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ब्रसेल्स। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा गर्भपात की वैधानिक मान्यता खत्म करने के फैसले के खिलाफ यूरोपीय संसद ने आवाज उठाई है। यूरोपीय संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की निंदा की है। यूरोपियन यूनियन (ईयू) में गहरा नैतिक प्रभाव रखने वाली संसद में अमेरिका की आलोचना असमान्य बात है।
गुरुवार रात यूरोपीय संसद ने इस बारे में निंदा प्रस्ताव को पारित कर दिया। प्रस्ताव के समर्थन में 324 सदस्यों ने वोट डाले। इसके खिलाफ 155 सदस्यों ने मतदान किया। यूरोपीय संसद के 38 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की निंदा के साथ ही यूरोपीय संसद ने यह मांग भी की है कि यूरोप में गर्भपात (abortion) को मौलिक अधिकार बना दिया जाए। ईयू के मौलिक अधिकार घोषणापत्र में इस अधिकार को शामिल करने की मांग गुरुवार को पारित हुए प्रस्ताव में ही शामिल है।
गर्भपात को मौलिक अधिकारों बनाने की मांग - Demand to make abortion a fundamental right
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने बीते महीने 1973 के अपने उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें गर्भपात को वैध ठहराया गया था। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला आने के बाद से दुनिया के अनेक देश उसकी निंदा कर चुके हैं। इजराइल और फ्रांस में तो गर्भपात के अधिकार को पुख्ता बनाने के कदम उठाए जा चुके हैं। अन्य कई देशों में भी ये मांग उठी है कि गर्भपात कराने को संविधान में दर्ज मौलिक अधिकारों का हिस्सा बनाया जाए, ताकि भविष्य में उसे खत्म करना संभव ना रहे। अब यूरोपीय संसद ने भी इस मांग में अपनी आवाज मिलाई है।

यूरोपीय संसद (European Parliament) के प्रस्ताव में अमेरिका में गर्भपात के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहीं महिलाओं के प्रति एकजुटता जताई गई। साथ ही अमेरिकी कांग्रेस (संसद) से अपील की गई कि वह गर्भपात को फिर से वैध बनाने के लिए संघीय स्तर पर जरूरी कानून पारित करे। प्रस्ताव में कहा गया- ‘ईयू के सदस्य देश गर्भपात की सुरक्षित, वैध, और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। वे प्रसव पूर्व और मातृ स्वास्थ्य, स्वैच्छिक परिवार नियोजन, युवा अनुकूल सेवाएं, और एचआईवी निरोधक इलाज की सुविधाएं भी बिना किसी भेदभाव के मुहैया कराते हैं।’ प्रस्ताव में कहा गया कि इन सब सेवाओं को अब कानूनी संरक्षण प्रदान करने की जरूरत है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना - Criticism of the decision of the US Supreme Court
यूरोप में महिला अधिकारों के समर्थक समूहों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उदारवादी थिंक टैंक रीन्यू यूरोप ग्रुप की अध्यक्ष स्टीफाने सयोर्ने ने कहा है- अमेरिका के उदाहरण ने यह साफ कर दिया है कि ईयू (EU) में गर्भपात अधिकार को सुरक्षित करने के लिए हमें हर जरूरी कदम उठाने चाहिए। स्वीडन की राजनेता हेलेन फ्रिट्जॉन ने कहा है- ‘अमेरिकी उदाहरण से हमें एक सबक मिला है- मानवाधिकारों (human rights) के मामले में कभी भी यह मानकर नहीं चला जा सकता कि हमें सुरक्षित रहेंगे। इसलिए हमें उनकी रक्षा की लड़ाई अवश्य लड़ते रहनी चाहिए।’







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