












































प्रतीकात्मक
लखनऊ| “प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान” के तहत वर्ष 2019 और वर्ष 2020 में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएँ मुहैया कराने के लिए जिले के ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य सुविधाओं के चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया | यह सम्मान समारोह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस(8 मार्च) की पूर्व संध्या पर रविवार को आयोजित किया गया | इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशक डा. मिथलेश चतुर्वेदी थीं |
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रसव पूर्व जांच के लिए वर्ष 2019 -20 का प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः ऐशबाग़, इंदिरानगर और इटौंजा सामुदायिक स्वास्थ केंद्र (सीएचसी ) को दिया गया | इसी श्रेणी में 2020-21 के लिए ऐशबाग, रानी अवंतिबाई जिला महिला चिकित्सालय और मोहनलालगंज सीएचसी को क्रमशः प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए पुरस्कृत किया गया |
ऐशबाग सीएचसी से डा.मंजू चौरसिया, रानी अवंतिबाई जिला महिला चिकित्सालय से डॉ. सुधा वर्मा, इटौंजा सीएचसी से डा.ए.के .दीक्षित, इंदिरा नगर सीएचसी से डा. रश्मि गुप्ता और मोहनलालगंज सीएचसी से डा. ज्योति कामले ने पुरस्कार ग्रहण किये |
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजय भटनागर , प्रजनन बाल स्वास्थ्य के नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अजय राजा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम)सतीश यादव, जिला समुदाय प्रक्रिया प्रबंधक विष्णु प्रताप और सभी स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे |
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को जानें :
यह अभियान प्रत्येक माह की नौ तारीख़ को मनाया जाता है | इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सभी गर्भवती को कम से कम एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ अथवा एमबीबीएस चिकित्सक की देख रेख में निःशुल्क गुणवत्तापरक जांच एवं उपचार से अच्छादित किया जाना है | इसके लिए सभी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर केन्द्रों पर काउंटर लगाकर गर्भवती का पंजीकरण, हीमोग्लोबिन की जांच, पेशाब की जाँच, सिफलिस और एचआइवी की जाँच, ग्लूकोस टोलेरेंस की जाँच की जाती है एवं अल्ट्रा साउंड निःशुल्क किया जाता है | साथ ही परिवार नियोजन के सम्बन्ध में परामर्श दिया जाता है | पहली बार प्रसवपूर्व जाँच कराने आयी गर्भवती का आरसीएच पोर्टल पर उसी दिन पंजीकरण किया जाता है | उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को चिन्हित कर मातृ शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड पर एचआरपी की मुहर लगा दी जाती है एवं एचआरपी महिलाओं के प्रसव की कार्ययोजना सहित रिकॉर्ड स्वास्थ्य इकाइयों पर सुरक्षित रखे जाते हैं | साथ ही गर्भवतियों के लिए जलपान व् फल आदि का वितरण किया जाता है | गर्भवती को अधिक दिक्कत न हो, भीड़ इकट्ठी न होने पाये, इसलिए अधिक से अधिक काउंटर बनाए जाते हैं |







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 406
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 196
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4641
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4585
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3759
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34714
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72462
समस्त संवर्ग के कर्मियों का स्थानांतरण मात्र निजी अनुरोध, परस्पर निजी अनुरोध, प्रशासनिक आधार पर ही
राज्यसभा के पूर्व सदस्य प्रो. एमवी राजीव गौड़ा ने कहा भारत इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम की व्
वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली छमाही में पिछले वर्ष 15.63 अरब डॉलर की तुलना में 18.07 अरब डॉलर का दवा
हाइब्रिड इम्यूनिटी उस अवधि को बढ़ाने में भी मदद कर सकती है जिसके पहले बूस्टर खुराक की आवश्यकता होती
झलकारी बाई अस्पताल के गेट के सामने शुक्रवार को महिला ने बच्चे को जन्म दिया। हालांकि, प्रसव के तुरंत
करीब 70 लाख खुराक एशिया में भारत, नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान, मालदीव, मलेशि
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद स्याहरिल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “युवक में पांच दिन बाद
टाइफाइड एक गंभीर बीमारी है, यह साल्मोनेला एन्टेरिका सेरोटाइप टाइफी बैक्टीरिया से होता है! यह साल्मोन
पूनावाला ने ट्वीट किया, ‘‘मुझे पता चला कि कोविशील्ड लेने वाले बहुत से भारतीयों को यूरोपीय संघ की यात
समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को दलित परिवार की एक गर्भवती महिला को बाहर निकाल दिया गया। जि

COMMENTS