13 2026 0 4942
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87316
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35393
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35931
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73253
मरीज़ की अधिक उम्र रजोनिवृत्ति की स्थिति संरचनात्मक रूप से छोटा गर्भाशय और बार-बार आईवीएफ असफल रहने
सशस्त्र सेना चिकित्सा सामान डिपो 19 से 21 सितंबर तक 'आपूर्ति-2022' की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह त
किसी भी इंसान को हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक ब्लड का फ्लो धीमा या ब्लॉक हो जाए। यह ब्लॉकेज आर्टर
कोरोना वायरस का असर लोगों की शारीरिक और मेंटल हेल्थ दोनों पर पड़ा है। वहीं मनोरोग समेत अन्य समस्याओं
आईसीएमआर-एनआईआईएच ने हीमोफीलिया और खून से जुड़ी बीमारियों का पता लगाने के लिए रैपिड डायग्नोस्टिक किट
देश में अब तक ओमिक्रॉन के कुल 9,287 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले 24 घंटे में ओमिक्रॉन केस में लगभग
अध्ययन के अनुसार, कोरोना की चपेट में आने से छह माह पहले से इस दवा का उपयोग करने वाले टाइप-2 डायबिटीज
इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को 17 नवंबर 2022 तक का समय दिया गया है। इस भर्ती के माध्
मैं उन सभी लोगों से कोरोना वायरस का टीका लगवाने की अपील करता हूं, जो इसके पात्र हैं। आइए, हम सब मिलक
एक 18 वर्षीय लड़का लंबे समय तक ईयर फोन यूज करने के चलते बहरेपन का शिकार हो गया। दरअसल देर तक ईयर फोन

COMMENTS