











































कोरोना वैक्सीनेशन की प्रतीकात्मक तस्वीर
नयी दिल्ली। कोरोना वायरस से जंग में केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकार ने कोरोना वायरस के खिलाफ दिए जाने वाले वैक्सीन पर सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी में छूट देने की घोषणा की है। कोविड-19 वैक्सीन पर कस्टम ड्यूटी में छूट 31 मार्च, 2023 तक रहेगी। इसी शुक्रवार 13 जनवरी को जारी नोटिफिकेशन में सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम ने कहा है कि कस्टम ड्यूटी में छूट शनिवार 14 जनवरी से लागू होगी और 31 मार्च, 2023 तक लागू रहेगी। सीबीआईसी बोर्ड ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस फैसले को जनहित में जरूरी बताया है। कस्टम ड्यूटी माफी से वैक्सीन की कम दाम पर मिलेंगे।
दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार (central government) कोविड-19 के खिलाफ उपलब्ध वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों से प्रीकॉशन डोज यानी बूस्टर डोज (booster dose) भी लगवाने की अपील कर रही है। हाल ही में सरकार ने नाक से दी जाने वाली भारत बॉयोटेक की नेजल वैक्सीन को बूस्टर डोज के तौर पर देने की अनुमति भी दी है। वैक्सीन की बुकिंग कराने वाले रजिस्ट्रेशन प्लेटफार्म को-विन (Co-Win) वेबसाइट के मुताबिक मौजूदा समय में देश में 2 अरब 20 करोड़ (2.2 बिलियन) से अधिक वैक्सीन के डोज लगाए जा चुके हैं।
सरकार के इस कदम से विदेश से अपने देश आने वाली इंपोर्टेड कोविड-19 वैक्सीन की कीमते कम होने की उम्मीद है। कस्टम ड्यूटी में छूट के एलान के बाद कोविशिल्ड वैक्सीन (covishield vaccine) तैयार करने वाली देश की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Institute of India) को राहत मिल सकेगी। सीरम इंस्टीट्यूट का प्लांट देश के एक खास इकोनॉमिक (economic) जोन पुणे में स्थित है। बता दें कि भारत में कुल 12 कोविड 19 वैक्सीन के इस्तेमाल करने की अनुमति है। जिनमें दो भारतीय वैक्सीन कोविशिल्ड और कोवैक्सीन भी शामिल है। रुस की वैक्सीन स्पूतनिक (Sputnik) को भी देश में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जा चुकी है। इसके अलावा दूसरे वैक्सीन भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं।







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