











































सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हैदरगढ़ का निरीक्षण करते उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक
लखनऊ। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तथा चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक अमेठी से लौटते समय अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हैदरगढ़ पहुंच गए। बाराबंकी जनपद में स्थित हैदरगढ़ अस्पताल में औचक निरीक्षण के समय डॉक्टर्स और कर्मचारी गायब मिले, पेयजल, बंद पड़ी ओटी, उगे झाड़ झंखाड़, आफिस रजिस्टर को देखकर मंत्री भड़क उठे और कुछ कर्मचारियों का वेतन काटने की संस्तुति कर दी।
आज औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री (Deputy Chief Minister Brijesh Pathak) भड़के भी लेकिन प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को एक नया संदेश दिया कि स्थानांतरण या निलम्बित करना विकल्प नहीं है और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
चिकित्सा स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह (Minister of State for Medical Health, Mayankeshwar Sharan Singh) के छोटे भाई का निधन होने पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक तिलोई, अमेठी पहुंचे थे जहां से वापस लौटते समय वह अचानक हैदरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (Haidergarh CHC) पहुंच गए और अनियमितता देख कर भड़क उठे।
सबसे पहले उन्होंने ओपीडी (OPD) में बैठे मरीजों से हाल चाल पूछा और फिर पेयजल के लिए सवाल उठाया। अस्पताल में अव्यवस्थाएं देखकर मंत्री भड़क उठे और सीएमओ तथा चिकित्सा अधीक्षक से फोन पर बात करते हुए कहा कि आप लोगों ने तो अस्पताल का बैंड बजा डाला।
मरीजों का हाल चाल पूछते हुए उन्हें अचानक अस्पताल (Community Health Center) में उगी हुई झाड़ झंखाड़ दिखाई दी जिसको लेकर वह खूब बरसे। सीएमओ (CMO) से फोन पर बात करते हुए उन्होंने जम कर फटकार लगाई और अस्पताल परिसर को साफ सुथरा रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद अस्पताल निरीक्षण करते हुए मंत्री बृजेश पाठक ऑपरेशन थियेटर (OT) पहुंच गए। ओटी से दुर्गंध आ रही थी और खिड़की दरवाजे टूटे हुए थे। इस पर उनका गुस्सा फिर फूट गया। इस बार उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक (medical superintendent) को फोन मिलाया जो संचारी रोग के प्रशिक्षण पर गए हुए थे। उन्होंने जब ओटी का हाल बताते हुए कारण पूछा तो अधीक्षक हीलाहवाली करने लगे, इस पर उन्होंने मौजूद डॉक्टर को फोन पकड़ा दिया और कहा कि डरो मत, ओटी का सही हाल बताओं।
इसके बाद मंत्री बृजेश पाठक ने अस्पताल के ड्यूटी रजिस्टर की पड़ताल की। कुछ डॉक्टर्स और स्टाफ मौजूद नहीं मिला, जिनका वेतन काटने का निर्देश उपमुख्यमंत्री ने दिया। फोन पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानांतरण या निलम्बित करना विकल्प नहीं है बल्कि आप लोग यह ध्यान रखें कि अस्पताल पहुंचे किसी भी व्यक्ति को निराश नहीं करना है।
तो इस प्रकार उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक और प्रयास किया है।







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