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कानपुर। एक पिता अपनी बेटी की आंते प्लास्टिक की बोतल में लेकर दर दर भटक रहा है। पिता को हर जगह से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। आरोप है कि बेटी का इलाज करवाने के लिए उसे अस्पताल मे भर्ती किया गया था। जहां पर उसकी आंते निकाल ली गई। उसके बाद हैलट अस्पताल (Hallet Hospital) ने उसे एक प्राइवेट अस्पताल (private hospital) रेफर कर दिया।
आलम यह है कि पिता अपनी बेटी की आंतों को एक प्लास्टिक की बोतल में लेकर दर-दर भटक रहा है। पिता का कहना है कि सीएमओ (CMO) ने आश्वासन दिया है कि इसके लिए टीम गठित कर दी गई है। जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी।
यूँ तो डॉक्टर को भगवान कहा जाता है लेकिन कानपुर का एक अस्पताल जोकि इस कहावत को झूठा साबित करने में लगा हुआ है पिता का कहना है कि सीएमओ ने आश्वासन दिया है कि इसके लिए टीम गठित कर दी गई है जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी वही पिता ने बताया कि कानपुर पुलिस का भी कहना है कि मामला स्वास्थ्य से संबंधित है इसलिए संबंधित विभाग (Relevant departments) ही इस पर कार्यवाही करेगा।







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