











































मुल्तानी और शहद दोनों ही स्किन के लिए लाभदायक हैं। यह स्किन की कई बीमारियों को दूर करने का काम करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मुल्तानी मिट्टी में क्लींजिंग व कूलिंग गुण और एंटी माइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं। वहीं शहद में एंटीऑक्सीडेंट्स,एंटी बैक्टीरियल गुणों के साथ ही मॉश्चराइजिंग गुण मौजूद होते हैं। जब आप मु्ल्तानी मिट्टी में शहद मिलाकर लगाते हैं तो इससे स्किन की कई समस्याओं में छुटकारा मिलता है। चलिए हम आपको बताएंगे कि मुल्तानी मिट्टी किस तरह से आपकी स्किन के लिए फायदेमंद है।
मुंहासों के इलाज में है कारगर - Effective in treating acne
मुल्तानी मिट्टी मुंहासों के इलाज में कारगर है। ये पसीने, गंदगी और मृत त्वचा कोशिकाओं (skin cells) को हटाने का काम करती है। ये ब्लैकहेड्स (blackheads) और व्हाइटहेड्स (whiteheads) को भी हटाती है। अधिक तेल उत्पादन को नियंत्रित करती है। छिद्रों को कम और त्वचा को ठंडा रखती है। मुल्तानी मिट्टी में मौजूद मैग्नीशियम क्लोराइड मुंहासों को दूर करने में मदद करता है।
टैनिंग को करता है दूर - Removes tanning
अगर आप रोजाना मुल्तानी मिट्टी और शहद को मिलाकर लगाते हैं तो इससे चेहरे की रंगत में सुधार होता है और टैनिंग (tanning) दूर होती है। इसलिए अगर आप भी टैनिंग की समस्या से परेशान हैं तो आप रोजाना मुल्तानी मिट्टी (multani mitti)और शहद लगा सकते हैं।
चेहरे पर आता है ग्लो - Glow on face
मुल्तानी मिट्टी अधिक तेल, गंदगी और मृत कोशिकाओं (dead cells) को हटाने में मदद करती है। ये त्वचा को एक प्राकृतिक चमक प्रदान करती है। मुल्तानी मिट्टी में मौजूद आयरन (Iron) त्वचा को हल्का करते हैं और सूरज के संपर्क में आने से हुए नुकसान को ठीक करते हैं।
ऑयली त्वचा - Oily skin
विशेषज्ञों के अनुसार मुल्तानी मिट्टी में मैटिफाइंग गुण (mattifying properties) होते हैं जो त्वचा के तेल को संतुलित करते हैं और गंदगी को दूर करते हैं। ये तैलीय त्वचा (oily skin) के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, क्योंकि ये बंद रोमछिद्रों (clogged pores) को खोलने में मदद करता है। ये त्वचा से अधिक सीबम को अवशोषित करता है। एक अध्ययन के अनुसार मुल्तानी मिट्टी गंदगी को हटाती है और अधिक तेल को सोख लेती है।
पिग्मेंटेशन - Pigmentation
मुल्तानी मिट्टी त्वचा पर अपने शीतलन प्रभाव के कारण काले घेरे (dark circles) और सूरज की क्षति से लड़ने में मदद करती है। ये टैनिंग, पिग्मेंटेशन (pigmentation), सनबर्न, त्वचा पर चकत्ते और संक्रमण के खिलाफ प्रभावी है।







एस. के. राणा January 13 2026 0 3059
एस. के. राणा January 20 2026 0 2681
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 2618
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 2513
एस. के. राणा February 01 2026 0 2149
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 1890
एस. के. राणा February 04 2026 0 1883
सौंदर्य
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102019
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106393
सौंदर्या राय March 03 2023 0 106709
admin January 04 2023 0 106725
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97047
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85484
आयशा खातून December 05 2022 0 140161
लेख विभाग November 15 2022 0 109253
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158526
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109431
लेख विभाग October 23 2022 0 94170
लेख विभाग October 24 2022 0 97649
लेख विभाग October 22 2022 0 103365
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106263
श्वेता सिंह October 16 2022 0 100630
कई बार मरीजों द्वारा दी गई गलत या अधूरी जानकारी के कारण भी नुकसान का कारण बनती है, इन सभी को रोका जा
ब्लड कैंसर के मरीजों में रोगों से लड़ने की ताकत पहले से कम होती है। दवाओं के प्रभाव से मरीज में रोग
इसका उत्पाद नागपुर स्थित फैक्ट्री में किया जाएगा। IQVIA MAT दिसंबर 2020 के अनुसार, Droxidopa कैप्सूल
डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि अमेरिका में जहां प्राइमरी इम्युनोडेफिशिएंसी डिसऑर्डर पीआईडी के मामले
एकेटीयू के साइंटिस्ट्स ने मशीन लर्निंग और आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस के इस्तेमाल से मलेरिया की जांच को आ
एक दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान दादा परदारा के समय की है। इस कोरोनाकाल ने मौत का जो दौर दिखाया, व
सीएम योगी ने यूपी में में 35 नए एएनएम प्रशिक्षण केंद्र, ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग की सुविधा और तीन शह
आंकड़ों के अनुसार, अभी तक कुल 45,29,39,545 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 16,68,
कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 66 करोड़ और खुराकें क्रमश: 205 रुपये और 215 प्रति खुराक, के हिसाब से खरीदी
भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में स्वास्थ्य के प्रति सम्रग दृष्टिकोण अपनाया गया जो आज अधिक प्रा

COMMENTS